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Kushinagar News: बीएसए की जांच में कम मिले बच्चे
Wed, 05 Jul 2023 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 05 Jul 2023 12:31 AM IST
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शत-प्रतिशत उपस्थिति का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बीएसए ने मंगलवार को पडरौना क्षेत्र के दो उच्च प्राथमिक समेत पांच परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों के सापेक्ष उपस्थिति कम मिली। बीएसए ने शिक्षकों को नामांकन के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।
बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्या सबसे पहले सोखोपार स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां नामांकित 118 छात्र-छात्राओं में सिर्फ 38 विद्यार्थी उपस्थित मिले। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय नौका टोला, प्राथमिक विद्याल नरसर, संविलयन विद्यालय बहोरापुर और उच्चप्राथमिक विद्यालय नरसर का निरीक्षण किया। सभी विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बेहद कम रही। विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद कम होने पर चिंता जताते हुए बीएसए ने शिक्षकों से कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई चल रही है। विद्यालय के बच्चे अपने अभिभावकों के साथ उनके कार्य में हाथ बंटाते हैं। ्र
शिक्षको ने बताया कि कई अभिभावक तो ऐसे हैं, जो धान की रोपाई शुरू होने पर विद्यालय आकर बच्चों को ले जाते हैं। बीएसए ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्कूल के आसपास घर के लोगों से भी शिक्षक की तरफ से मिली जानकारी की पुष्टि की तो लोगों ने शिक्षकों की बात सही बताई। इस पर बीएसए ने कहा कि धान की रोपाई से अधिक महत्वपूर्ण बच्चों की पढ़ाई है। स्कूल समय में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजें, ताकि उनकी पढाई पर शिक्षक ध्यान दें सकें। उन्होंने सभी अभिभावकों से प्रतिदिन बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।
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पडरौना। बीएसए ने मंगलवार को पडरौना क्षेत्र के दो उच्च प्राथमिक समेत पांच परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों के सापेक्ष उपस्थिति कम मिली। बीएसए ने शिक्षकों को नामांकन के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।
बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्या सबसे पहले सोखोपार स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां नामांकित 118 छात्र-छात्राओं में सिर्फ 38 विद्यार्थी उपस्थित मिले। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय नौका टोला, प्राथमिक विद्याल नरसर, संविलयन विद्यालय बहोरापुर और उच्चप्राथमिक विद्यालय नरसर का निरीक्षण किया। सभी विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बेहद कम रही। विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद कम होने पर चिंता जताते हुए बीएसए ने शिक्षकों से कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई चल रही है। विद्यालय के बच्चे अपने अभिभावकों के साथ उनके कार्य में हाथ बंटाते हैं। ्र
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शिक्षको ने बताया कि कई अभिभावक तो ऐसे हैं, जो धान की रोपाई शुरू होने पर विद्यालय आकर बच्चों को ले जाते हैं। बीएसए ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्कूल के आसपास घर के लोगों से भी शिक्षक की तरफ से मिली जानकारी की पुष्टि की तो लोगों ने शिक्षकों की बात सही बताई। इस पर बीएसए ने कहा कि धान की रोपाई से अधिक महत्वपूर्ण बच्चों की पढ़ाई है। स्कूल समय में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजें, ताकि उनकी पढाई पर शिक्षक ध्यान दें सकें। उन्होंने सभी अभिभावकों से प्रतिदिन बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।
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