Kushinagar News: तीन दोस्तों के शव देख बेहोश हो गया प्रकाश, बोला- भगवान ने मुझे क्यों छोड़ दिया
चारों दोस्तों के साथ गए प्रकाश को खरोंच तक नहीं आई। उसके सामने तीनों दोस्तों के शव पड़े रहे। वह सदमे से बाहर नहीं आ रहा था। वह पोस्टमार्टम के समय कह रहा था कि हम भी दोस्तों के साथ चले गए रहते। हम किससे बातें करेंगे। यह घटना जिंदगी भर सालती रहेगी।
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कुशीनगर जिले में हाटा कोतवाली क्षेत्र के फोरलेन हाईवे पर शनिवार की रात अनियंत्रित कंटेनर की चपेट में आने से तीन दोस्तों की मौत हो गई। उनके बिखरे चिथड़े देखकर कार में बैठा प्रकाश बेहोश हो गया। शनिवार की शाम पोस्टमार्टम हाउस पर तीनों दोस्तों के शव एंबुलेंस में रखते हुए वहां के लोगों की आंखें नम हो जा रही थीं।
घटनास्थल पर मौजूद रहे चौथे दोस्त प्रकाश ने बताया कि शनिवार को अचानक रोशन के मामा के लड़के की तबीयत खराब हुई। रोशन ने तत्काल नईम, सोनू व उसको फोनकर साथ चलने के लिए कहा। कार में प्रकाश और रोशन और उसके मामा के लड़के बैठ गए। बोलेरो में नईम और सोनू थे। रामनगर के एक अस्पताल में उपचार हुआ तो वहां के चिकित्सक ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
रात में गोरखपुर के एक अस्पताल में रोशन के मामा के लड़के को भर्ती करा दिया गया। उसके बाद वापस आ रहे थे। चारों दोस्त हाईवे के किनारे ढाबा देखने लगे। हाटा स्थित एक ढाबा खुला हुआ था। बोलेरो व कार सड़क के किनारे खड़ा करके खाने के लिए वे ढाबे पर चले गए।
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वहां से प्रकाश नमकीन और एक कोल्डड्रिंक लेकर वापस कार में बैठ गया। अन्य तीनों दोस्त खाने खाने लगे। 30 मिनट बाद खाना खाने के बाद तीनों दोस्त वापस गाड़ी में बैठने आ रहे थे। इसी बीच अनियंत्रित कंटेनर ने बोलेरो को टक्कर मारते हुए तीनों को कुचल दिया। इससे उनकी मौके पर मौत हो गई। चिथड़े बिखर गए। यह देखकर प्रकाश बेहोश हो गया। गाड़ी अंदर से लॉक थी। जब होश आया तो एंबुलेंस लगी हुई थी। प्रकाश ने बताया कि उसको खरोंच तक नहीं आई।
सोनू यादव की नवंबर में शादी थी
सड़क हादसे में सोनू यादव की मौत हो गई। उनकी शादी नवंबर में थी। इसके लिए घर में तैयारी चल रही थी। सोनू ठेकेदारी का काम करता था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही बिहार के 100 से अधिक लोगों ने सोशल साइट पर दुख प्रकट किया। उसमें लिखा कि वह समाजसेवी के रूप में लोगों की सेवा करते थे। क्षेत्र के लोग उनको सदैव याद रखेंगे।
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राइस मिल चलाता था रोशन
रोशन राइस मिल चलाकर परिवार का खर्च चलाता था। उसकी शादी 10 वर्ष पूर्व हुई थी। तीन बच्चे हैं। वह अपने बड़े बेटे को डाॅक्टर बनाना चाहता था। दूसरे को पुलिस विभाग में तीसरे को वकील बनाना चाहता था। उसकी पत्नी रो-रोकर कह रही थी कि अब उनका सहारा कौन बनेगा।
पेक्स का अध्यक्ष था नईम
नईम पेक्स समिति का अध्यक्ष था। वह किसानों से धान व गेहूं की खरीदारी करता था। प्रकाश ने बताया कि वह पहले भोजन कर लिया था। बोलेरो में बैठने से गैस की समस्या हो गई थी। इसीलिए वह ढाबे पर एक रोटी व कोल्डड्रिंक लिया था।
पोस्टमार्टम हाउस पर आए लोगों ने बताया कि क्षेत्र में इन चारों दोस्तों की मिसाल लोग देते थे। कुछ भी हो ये चारों एक साथ रहते थे। सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई। इससे तीनों के गांव में रविवार की शाम भोजन नहीं बना।
प्रकाश बोला, हम क्यों बच गए, साथ में हम भी मर गए रहते
चारों दोस्तों के साथ गए प्रकाश को खरोंच तक नहीं आई। उसके सामने तीनों दोस्तों के शव पड़े रहे। वह सदमे से बाहर नहीं आ रहा था। वह पोस्टमार्टम के समय कह रहा था कि हम भी दोस्तों के साथ चले गए रहते। हम किससे बातें करेंगे। यह घटना जिंदगी भर सालती रहेगी।