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Kushinagar News: 11 सूत्री मांगों के समर्थन में रसोइयों ने किया प्रदर्शन
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11 सूत्री मांगों के समर्थन में रसोइयों ने किया प्रदर्शन
मानदेय 10 हजार करने की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
पडरौना। आदर्श रसोइया सेवा समिति संगठन की सैंकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा।
मंडल संरक्षक पंकज शर्मा ने बताया कि बताया कि प्रदेश की रसोइयों का उत्पीड़न, शोषण गलत नीतियों के कारण हो रहा है। रसोइया का चयन सही तरीके से नहीं किया जाता है। बिना चेतावनी निकाल दिया जाता है। विद्यालय में सुबह नौ से तीन बजे तक रोककर काम लेना, विद्यालय की साफ-सफाई, फूल पत्तियों का रख-रखाव लोकसभा, विधानसभा, त्रिस्तरीय चुनाव, निकाय चुनाव में कार्य के बदले कुछ न दिया जाना, बीमार होने पर रसोइयों को छुट्टी नहीं दी जाती है।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजभर ने कहा कि रसोइयों को जीने लायक पारिश्रमिक, न्यूनतम वेतन मानदेय नहीं मिलता है। दो हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाता है। इस महंगाई के दौर में घर का खर्च नहीं चल पाता है। जिला उपाध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि रसोइयों का मानदेय दस हजार रुपये प्रतिमाह मिलना चाहिए। मई जून माह में रसोइयो की ओर से बनाए गए भोजन कार्य का बकाया मानदेय शिक्षामित्र, अनुदेशक की भांति दिया जाए। गीता ने कहा कि रसोइयों की सेवा पुस्तिका बनाई जाए, ताकि उनका कार्य एवं भविष्य सुरक्षित रह सके। इस दौरान सुदर्शन खरवार, पुष्पा, रूपा, चन्दा, दिनेश यादव, विद्यावती, सरस्वती, गीता, कुंती, बबिता, जनतीरा, सुशीला, मीना सहित अन्य रसोइया मौजूद रहीं।
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मानदेय 10 हजार करने की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
पडरौना। आदर्श रसोइया सेवा समिति संगठन की सैंकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा।
मंडल संरक्षक पंकज शर्मा ने बताया कि बताया कि प्रदेश की रसोइयों का उत्पीड़न, शोषण गलत नीतियों के कारण हो रहा है। रसोइया का चयन सही तरीके से नहीं किया जाता है। बिना चेतावनी निकाल दिया जाता है। विद्यालय में सुबह नौ से तीन बजे तक रोककर काम लेना, विद्यालय की साफ-सफाई, फूल पत्तियों का रख-रखाव लोकसभा, विधानसभा, त्रिस्तरीय चुनाव, निकाय चुनाव में कार्य के बदले कुछ न दिया जाना, बीमार होने पर रसोइयों को छुट्टी नहीं दी जाती है।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राजभर ने कहा कि रसोइयों को जीने लायक पारिश्रमिक, न्यूनतम वेतन मानदेय नहीं मिलता है। दो हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाता है। इस महंगाई के दौर में घर का खर्च नहीं चल पाता है। जिला उपाध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि रसोइयों का मानदेय दस हजार रुपये प्रतिमाह मिलना चाहिए। मई जून माह में रसोइयो की ओर से बनाए गए भोजन कार्य का बकाया मानदेय शिक्षामित्र, अनुदेशक की भांति दिया जाए। गीता ने कहा कि रसोइयों की सेवा पुस्तिका बनाई जाए, ताकि उनका कार्य एवं भविष्य सुरक्षित रह सके। इस दौरान सुदर्शन खरवार, पुष्पा, रूपा, चन्दा, दिनेश यादव, विद्यावती, सरस्वती, गीता, कुंती, बबिता, जनतीरा, सुशीला, मीना सहित अन्य रसोइया मौजूद रहीं।
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