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Kushinagar News: टॉफी-बिस्कुट की दुकान की ‘पुड़िया’ से स्कूल-अस्पताल में सुलग रही चिलम
Wed, 16 Apr 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 16 Apr 2025 11:58 PM IST
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गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। असम, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश से बिहार होते हुए पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी में गांजा की खेप ले जाते समय जिले में भी इसकी डिलिवरी की जा रही है।गांजा असम, ओडिशा से बड़ी गाड़ियों से होते हुए जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग पर पार्सल की तरह सफेदपोशों के पास पहुंच रहा है। फिर बंडल वाली यही गांजा गांव में खुली टॉफी-बिस्कुट वाली गुमटियों तक पहुंचाई जा रही है। जहां से गांव के युवा इसे पुड़िया के नाम से 20, 50 और 100 में खरीदकर गांव-गांव खंडहर बने प्राचीन विद्या के मंदिर, विद्यालयों और अस्पतालों में गांजा के चिलम में भरकर धुआं उड़ा रहे हैं। गांव-गांव में पीने वालों की संख्या बढ़ी है, जिससे तस्कर जोखिम उठाकर पार्सल की तरह गांजे की डिलीवरी कर रहे हैं।
यूपी एसटीएफ ने सोमवार को मऊ और इटावा के तस्करों के पास से कंटेनर सहित लाखों का गांजा बरामद किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गांजा की खेप असम से लेकर भले ही पश्चिमी यूपी तक ले जाते हैं, लेकिन इसकी पार्सल रूप में डिलीवरी हाईवे 27 और 28 पर पहले से ही डीलिंग के मुताबिक व्यक्ति को की जाती है। सूत्र बताते हैं कि कुशीनगर में सख्ती होने पर देवरिया से निकलने वाले कंटेनर से गोपालगंज में ही गांजा की खेप की डिलीवरी कर दी जाती है। गांव-गांव में युवाओं में गांजा की मांग अधिक होने पर से जिले और आसपास के तस्कर मोटर बाइक, लग्जरी कार आदि माध्यमों से बंडलों में रखकर फुटकर विक्रेताओं तक पहुंचाते हैं। अधिकांश टॉफी-बिस्कुट, किराना और पान सहित अन्य छोटी दुकानों से ही गांजा को युवा ‘’पुड़िया’’ कोड शब्द देकर 10 से 50 रुपये देकर खरीदते हैं।
सूत्रों बताते हैं कि तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र का बरवा राजापाकड़, खुदरा अहिरौली आदि इलाका पूर्व में गांजा तस्करों का हब रहा है। आज भी इन जगहों से छोटे दुकान तक गांजा सप्लाई होती है। थाना क्षेत्र के कसया-सेवरही मुख्य मार्ग पर तुर्कपट्टी बाजार में एक पान मसाला की गुमटी में गांजा की पुड़िया बेची जाती है। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के विद्यालय, अस्पताल इन दिनों गांजा तस्करों का अड्डा बन गया है। यही नहीं गांजा की पुड़िया भी गांव के बाजारों में खुलेआम बेची जा रही है। े
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यूपी एसटीएफ ने सोमवार को मऊ और इटावा के तस्करों के पास से कंटेनर सहित लाखों का गांजा बरामद किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गांजा की खेप असम से लेकर भले ही पश्चिमी यूपी तक ले जाते हैं, लेकिन इसकी पार्सल रूप में डिलीवरी हाईवे 27 और 28 पर पहले से ही डीलिंग के मुताबिक व्यक्ति को की जाती है। सूत्र बताते हैं कि कुशीनगर में सख्ती होने पर देवरिया से निकलने वाले कंटेनर से गोपालगंज में ही गांजा की खेप की डिलीवरी कर दी जाती है। गांव-गांव में युवाओं में गांजा की मांग अधिक होने पर से जिले और आसपास के तस्कर मोटर बाइक, लग्जरी कार आदि माध्यमों से बंडलों में रखकर फुटकर विक्रेताओं तक पहुंचाते हैं। अधिकांश टॉफी-बिस्कुट, किराना और पान सहित अन्य छोटी दुकानों से ही गांजा को युवा ‘’पुड़िया’’ कोड शब्द देकर 10 से 50 रुपये देकर खरीदते हैं।
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सूत्रों बताते हैं कि तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र का बरवा राजापाकड़, खुदरा अहिरौली आदि इलाका पूर्व में गांजा तस्करों का हब रहा है। आज भी इन जगहों से छोटे दुकान तक गांजा सप्लाई होती है। थाना क्षेत्र के कसया-सेवरही मुख्य मार्ग पर तुर्कपट्टी बाजार में एक पान मसाला की गुमटी में गांजा की पुड़िया बेची जाती है। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के विद्यालय, अस्पताल इन दिनों गांजा तस्करों का अड्डा बन गया है। यही नहीं गांजा की पुड़िया भी गांव के बाजारों में खुलेआम बेची जा रही है। े
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