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Kushinagar News: किस्त की रकम लेकर कंपनी का फील्ड अफ्सर फरार... महिलाएं बनीं कर्जदार
Sun, 29 Dec 2024 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 29 Dec 2024 12:00 AM IST
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पडरौना/हाटा। मााइक्रो फाइनेंस कंपनी का किस्त देने के बाद भी समूह की महिलाएं कागजों में कर्जदार हैं। एक कंपनी का फील्ड अफसर (एसएम) 50 से अधिक महिलाओं की 4.75 लाख की रकम लेकर फरार हो गया है। कंपनी के एजेंट इन महिलाओं पर कर्ज जमा करने का दबाव बना रहे हैं। मामला बढ़ता देख कंपनी के मैनेजर ने एसएम के खिलाफ हाटा कोतवाली में केस दर्ज कराया है। महिलाओं को कर्ज देने के दौरान इनके पहचान पत्रों में भी एजेंटों की ओर से हेराफेरी की बात सामने आ रही है।
हाटा कस्बा में भारत फाइनेंश्यिल इंक्लुजन लिमिटेड 100 प्रतिशत सब्सिडरी (इंडसइंड बैंक) संचालित होता है। गांवों में महिलाओं की समूह बनाकर बैंक की ओर से कर्ज दिया जाता है। अलग-अलग गांवों में 50 से अधिक महिलाओं को करीब एक साल पूर्व कर्ज दिया था। बैंक में बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के अमवा दीगर निवासी बृजेश कुशवाहा एसएम पद पर कार्यरत थे और फील्ड में समूह की महिलाओं से दिए गए कर्ज की किस्त वसूली करने के लिए हर सप्ताह जाते थे। 22 जून 2024 को बैंक मैनेजर को पता चला कि 4.75 लाख रुपये समूह की किस्त एसएम ने हड़प ली है और बैंक में जमा नहीं कर रहा है।
इसके बाद एसएम और समूह की महिलाओं पर बैंक के एजेंट किस्त जमा करने के लिए लगातार दबाव बनाने लगे। बैंक के रिकाॅर्ड में अभी भी समूह की महिलाएं कर्जदार बनी हैं। एजेंट बार-बार समूह की महिलाओं पर किस्त जमा करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसको लेकर महिलाओंं और एजेंट के बीच कहासुनी होने के साथ कई बार विवाद की नौबत आ गई। कर्मचारियों की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध हैं। मामला बढ़ता देख नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के चितहा गांव निवासी बैंक मैनेजर उमाशंकर राजभर ने एसएम बृजेश कुशवाहा और इसके घर वालों पर समूह का 4.75 लाख रुपये हड़पने का केस दर्ज कराया है।
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बैंक मैनेजर ने बताया कि विभागीय कार्रवाई के साथ साथ एसएम के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। समूह की महिलाओं पर किस्त के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। जब तक मामला विभागीय स्तर से खत्म नहीं हो जाएगा, तब तक महिलाओं पर कर्ज शो करेगा। इसका निस्तारण कराने का प्रयास चल रहा है। कोतवाल सुशील शुक्ला ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। मामला धोखाधड़ी से जुड़ा है। विवेचना में साक्ष्य जुटाया जा रहा है। पुराना मामला है।
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हाटा कस्बा में भारत फाइनेंश्यिल इंक्लुजन लिमिटेड 100 प्रतिशत सब्सिडरी (इंडसइंड बैंक) संचालित होता है। गांवों में महिलाओं की समूह बनाकर बैंक की ओर से कर्ज दिया जाता है। अलग-अलग गांवों में 50 से अधिक महिलाओं को करीब एक साल पूर्व कर्ज दिया था। बैंक में बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के अमवा दीगर निवासी बृजेश कुशवाहा एसएम पद पर कार्यरत थे और फील्ड में समूह की महिलाओं से दिए गए कर्ज की किस्त वसूली करने के लिए हर सप्ताह जाते थे। 22 जून 2024 को बैंक मैनेजर को पता चला कि 4.75 लाख रुपये समूह की किस्त एसएम ने हड़प ली है और बैंक में जमा नहीं कर रहा है।
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इसके बाद एसएम और समूह की महिलाओं पर बैंक के एजेंट किस्त जमा करने के लिए लगातार दबाव बनाने लगे। बैंक के रिकाॅर्ड में अभी भी समूह की महिलाएं कर्जदार बनी हैं। एजेंट बार-बार समूह की महिलाओं पर किस्त जमा करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसको लेकर महिलाओंं और एजेंट के बीच कहासुनी होने के साथ कई बार विवाद की नौबत आ गई। कर्मचारियों की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध हैं। मामला बढ़ता देख नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के चितहा गांव निवासी बैंक मैनेजर उमाशंकर राजभर ने एसएम बृजेश कुशवाहा और इसके घर वालों पर समूह का 4.75 लाख रुपये हड़पने का केस दर्ज कराया है।
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बैंक मैनेजर ने बताया कि विभागीय कार्रवाई के साथ साथ एसएम के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। समूह की महिलाओं पर किस्त के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। जब तक मामला विभागीय स्तर से खत्म नहीं हो जाएगा, तब तक महिलाओं पर कर्ज शो करेगा। इसका निस्तारण कराने का प्रयास चल रहा है। कोतवाल सुशील शुक्ला ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। मामला धोखाधड़ी से जुड़ा है। विवेचना में साक्ष्य जुटाया जा रहा है। पुराना मामला है।