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खुशखबरी: कार्यदायी संस्था की तरफ से पिलर सहित अन्य कार्य हुए प्रारंभ
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण शुरू
जिला अस्पताल का इमरजेंसी गेट बंद, मुख्य गेट से होगा आवागमन
हॉस्पिटल भवन के दायरे में आने वाले काटे जाएंगे पेड़
टीबी अस्पताल और कार्डियो का भवन भी होगा ध्वस्त
जिला अस्पताल के बगल में बनेगा 250 बेड का मेडिकल कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिला अस्पताल के बगल में बनने वाले बहुप्रतीक्षित राजकीय मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल भवन का निर्माण बुधवार से प्रारंभ कर दिया गया। जिला अस्पताल में मरीजों के आने-जाने के लिए इमरजेंसी गेट से आवागमन बंद कर सिर्फ मुख्य गेट को खोला गया है। पहले दिन कार्यदायी संस्था के कर्मचारी भवन के फाउंडेशन सहित अन्य कार्य प्रारंभ कर दिए। बारिश के बावजूद कार्य जारी रहा। हालांकि बनने वाले भवन के दायरे में आने वाले अभी पेड़-पौधे काटे जाने हैं और टीबी अस्पताल व कार्डियो का भवन ध्वस्त भी कराया जाना है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में केंद्र सहायतित योजना (फेज-3) के अंतर्गत प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर मटिहनिया गांव में 13 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के लिए भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त सरकारी आवासों की अवशेष तीन एकड़ जमीन पर चिकित्सा कर्मियों का आवास और कलेक्ट्रेट के पीछे जिला अस्पताल से लगी लगभग दो एकड़ जमीन पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण होगा। इस कार्य में आड़े आ रहे टीबी हॉस्पिटन, हृदय रोगियों के आईसीयू सहित कुछ भवन तोड़े जाने हैं।
इससे पहले जिला अस्पताल से संबद्ध मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल का निर्माण बुधवार को शुरू कर दिया गया। यह हॉस्पिटल भवन कलेक्ट्रेट के पीछे जिला अस्पताल से लगी जमीन में होगा। बुधवार को कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी से जुड़े ठेकेदार और मजदूर पिलर सहित अन्य कार्य शुरू कर दिए। बुधवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट से आवागमन बंद कर दिया गया। जिला पंचायत वाले मार्ग अथवा सर्किट हाउस के सामने से गुजरने वाले मार्ग से होकर ही मरीज जिला अस्पताल में जा सकेंगे। मरीजों के आवागमन के लिए सिर्फ मुख्य गेट ही खोला गया है।
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मेडिकल कॉलेज के निर्माण में लागत
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर पुनरीक्षित लागत 320.2062 करोड़ रुपये है। एक दिसंबर-2020 को व्यय वित्त समिति की बैठक के बाद 281.4501 करोड़ रुपये शर्तों के साथ अनुमोदित कर दिए गए थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जो रामपुर मटिहनिया में निर्माण कार्य करा भी रही है। जिला अस्पताल से संबद्ध राजकीय मेडिकल कॉलेज नौ मंजिला प्रस्तावित है।
इमरजेंसी गेट की तरफ निर्माण कार्य शुरू हुआ है। इसलिए मरीजों और अस्पताल के स्टॉफ को आने जाने के लिए सिर्फ मुख्य गेट ही खोला गया है। यहां सिर्फ हॉस्पिटल बनेगा, मेडिकल कॉजेज का निर्माण पडरौना-कुबेरस्थान मार्ग पर रामपुर मठिया गांव में हो रहा है। हॉस्पिटल की प्रस्तावित जमीन में पड़ने वाले पेड़-पौधे काटे जाएंगे तथा कुछ भवनों को भी अभी ध्वस्त किया जाना है।
- डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल का इमरजेंसी गेट बंद, मुख्य गेट से होगा आवागमन
हॉस्पिटल भवन के दायरे में आने वाले काटे जाएंगे पेड़
टीबी अस्पताल और कार्डियो का भवन भी होगा ध्वस्त
जिला अस्पताल के बगल में बनेगा 250 बेड का मेडिकल कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिला अस्पताल के बगल में बनने वाले बहुप्रतीक्षित राजकीय मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल भवन का निर्माण बुधवार से प्रारंभ कर दिया गया। जिला अस्पताल में मरीजों के आने-जाने के लिए इमरजेंसी गेट से आवागमन बंद कर सिर्फ मुख्य गेट को खोला गया है। पहले दिन कार्यदायी संस्था के कर्मचारी भवन के फाउंडेशन सहित अन्य कार्य प्रारंभ कर दिए। बारिश के बावजूद कार्य जारी रहा। हालांकि बनने वाले भवन के दायरे में आने वाले अभी पेड़-पौधे काटे जाने हैं और टीबी अस्पताल व कार्डियो का भवन ध्वस्त भी कराया जाना है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में केंद्र सहायतित योजना (फेज-3) के अंतर्गत प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर मटिहनिया गांव में 13 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के लिए भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त सरकारी आवासों की अवशेष तीन एकड़ जमीन पर चिकित्सा कर्मियों का आवास और कलेक्ट्रेट के पीछे जिला अस्पताल से लगी लगभग दो एकड़ जमीन पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण होगा। इस कार्य में आड़े आ रहे टीबी हॉस्पिटन, हृदय रोगियों के आईसीयू सहित कुछ भवन तोड़े जाने हैं।
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इससे पहले जिला अस्पताल से संबद्ध मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल का निर्माण बुधवार को शुरू कर दिया गया। यह हॉस्पिटल भवन कलेक्ट्रेट के पीछे जिला अस्पताल से लगी जमीन में होगा। बुधवार को कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी से जुड़े ठेकेदार और मजदूर पिलर सहित अन्य कार्य शुरू कर दिए। बुधवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट से आवागमन बंद कर दिया गया। जिला पंचायत वाले मार्ग अथवा सर्किट हाउस के सामने से गुजरने वाले मार्ग से होकर ही मरीज जिला अस्पताल में जा सकेंगे। मरीजों के आवागमन के लिए सिर्फ मुख्य गेट ही खोला गया है।
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मेडिकल कॉलेज के निर्माण में लागत
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर पुनरीक्षित लागत 320.2062 करोड़ रुपये है। एक दिसंबर-2020 को व्यय वित्त समिति की बैठक के बाद 281.4501 करोड़ रुपये शर्तों के साथ अनुमोदित कर दिए गए थे। राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जो रामपुर मटिहनिया में निर्माण कार्य करा भी रही है। जिला अस्पताल से संबद्ध राजकीय मेडिकल कॉलेज नौ मंजिला प्रस्तावित है।
इमरजेंसी गेट की तरफ निर्माण कार्य शुरू हुआ है। इसलिए मरीजों और अस्पताल के स्टॉफ को आने जाने के लिए सिर्फ मुख्य गेट ही खोला गया है। यहां सिर्फ हॉस्पिटल बनेगा, मेडिकल कॉजेज का निर्माण पडरौना-कुबेरस्थान मार्ग पर रामपुर मठिया गांव में हो रहा है। हॉस्पिटल की प्रस्तावित जमीन में पड़ने वाले पेड़-पौधे काटे जाएंगे तथा कुछ भवनों को भी अभी ध्वस्त किया जाना है।
- डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल