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Kushinagar News: ड्रेन और नाले की सफाई शुरू, जलनिकासी होगी आसान
Fri, 05 Jun 2026 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:42 AM IST
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मथौली। कस्बे के पास से गुजरे ड्रेन और नाले की साफ-सफाई शुरू हो गई है। काफी से समय से इसकी साफ-सफाई नहीं होने से इसमें झाड़-झंखाड़ उग आए थे, वहीं सफाई के अभाव में जाम पड़े ड्रेन और नालों से जलनिकासी की समस्या बनी रहती थी। इसकी सफाई कार्य पूरा होने के बाद आने वाले बरसात के समय कस्बा के लोगों को जलनिकासी की समस्या निजात मिली जाएगी।
क्षेत्र के मठिया उर्फ अकटहा सिवान से मथौली होते हुए मुडिला हरपुर तक जाने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबे ड्रेन की साफ-सफाई काफी समय से नहीं हुई थी। इसी तरह लक्ष्मीपुर सिवान से निकलकर मथौली होते हुए पकड़ी मदरहा तक जाने वाला करीब 3.5 किलोमीटर लंबा ड्रेन भी समय पर सफाई के अभाव में मिट्टी और कचरे से पट गया था। वहीं ड्रेन में गिरने वाले कस्बा के अलावा आसपास गांव के नालों की भी सफाई नहीं कराई गई थी। इसके चलते बरसात के दिनों में बारिश का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के खेतों में पानी भर जाता था, जिससे खेतों की फसल खराब हो जा रही थी। नगर पंचायत के ईओ सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात के दौरान ड्रेन से पानी का निकास सुचारु रूप से नहीं हो पाने के कारण किसानों की धान की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो जाती थीं। इसके अलावा खेतों में पानी भरे रहने से गेहूं की बुआई भी समय पर नहीं हो पाती थी। उन्होंने कहा कि ड्रेन की सफाई पूरी होने से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि में फसल को कोई खतरा नहीं होगा।
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क्षेत्र के मठिया उर्फ अकटहा सिवान से मथौली होते हुए मुडिला हरपुर तक जाने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबे ड्रेन की साफ-सफाई काफी समय से नहीं हुई थी। इसी तरह लक्ष्मीपुर सिवान से निकलकर मथौली होते हुए पकड़ी मदरहा तक जाने वाला करीब 3.5 किलोमीटर लंबा ड्रेन भी समय पर सफाई के अभाव में मिट्टी और कचरे से पट गया था। वहीं ड्रेन में गिरने वाले कस्बा के अलावा आसपास गांव के नालों की भी सफाई नहीं कराई गई थी। इसके चलते बरसात के दिनों में बारिश का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के खेतों में पानी भर जाता था, जिससे खेतों की फसल खराब हो जा रही थी। नगर पंचायत के ईओ सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात के दौरान ड्रेन से पानी का निकास सुचारु रूप से नहीं हो पाने के कारण किसानों की धान की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो जाती थीं। इसके अलावा खेतों में पानी भरे रहने से गेहूं की बुआई भी समय पर नहीं हो पाती थी। उन्होंने कहा कि ड्रेन की सफाई पूरी होने से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि में फसल को कोई खतरा नहीं होगा।
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