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Kushinagar News: कनेक्टिविटी होगी बेहतर...बाढ़ से मिलेगी निजात
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रेलवे स्टेशन।
पडरौना। छितौनी-तमकुहीराज रेल परियोजना का निर्माण यूपी-बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। करीब 67 किलोमीटर की बनने वाली इस रेल लाइन से कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ यूपी-बिहार के सीमावर्ती इलाकों में व्यापार बढ़ेगा, जिससे दोनों प्रदेश के सीमावर्ती लोगों के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति मिलेगी।
चिह्नित जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि करीब 477 करोड़ की बजट वाले इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से क्षेत्र में माल ढुलाई, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
20 फरवरी 2007 को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने जटहा, मधुबनी, धनहा, खैरा टोला, पिपरही होते हुए तमकुहीरोड तक रेल लाइन बिछाने के 67 किमी लंबी रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना में 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी कार्य, 10 बड़े व 47 छोटे पुलों का निर्माण के साथ छितौनी से तमकुहीरोड के बीच पांच स्टेशनों के निर्माण का कार्य प्रस्तावित था।
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2024 में पहली बार इस परियोजना के लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान कर इसे संजीवनी देने का कार्य किया गया था, जबकि पिछले 2025 के बजट में इस परियोजना के लिए 477 करोड़ की धनराशि मंजूर हुई थी। इसके बाद इस परियोजना के पंख लगने शुरू हो गए। जानकार बताते हैं कि गोरखपुर-कप्तानगंज-पडरौना रेलखंड को तमकुहीरोड स्टेशन से जुड़ने से यूपी-बिहार के सीमावर्ती गांव के लोगों बीच आवागमन और माल ढुलाई आसान हो जाएगी। जटहां बाजार, अमवा खास, बिजपरवा, अमवा दिगर, रामपुर बरहन, धोकरहा, रामपुर जमुनिया, गौरी जगदीश, तिवारी पट्टी, रकबा हुकमा पट्टी पकड़ीयार पश्चिम पट्टी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, आयात-निर्यात और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। करीब 200 गांवों के निवासियों को आवगमन में बड़ी राहत मिलेगी। रेल लाइन बनने से सबसे अधिक लाभ क्षेत्र की कृषि उत्पादों, स्थानीय उद्योगों को मिलेगा। उन्हें व्यापारियों को सस्ती और तेज परिवहन सुविधा मिलेगी, इससे कुशीनगर और पश्चिमी चंपारण के बीच का व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होगा।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार, बेलवनिया क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर बिछाने के लिए स्लीपर (गाटर) गिराने का कार्य शुरू हो चुका है। जटहा के जरार गांव के पास मॉडल स्टेशन का निर्माण के लिए भूमि को चिह्नित किया जा चुका है।
इसके लिए पहले चरण में छितौनी से मधुबनी के बीच रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए पिपरासी सीमा से सटे कटाई भरपुरवा गांव के बेलवनिया क्षेत्र में स्लीपर गिराने का कार्य शुरू हो गया है, जबकि इसके पहले कई पुलों व जटहा के जरार गांव के पास मॉडल स्टेशन के निर्माण के लिए भूमि भी चिंह्नित की जा चुकी है। अब जब इस परियोजना के लिए तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के अमवा खाश, अमवा दिगर, बीजपटवा, धोकरहा,रामपुर जमुनिया,गौरी जगदीश, तिवारी पट्टी,रकबा दुलमा पट्टी और पकड़ीयार पश्चिम पट्टी आदि गांवों में भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है तो तमकुहीरोड के जंक्शन बनने का रास्ता साफ हो गया है, लोगों का कहना है कि क्षेत्र के गांव के रेल मार्ग से जुड़ने के बाद यूपी-बिहार सीमावर्ती गांव के लोगों को रेल यातायात, बाढ़, रोजगार जैसी बुनियादी असुविधाओं से निजात मिल जाएगी।
सेवरही ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि धनंजय तिवारी, पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल, रमेश ब्याहुत, गोविंद सिंह, अभिषेक शुक्ल, निखिल सोनी आदि का कहना है कि इस परियोजना के पूरा हो जाने से न केवल बाढ़ प्रभावित दियरा क्षेत्र विकास की मुख्य धारा से जुड़ जाएगा, बल्कि तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने से व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
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चिह्नित जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि करीब 477 करोड़ की बजट वाले इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से क्षेत्र में माल ढुलाई, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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20 फरवरी 2007 को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने जटहा, मधुबनी, धनहा, खैरा टोला, पिपरही होते हुए तमकुहीरोड तक रेल लाइन बिछाने के 67 किमी लंबी रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना में 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी कार्य, 10 बड़े व 47 छोटे पुलों का निर्माण के साथ छितौनी से तमकुहीरोड के बीच पांच स्टेशनों के निर्माण का कार्य प्रस्तावित था।
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2024 में पहली बार इस परियोजना के लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान कर इसे संजीवनी देने का कार्य किया गया था, जबकि पिछले 2025 के बजट में इस परियोजना के लिए 477 करोड़ की धनराशि मंजूर हुई थी। इसके बाद इस परियोजना के पंख लगने शुरू हो गए। जानकार बताते हैं कि गोरखपुर-कप्तानगंज-पडरौना रेलखंड को तमकुहीरोड स्टेशन से जुड़ने से यूपी-बिहार के सीमावर्ती गांव के लोगों बीच आवागमन और माल ढुलाई आसान हो जाएगी। जटहां बाजार, अमवा खास, बिजपरवा, अमवा दिगर, रामपुर बरहन, धोकरहा, रामपुर जमुनिया, गौरी जगदीश, तिवारी पट्टी, रकबा हुकमा पट्टी पकड़ीयार पश्चिम पट्टी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, आयात-निर्यात और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। करीब 200 गांवों के निवासियों को आवगमन में बड़ी राहत मिलेगी। रेल लाइन बनने से सबसे अधिक लाभ क्षेत्र की कृषि उत्पादों, स्थानीय उद्योगों को मिलेगा। उन्हें व्यापारियों को सस्ती और तेज परिवहन सुविधा मिलेगी, इससे कुशीनगर और पश्चिमी चंपारण के बीच का व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होगा।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार, बेलवनिया क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर बिछाने के लिए स्लीपर (गाटर) गिराने का कार्य शुरू हो चुका है। जटहा के जरार गांव के पास मॉडल स्टेशन का निर्माण के लिए भूमि को चिह्नित किया जा चुका है।
इसके लिए पहले चरण में छितौनी से मधुबनी के बीच रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए पिपरासी सीमा से सटे कटाई भरपुरवा गांव के बेलवनिया क्षेत्र में स्लीपर गिराने का कार्य शुरू हो गया है, जबकि इसके पहले कई पुलों व जटहा के जरार गांव के पास मॉडल स्टेशन के निर्माण के लिए भूमि भी चिंह्नित की जा चुकी है। अब जब इस परियोजना के लिए तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के अमवा खाश, अमवा दिगर, बीजपटवा, धोकरहा,रामपुर जमुनिया,गौरी जगदीश, तिवारी पट्टी,रकबा दुलमा पट्टी और पकड़ीयार पश्चिम पट्टी आदि गांवों में भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है तो तमकुहीरोड के जंक्शन बनने का रास्ता साफ हो गया है, लोगों का कहना है कि क्षेत्र के गांव के रेल मार्ग से जुड़ने के बाद यूपी-बिहार सीमावर्ती गांव के लोगों को रेल यातायात, बाढ़, रोजगार जैसी बुनियादी असुविधाओं से निजात मिल जाएगी।
सेवरही ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि धनंजय तिवारी, पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल, रमेश ब्याहुत, गोविंद सिंह, अभिषेक शुक्ल, निखिल सोनी आदि का कहना है कि इस परियोजना के पूरा हो जाने से न केवल बाढ़ प्रभावित दियरा क्षेत्र विकास की मुख्य धारा से जुड़ जाएगा, बल्कि तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने से व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।