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Kushinagar News: एक बार में 32 टीबी राेगियों के सैंपल की जांच करेगी कंपैक्ट सेल मशीन
Sun, 15 Oct 2023 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 15 Oct 2023 01:25 AM IST
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-जिला अस्पताल में करीब बीस लाख की लागत की लगाई गई मशीन
पडरौना। टीबी के लक्षण वाले रोगियों को बलगम जांच कराने के लिए अब इंतजार नहीं करना होगा। जिला अस्पताल में करीब बीस लाख की लागत से कंपैक्ट सेल मशीन लगाया जा रहा है। इससे एक बार में 32 बलगम के सैंपल की जांच इस मशीन से होगा। इससे काफी हद तक सहूलियत मिलेगा। ट्रूनेट और सीबी नॉट मशीन होने की वजह से जांच में देरी होती थी।
जिला अस्पताल में सीबी नॉट और ट्रूनेट मशीनें लगी थीं। टीबी के लक्षण वाले मरीजों के बलगम की जांच होता था। इसके अलावा जिले के छह सीएचसी पर ट्रूनेट मशीनें भी लगाई गई हैं, जो एक बार में दो और सीबी नॉट मशीन एक बार में चार सैंपल की जांच करती है।
टीबी के लक्षण वाले मरीजों का सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल में अधिक आता है। इसकी वजह से समय से जांच नहीं होने के कारण सैंपल खराब हो जाते थे और मरीजों को दोबारा सैंपल देना पड़ता था। मरीजों के दबाव को देखते हुए शासन से कंपैक्ट सेल मशीन भेजा गया है। इससे जांच करने में आसानी होगी क्योंकि यह ऑटोमेटिक मशीन है। सिर्फ सैंपल इसमें लगाना पड़ेगा। जांच पूरा होने के बाद मशीन हाॅर्न देने लगेगी। मरीजों को भी एक घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट भी दे दी जाएगी।
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युवाओं में बढ़ रहा टीबी का रोग
टीबी की चपेट में युवा और किशोर ज्यादे आ रहे हैं। अगस्त माह में 664 लोगों की जांच हुई, इसमें 31 युवकों में टीबी रोग निकला। जुलाई माह में 330 लोगों की जांच में इसमें 30 टीबी के मरीज मिले, जिसमें चार 13 साल के किशोर भी शामिल हैं। सितंबर महीने में 514 लोगों की जांच हुई, जिसमें 18 टीबी के रोगी मिले। युवाओं में टीबी का फैलना चिंताजनक है।
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- टीबी के लक्षण वाले अधिक मरीज अस्पतालों पर आते थे, ट्रूनेट और सीबी नॉट की मशीनों से एक दिन में चार से छह मरीजों की जांच होती थी। कंपैक्ट सेल मशीन से एक दिन में ढाई से तीन सौ सैंपलों की जांच होगी। इससे जिले का परफॉर्मेंस भी बेहतर होगा। बहुत जल्द इस मशीन से जांच शुरू हो जाएगी।
-डॉ. एसएन त्रिपाठी, जिला क्षय रोग अधिकारी
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पडरौना। टीबी के लक्षण वाले रोगियों को बलगम जांच कराने के लिए अब इंतजार नहीं करना होगा। जिला अस्पताल में करीब बीस लाख की लागत से कंपैक्ट सेल मशीन लगाया जा रहा है। इससे एक बार में 32 बलगम के सैंपल की जांच इस मशीन से होगा। इससे काफी हद तक सहूलियत मिलेगा। ट्रूनेट और सीबी नॉट मशीन होने की वजह से जांच में देरी होती थी।
जिला अस्पताल में सीबी नॉट और ट्रूनेट मशीनें लगी थीं। टीबी के लक्षण वाले मरीजों के बलगम की जांच होता था। इसके अलावा जिले के छह सीएचसी पर ट्रूनेट मशीनें भी लगाई गई हैं, जो एक बार में दो और सीबी नॉट मशीन एक बार में चार सैंपल की जांच करती है।
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टीबी के लक्षण वाले मरीजों का सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल में अधिक आता है। इसकी वजह से समय से जांच नहीं होने के कारण सैंपल खराब हो जाते थे और मरीजों को दोबारा सैंपल देना पड़ता था। मरीजों के दबाव को देखते हुए शासन से कंपैक्ट सेल मशीन भेजा गया है। इससे जांच करने में आसानी होगी क्योंकि यह ऑटोमेटिक मशीन है। सिर्फ सैंपल इसमें लगाना पड़ेगा। जांच पूरा होने के बाद मशीन हाॅर्न देने लगेगी। मरीजों को भी एक घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट भी दे दी जाएगी।
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युवाओं में बढ़ रहा टीबी का रोग
टीबी की चपेट में युवा और किशोर ज्यादे आ रहे हैं। अगस्त माह में 664 लोगों की जांच हुई, इसमें 31 युवकों में टीबी रोग निकला। जुलाई माह में 330 लोगों की जांच में इसमें 30 टीबी के मरीज मिले, जिसमें चार 13 साल के किशोर भी शामिल हैं। सितंबर महीने में 514 लोगों की जांच हुई, जिसमें 18 टीबी के रोगी मिले। युवाओं में टीबी का फैलना चिंताजनक है।
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- टीबी के लक्षण वाले अधिक मरीज अस्पतालों पर आते थे, ट्रूनेट और सीबी नॉट की मशीनों से एक दिन में चार से छह मरीजों की जांच होती थी। कंपैक्ट सेल मशीन से एक दिन में ढाई से तीन सौ सैंपलों की जांच होगी। इससे जिले का परफॉर्मेंस भी बेहतर होगा। बहुत जल्द इस मशीन से जांच शुरू हो जाएगी।
-डॉ. एसएन त्रिपाठी, जिला क्षय रोग अधिकारी