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शीतलहर के साथ सर्द हवा ने बढ़ाई ठंड
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Mon, 01 Jan 2018 12:18 AM IST
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आग तापते लोग।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। वर्ष का अंतिम दिन आज हर दिन से ठंडा है। शीतलहर और साथ में चल रही सर्द हवा के चलते गलन बढ़ गई है। सड़कों पर आने-जाने वाले राहगीर ठिठुरे हुए हैं। बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग ठंड से बचने की कोशिश में हैं। जगह-जगह लोग आग के पास बैठकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
इस वर्ष खरमास प्रारंभ होने के पहले से ही कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। शीतलहर के चलते लोगों के अनेंक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि बीच में कुछ दिन धूप खिली है, लेकिन सर्वाधिक दिन ठंड पड़ने के कारण लोगों की दिनचर्या पर इसका काफी असर पड़ रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ठंड अधिक पड़ने की वजह से लोग इससे बचने के लिए तरह तरह के जुगत लगा रहा है।
इन दिनों रातें कोहरे की चादर में तो दिन में शीतलहर के कारण लोगों को अपनी विभिन्न जरुरतों से जनपद से बाहर या अन्यंत्र यात्रा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री हों या राहगीर, वे जगह-जगह कंबल या अन्य मोटे कपड़ों के बीच दुबके दिख रहे हैं।
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रात में कोहरे के बीच वाहनों के आवागमन में भी दिक्कतें हो रही हैं, क्योंकि जनपद से होकर गुजरने वाले एनएच सहित अन्य सड़कों से गन्ना लदे ओवरलोड वाहन और अन्य भारी वाहनों के जगह जगह खड़े रहने या इनके आने जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रह रही है। इस ठंड का असर मवेशियों पर भी पड़ रहा है।
शनिवार की रात जहां कोहरे में भी ठंडी हवाएं चलती रहीं, वहीं रविवार को सुबह से ही धूप नहीं हुई। शीतलहर के साथ गलन बढ़ जाने से लोगों को काफी दिक्कतें हुई। दिहाड़ी मजदूर और किसान अपने काम पर जाने से बचते रहे। वहीं रोज श्रम करके अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले रिक्शा चालकों, श्रमिकों तथा अन्य लोगों के लिए भी वर्ष का अंतिम दिन काफी कष्टदायी रहा।
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इस वर्ष खरमास प्रारंभ होने के पहले से ही कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। शीतलहर के चलते लोगों के अनेंक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि बीच में कुछ दिन धूप खिली है, लेकिन सर्वाधिक दिन ठंड पड़ने के कारण लोगों की दिनचर्या पर इसका काफी असर पड़ रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ठंड अधिक पड़ने की वजह से लोग इससे बचने के लिए तरह तरह के जुगत लगा रहा है।
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इन दिनों रातें कोहरे की चादर में तो दिन में शीतलहर के कारण लोगों को अपनी विभिन्न जरुरतों से जनपद से बाहर या अन्यंत्र यात्रा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री हों या राहगीर, वे जगह-जगह कंबल या अन्य मोटे कपड़ों के बीच दुबके दिख रहे हैं।
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रात में कोहरे के बीच वाहनों के आवागमन में भी दिक्कतें हो रही हैं, क्योंकि जनपद से होकर गुजरने वाले एनएच सहित अन्य सड़कों से गन्ना लदे ओवरलोड वाहन और अन्य भारी वाहनों के जगह जगह खड़े रहने या इनके आने जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रह रही है। इस ठंड का असर मवेशियों पर भी पड़ रहा है।
शनिवार की रात जहां कोहरे में भी ठंडी हवाएं चलती रहीं, वहीं रविवार को सुबह से ही धूप नहीं हुई। शीतलहर के साथ गलन बढ़ जाने से लोगों को काफी दिक्कतें हुई। दिहाड़ी मजदूर और किसान अपने काम पर जाने से बचते रहे। वहीं रोज श्रम करके अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले रिक्शा चालकों, श्रमिकों तथा अन्य लोगों के लिए भी वर्ष का अंतिम दिन काफी कष्टदायी रहा।