फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Conducting ultrasound scans for everyone on a single day is difficult... Should I go to court or prepare the report?

Kushinagar News: एक ही दिन सबका अल्ट्रासाउंड जांच मुश्किल...कोर्ट जाऊं या बनाऊं रिपोर्ट

Thu, 06 Aug 2026 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 06 Aug 2026 01:35 AM IST
विज्ञापन
Conducting ultrasound scans for everyone on a single day is difficult... Should I go to court or prepare the report?
महिला डाक्टर से दिखाने के लिए कतार में लगी महिलाएं।संवाद
पडरौना। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच व्यवस्था सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे है। रोजाना सैकड़ों मरीजों का दबाव और आए दिन कोर्ट नोटिस से स्थिति बिगड़ गई है। रेडियोलॉजिस्ट का कहना है कि वे अस्पताल में मरीजों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करें या गवाही देने कोर्ट जाएं। इस अव्यवस्था से सर्वाधिक परेशान दूर से आने वाली गर्भवती महिलाएं हो रही हैं। घंटों इंतजार के बाद बिना जांच कराए लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जानकार बताते हैं कि मरीजों की भीड़ को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में तैनात रेडियोलाॅजिस्ट डॉ. बृजनंदन पर काम का दोहरा दबाव है। एक तरफ रोजाना 150 से 200 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच, तो दूसरी तरफ लीगल मामलों में रिपोर्ट तैयार करना और हर दूसरे दिन कोर्ट में जाना पड़ता है। जिस दिन रेडियोलॉजिस्ट को कोर्ट जाना पड़ता है, उस दिन अल्ट्रासाउंड जांच का काम ठप हो जाता है। सुबह सात बजे से ही कतार में खड़ी गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को दोपहर में यह कहकर लौटा दिया जाता है कि डॉक्टर साहब आज कोर्ट गए हैं। वहीं जिले में दूसरा कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं है, जहां अल्ट्रासाउंड जांच हो सके। इस स्थिति का सीधा फायदा निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को मिल रहा है। कुछ मरीज मजबूर होकर अधिक रकम खर्च कर निजी जांच सेंटरों तक पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

0
सुविधाओं के विस्तार पर नहीं दिख रही पहल
जिले में लाखों की आबादी के लिए एक सरकारी रेडियोलॉजिस्ट का होना विभाग की किरकिरी कर रहा है। मानक व मरीजों की तादाद के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में कम से कम दो से तीन रेडियोलॉजिस्ट होने चाहिए, ताकि रोटेशन के हिसाब से कोर्ट की डयूटी व ओपीडी का काम संभाला जा सके। कॉलेज प्रशासन के जिम्मेदार कहते रहते हैं कि डॉक्टरों की तैनाती व अल्ट्रासाउंड जांच के विस्तार के लिए मांग की जा रही है लेकिन शासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

0
अंदर का रिपोर्ट ठीक नहीं, बाहर से कराकर लाओ
-एमसीएच विंग के एक कक्ष में बुधवार को स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ मरीज देख रही थी। गर्भवती महिलाओं को अपना कार्ड देकर गोरखपुर अपने निजी अस्पताल में सिजेरियन के लिए बुला रही थी। इसके अलावा शहर के निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच के लिए भेज रही थीं। रामकोला से आई सुमन देवी ने बताया कि सात माह की गर्भवती हूं। अंदर से अल्ट्रासाउंड करा कर लाई हूं तो डाॅक्टर ने बताया कि रिपोर्ट ठीक नहीं हैं। रंभा देवी ने बताया कि प्रसव का समय पूरा हो गया है। डॉक्टर ने कहा है कि गोरखपुर निजी अस्पताल पर आओ। यहां ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। चंदा देवी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज नाम का है। सरकारी पर्ची पर डाॅक्टर अपना नाम लिख रही हैं और सभी दवाएं बाहर की लिख रही हैं। व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए।
-
लापरवाही पहले भी लग चुका है आरोप
मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर ने शहर के छावनी में एक निजी अस्पताल में गर्भवती महिला का ऑपरेशन किया। कुछ देर बाद गर्भवती की मौत हो गई थी। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ था लेकिन जांच की प्रक्रिया सुस्त कर दी गई और ढाई महीने बाद जांच टीम ने सीएमओ को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें विभागीय सांठगांठ से महिला डॉक्टर को क्लीनचिट मिल गई और निजी अस्पताल संचालक ने हाईकोर्ट की शरण ले ली।

-
अव्यवस्था से जूझते मरीज और तीमारदार बोले
सुबह ही घर से आ गई थी, ताकि समय से अल्ट्रासाउंड जांच हो जाए। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच को जरूरी बताया है। लेकिन दोपहर बाद करीब 1:0 बजे बताया गया कि जांच के लिए कल आइएगा। आज का कोटा पूरा हो चुका है। -रोशनी, खिरकिया
0
पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सुबह आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गया था। पर्ची पर डॉक्टर ने बाहर की दवाएं लिखी हैं। जांच के लिए घंटों इंतजार करने के बाद दोपहर बाद जांच रिपोर्ट दिए जाने के बाद गोरखपुर ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई है। -आसिफ,
0
डाक्टर की सलाह पर अल्ट्रासाउंड जांच कराने सुबह 9:30 बजे अस्पताल पहुंच गई थी। जवहां पहले से ही काफी पर्चियां लगी थीं। पर्ची लगाने की कोशिश की तो बताया गया कि अब कोई पर्ची जमा नहीं होगी। निर्धारित संख्या के मुताबिक पर्चियां जमा कर ली गई हैं। अब बृहस्पतिवार को जांच के लिए बुलाया गया। -चंदा देवी, बहादुरगंज
0
अल्ट्रासाउंड में जांच के लिए होने वाली मरीजों की भीड़ के चलते सुबह ही बस से अस्पताल आई तो यहां पहले से ही मरीजों व तीमारदारों से गैलरी भरी थी। किसी तरह पर्ची तो जमा हो गई लेकिन दोपहर 1:30 बजे स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि अब जांच के लिए बृहस्पतिवार को ही आना होगा। डॉक्टर साहब को कोर्ट जाना है। -संगीता देवी, जगन्नाथपुर


कोट:-
-अल्ट्रासाउंड में देरी होती है लेकिन बाहर जांच कराने और निजी अस्पताल पर ऑपरेशन के लिए बुलाना गलत है। इसके लिए पूर्व में डाॅक्टरों को चेतावनी दी जा चुकी है। अगर ऐसे डाॅक्टर नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। अल्ट्रासाउंड की बेहतर व्यवस्था के लिए रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। एसआर-जेआर से भी मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. केपी गोंड़, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed