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Kushinagar News: बाढ़ में जलती सामुदायिक रसोई भूख के साथ मिटा रही सामाजिक भेदभाव की दीवार
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खड्डा (कुशीनगर)। बाढ़ जैसी आपदा के बीच खड्डा क्षेत्र में एक सामुदायिक रसोई लगातार जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार कर रही है। यह रसोई सिर्फ बाढ़ पीड़ितों की भूख मिटाने तक सीमित नहीं है बल्कि बिना किसी भेदभाव के लोगों को भोजन उपलब्ध कराकर सामाजिक समरसता का संदेश भी दे रही है।
करीब छह साल पहले तत्कालीन एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए इस पहल की शुरुआत की थी। बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित मरचहवा गांव में नाव के माध्यम से खाद्य सामग्री पहुंचाई गई थी। ग्राम प्रधान इजहार अंसारी की देखरेख में सामुदायिक भोजनालय शुरू हुआ। एसडीएम के आह्वान पर क्षेत्र के लोगों ने सहयोग किया और धीरे-धीरे यह पहल व्यवस्थित सामुदायिक रसोई के रूप में विकसित हो गई।
जनसहयोग से लगातार चल रही रसोई : शुरुआत में व्यक्तिगत प्रयास और जनसहयोग से संचालित यह व्यवस्था अब सरकारी सहायता के साथ जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के सहयोग से जारी है। इस वर्ष बाढ़ के दौरान खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने भी रसोई संचालन में सहयोग किया। नगर पंचायत छितौनी और खड्डा के प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय समाजसेवी भी इसमें योगदान दे रहे हैं।समय के साथ भोजन तैयार करने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार करने और व्यवस्था संभालने के लिए अब पेशेवर भंडारियों की मदद ली जा रही है। इससे भोजन तैयार करने और वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में सहूलियत हो रही है।
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करीब छह साल पहले तत्कालीन एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए इस पहल की शुरुआत की थी। बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित मरचहवा गांव में नाव के माध्यम से खाद्य सामग्री पहुंचाई गई थी। ग्राम प्रधान इजहार अंसारी की देखरेख में सामुदायिक भोजनालय शुरू हुआ। एसडीएम के आह्वान पर क्षेत्र के लोगों ने सहयोग किया और धीरे-धीरे यह पहल व्यवस्थित सामुदायिक रसोई के रूप में विकसित हो गई।
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जनसहयोग से लगातार चल रही रसोई : शुरुआत में व्यक्तिगत प्रयास और जनसहयोग से संचालित यह व्यवस्था अब सरकारी सहायता के साथ जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के सहयोग से जारी है। इस वर्ष बाढ़ के दौरान खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने भी रसोई संचालन में सहयोग किया। नगर पंचायत छितौनी और खड्डा के प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय समाजसेवी भी इसमें योगदान दे रहे हैं।समय के साथ भोजन तैयार करने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार करने और व्यवस्था संभालने के लिए अब पेशेवर भंडारियों की मदद ली जा रही है। इससे भोजन तैयार करने और वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में सहूलियत हो रही है।
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