अस्पताल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने मचाया हंगामा
पटहेरवा थाना क्षेत्र के पगरा पड़री गांव के निवासी नीरज गिरि अपनी पत्नी सुधा देवी (21) को प्रसव पीड़ा होने पर 28 मार्च को फाजिलनगर सीएचसी पर ले आए थे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। आरोप है कि फाजिलनगर स्थित एक निजी अस्पताल का एक कर्मचारी झांसे में लेकर प्रसूता और उसके परिजनों को यहीं के निजी अस्पताल में लेकर चला गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि निजी अस्पताल के डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा को बचाने के लिए ऑपरेशन के एवज में 25 रुपये तय करके इलाज शुरू किया।
ऑपरेशन के बाद देर शाम जब प्रसूता सुधा देवी की हालत और बिगड़ने लगी तो उन्हें अस्पताल कर्मियों ने ग्लूकोज लगाकर गोरखपुर रेफर कर दिया। साथ में गाड़ी में बैठे अस्पताल के एक स्वास्थ्यकर्मी ने सुधा की मौत होने की बात बताई और उसे घर ले जाने को कहा। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार रात में ही कर दिया।
शनिवार को दोपहर में पहुंचे प्रसूता के घरवालों ने उस अस्पताल पर हंगामा शुरू कर दिया। वे सुधा की मौत के लिए अस्पताल के चिकित्सकीय स्टॉफ को दोषी बता रहे थे। सूचना पर चौकी प्रभारी फाजिलनगर राजीव कुमार सिंह मयफार्स मौके पर पहुंचे। तब तक अस्पताल संचालक फरार हो गया। मौके पर मौजूद एक कर्मचारी को पुलिस अपने साथ लेकर थाने चली गई।
इसके बाद सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी फाजिलनगर के चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश यादव, डॉ. संजय यादव, डॉ. अखिलेश कुमार, कार्यालय अधीक्षक महातम सिंह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सत्यप्रकाश श्रीवास्तव ने उस निजी अस्पताल को सील कर दिया।चौकी प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि अस्पताल का एक कर्मचारी पुलिस अभिरक्षा में है। मृतका के पति ने तहरीर दी है। इस मामले की जांच की जा रही है।
सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही फाजिलनगर सीएचसी के एमओआईसी को टीम के साथ मौके पर भेजा गया है। वहां संचालक या कोई डॉक्टर न मिलने के कारण अस्पताल को सील कर दिया गया है। जांच अभी चल रही है। उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।