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एसओ ने किया नायब तहसीलदार की कार का चालान
Tue, 25 Jun 2019 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2019 11:56 PM IST
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पड़रौना/खड्डा। नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने सोमवार देर शाम खड्डा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार की निजी कार का चालान कर दिया। इसे लेकर दोनों में नोकझोंक भी हुई। चालान का कारण कार चालक द्वारा सीट बेल्ट न लगाया जाना बताया जा रहा है। मंगलवार को इस संबंध में नायब तहसीलदार ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर एसओ पर नियम विरुद्ध तरीके से अधिक रकम वसूलने का आरोप लगाया और जांच की मांग की। वहीं इस मामले को लेकर राजस्व और पुलिस विभाग तनातनी बन गई है।
खड्डा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार अमित शेखर सोमवार शाम अपनी निजी कार से पडरौना की ओर जा रहे थे। कार उनका ड्राइवर सिंटू चला रहा था। जैसे की वे लोग नेबुआ नौरंगिया थाने के पास पहुंचे, वहां एसओ सुनील सिंह वाहनों की जांच कर रहे थे। पुलिस ने बिहार नंबर की मजिस्ट्रेट लिखी कार रोक ली। नायब तहसीलदार ने परिचय दिया, लेकिन पुलिस बिना सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई पर अड़ गई। इसे लेकर एसओ और नायब तहसीलदार में तीखी नोकझोंक भी हुई।
पुलिस ने एमबी एक्ट की धारा 119/177 के तहत चालक सिंटू के विरुद्ध 500 रुपये के जुर्माने रसीद काट कर रकम वसूूलने के बाद रसीद थमा दी। मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे नायब तहसीलदार ने एसओ नेबुआ नौरगिया पर निर्धारित शुल्क से अधिक जुर्माने की वसूली करने की वैधानिकता को चुनौती दी। नायब तहसीलदार ने एसओ पर अधिक रकम की वसूली का आरोप लगाते हुए एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। राजस्व व पुलिस के दो प्रमुख पदों पर तैनात लोगों के बीच इस तरह की झड़प और कार्रवाई को लेकर लोग हैरत में हैं। क्या सही और क्या गलत है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। वैसे एसडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि मामले में नोटिस जारी करके एसओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मामले को डीएम के संज्ञान में भी लाएंगे। डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल अभी प्रकरण की जानकारी नहीं है, लेकिन वाहन जांच के दौरान एसओ और नायब तहसीलदार के बीच तकरार होना गलत है। प्रकरण उनके संज्ञान में लाया गया तो मामले की जांच कराई जाएगी। एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि चाहे सरकारी गाड़ी हो अथवा प्राइवेट सभी के चालक सीट बेल्ट लगाएंगे। सरकारी कर्मचारी हो या अधिकारी या फिर आम आदमी। नियम सबके लिए समान है। 14 जून को अभी संशोधित दर आई है, उसके मुताबिक बगैर सीट बेल्ट गाड़ी चलाने पर 500 रुपये का जुर्मान ा वसूला जाएगा। एसओ की कार्रवाई सही है।
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खड्डा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार अमित शेखर सोमवार शाम अपनी निजी कार से पडरौना की ओर जा रहे थे। कार उनका ड्राइवर सिंटू चला रहा था। जैसे की वे लोग नेबुआ नौरंगिया थाने के पास पहुंचे, वहां एसओ सुनील सिंह वाहनों की जांच कर रहे थे। पुलिस ने बिहार नंबर की मजिस्ट्रेट लिखी कार रोक ली। नायब तहसीलदार ने परिचय दिया, लेकिन पुलिस बिना सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई पर अड़ गई। इसे लेकर एसओ और नायब तहसीलदार में तीखी नोकझोंक भी हुई।
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पुलिस ने एमबी एक्ट की धारा 119/177 के तहत चालक सिंटू के विरुद्ध 500 रुपये के जुर्माने रसीद काट कर रकम वसूूलने के बाद रसीद थमा दी। मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे नायब तहसीलदार ने एसओ नेबुआ नौरगिया पर निर्धारित शुल्क से अधिक जुर्माने की वसूली करने की वैधानिकता को चुनौती दी। नायब तहसीलदार ने एसओ पर अधिक रकम की वसूली का आरोप लगाते हुए एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। राजस्व व पुलिस के दो प्रमुख पदों पर तैनात लोगों के बीच इस तरह की झड़प और कार्रवाई को लेकर लोग हैरत में हैं। क्या सही और क्या गलत है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। वैसे एसडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि मामले में नोटिस जारी करके एसओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मामले को डीएम के संज्ञान में भी लाएंगे। डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल अभी प्रकरण की जानकारी नहीं है, लेकिन वाहन जांच के दौरान एसओ और नायब तहसीलदार के बीच तकरार होना गलत है। प्रकरण उनके संज्ञान में लाया गया तो मामले की जांच कराई जाएगी। एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि चाहे सरकारी गाड़ी हो अथवा प्राइवेट सभी के चालक सीट बेल्ट लगाएंगे। सरकारी कर्मचारी हो या अधिकारी या फिर आम आदमी। नियम सबके लिए समान है। 14 जून को अभी संशोधित दर आई है, उसके मुताबिक बगैर सीट बेल्ट गाड़ी चलाने पर 500 रुपये का जुर्मान ा वसूला जाएगा। एसओ की कार्रवाई सही है।
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