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एक बेकसूर को टार्चर कर एनडीपीएस एक्ट में चालान करने का आरोप

Sat, 27 Apr 2019 12:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2019 12:05 AM IST
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एक बेकसूर को टार्चर कर एनडीपीएस एक्ट में चालान करने का आरोप
तीन पुलिसकर्मियों और डॉक्टर पर मुकदमा का आदेश
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विवेचक पर प्रताड़ना और चिकित्सक पर झूठी रिपोर्ट बनाने का आरोप
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी-प्रथम ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना (कुशीनगर)। दो दिन पहले 24 अप्रैल को बेकसूर को गांजा के साथ चालान करने और उसे जुर्म कुबूल करने के लिए प्रताड़ित करने के आरोप में न्यायाधीश ने शुक्रवार को विवेचक समेत तीन पुलिसकर्मियों के साथ ही डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम पर अर्थदंड भी लगाया है।
अधिवक्ता अनिल पति त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम विवेेकानंद शरण त्रिपाठी के न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई थी। आरोपी श्रवण यादव निवासी तरयासुजान खैरा टोला ने बताया कि 24 अप्रैल को पुलिस ने उसे 1.900 किलोग्राम गांजा रखने के आरोप पकड़ लिया था और एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया। न्यायाधीश के समक्ष उसने बताया कि पुलिस ने उसे चार दिन थाने में बंद कर बेरहमी से पीटा और गांजा की फर्जी बरामदगी दिखाई थी। यही नहीं, तमकुहीराज सीएचसी के डॉ. संजय कुमार ने मेडिकल रिपोर्ट में कोई चोट या दर्द न होने की बात बताई थी।
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अधिवक्ता के मुताबिक, श्रवण ने न्यायाधीश के समक्ष अपने साथ हुई नाइंसाफी की दास्तां सुनाई तो उन्होंने शर्ट उतरवाकर चेक किया। न्यायाधीश ने सीएमओ को उसी दिन मेडिकल बोर्ड गठित कर पुन: मेडिकल कराने का निर्देश दिया। बोर्ड की तरफ से कराई गई जांच में श्रवण के शरीर पर 17 चोटों के निशान मिले, जो तीन-चार दिन के अंदर के थे।
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उन्होंने बताया कि इसके बाद न्यायाधीश ने श्रवण को पर्सनल बांड पर छोड़ने का आदेश दिया और ताकीद की कि यदि न्यायालय तलब करे तो उसे आना होगा। साथ ही उसके पकड़ने वाले एसआई राघवेंद्र सिंह और कांस्टेबल शैलेश प्रताप सिंह पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है, जो दोनों को अपने मई माह के वेतन से देना होगा। झूठी मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले तमकुहीराज सीएचसी के डॉक्टर संजय कुमार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने झूठे आरोप में श्रवण को गिरफ्तार करने वाले एसआई राघवेंद्र कुमार एवं कांस्टेबल शैलेंद्र प्रताप सिंह और विवेचक लक्ष्मण सिंह की ओर से गलत तरीके से मुकदमे में फंसाने सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इस आदेश का पालन कराने के लिए उन्होंने एसपी और सीएमओ को आदेश की प्रति भेजने का निर्देश दिया है।
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बारे में जानकारी मिली है। कोर्ट के आदेशानुसार इस मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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