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राइसमिल के पट्टे में फंसकर व्यवसायी की मौत
Sun, 03 Feb 2019 11:39 PM IST
राकेश पांडेय
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 03 Feb 2019 11:39 PM IST
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बरवा कोटवा गांव में राइस मिल की चपेट में आने से जोगिंदर की मौत पर विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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कप्तानगंज। थाना क्षेत्र के बरवा कोटवा में राइसमिल के पट्टे में फंस जाने से व्यवसायी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई। युवक के घरवालों का रो रोकर बुरा हाल है।
बरवा कोटवा निवासी लालबचन सिंह के 30 वर्षीय पुत्र जोगिंदर सिंह इसी गांव में राइस मिल लगाकर परिवार का भरण पोषण करते थे।
शनिवार की रात करीब दस बजे धान की कुटाई के लिए इंजन चालू कर राइसमिल का पट्टा चढ़ा रहे थे। इसी बीच उनका मफलर पट्टे में फंस गया। उनका गला कस गया और पट्टा के संपर्क में आने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए। लोग उन्हें अस्पताल ले जाते, जोगिंदर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनकी मौत से घर में कोहराम मच गया।
जोगिंदर की पत्नी रंभा देवी, पुत्री नेहा (12) और पुत्र कार्तिक (8) जोर जोर से विलाप करने लगे। उनकी चीत्कार से आसपास खड़े लोगों की आंखें में भी नम हो जा रही थीं। शव का अंतिम संस्कार रविवार को सुबह गांव के निकट मौन नाले के किनारे किया गया। जोगिंदर की मौत से उनके परिवार के सामने भरण पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है।
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बरवा कोटवा निवासी लालबचन सिंह के 30 वर्षीय पुत्र जोगिंदर सिंह इसी गांव में राइस मिल लगाकर परिवार का भरण पोषण करते थे।
शनिवार की रात करीब दस बजे धान की कुटाई के लिए इंजन चालू कर राइसमिल का पट्टा चढ़ा रहे थे। इसी बीच उनका मफलर पट्टे में फंस गया। उनका गला कस गया और पट्टा के संपर्क में आने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए। लोग उन्हें अस्पताल ले जाते, जोगिंदर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनकी मौत से घर में कोहराम मच गया।
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जोगिंदर की पत्नी रंभा देवी, पुत्री नेहा (12) और पुत्र कार्तिक (8) जोर जोर से विलाप करने लगे। उनकी चीत्कार से आसपास खड़े लोगों की आंखें में भी नम हो जा रही थीं। शव का अंतिम संस्कार रविवार को सुबह गांव के निकट मौन नाले के किनारे किया गया। जोगिंदर की मौत से उनके परिवार के सामने भरण पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है।
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