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Kushinagar News: तेज बुखार से बच्चे की मौत, सिपाही समेत तीन को डेंगू
Thu, 07 Sep 2023 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 07 Sep 2023 12:53 AM IST
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कुशीनगर। जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। तेज बुखार से पांच साल के एक बच्चे की मौत हो गई है, जबकि एक सिपाही समेत तीन लोगों का डेंगू वार्ड में अव्यवस्थाओं के बीच इलाज करा रहे हैं। हालांकि, जिस बच्चे की मौत हुई है, उसे स्वास्थ्य महकमा डेंगू का संदिग्ध मरीज मान रहा है। वार्ड में भर्ती मरीजों को मच्छरदानी तक मुहैया नहीं कराया गया है। मौसम में बदलाव के कारण जिला अस्पताल में बुखार के ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।
पिछले कई दिनों से चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती विशुनपुरा ब्लॉक के दुदही निवासी उदय सिंह के पांच वर्षीय बेटे विशुन की मौत हो गई है। वह कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था और उसमें डेंगू के लक्षण थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू से मौत न होने का दावा कर रहा है। इसके अलावा रामकोला के फरना गांव के निवासी 22 वर्षीय मोहित डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। दिल्ली से आने के बाद बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसी वार्ड में भर्ती मैनपुर तेजवलिया गांव के निवासी 30 वर्षीय सद्दाम हुसैन का इलाज भी चल रहा है। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही हैं। गाजीपुर सदर कोतवाली में इनकी तैनाती है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान तेज बुखार आया। दो दिन तक वहां इलाज कराए। आराम नहीं होने पर छुट्टी लेकर घर चले आए। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज चल रहा है। वार्ड में सफाई का अभाव है। मच्छरदानी और पानी की सुविधा नहीं है। मच्छरों से बचाव के लिए मरीजों को खुद मच्छरदानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। वार्ड में लगा एसी खराब है, जबकि पंखे की चाल भी धीमी है। इसलिए गर्मी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
शिकायत के बाद बुधवार को सुबह वार्ड में डॉ. उपेंद्र चौधरी राउंड पर गए। वार्ड में अव्यवस्था की शिकायत पर डॉक्टर ने सीएमएस से शिकायत की बात कही। इसी वार्ड में बिना उपयोग वाले सामान भी रखे गए हैं। जो मच्छरों का बसेरा बने हैं। इसके अलावा रामकोला के सोहरौना गांव निवासी अकूल का बेटा किशोर भी डेंगू से पीड़ित है।
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-चिल्ड्रेन वार्ड में जिस बच्चे की मौत हुई है, वह संदिग्ध था। उसे डेंगू नहीं हुआ था। वार्ड में दो मरीज भर्ती हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। वार्ड में क्या कमी है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मच्छरदानी तो उपलब्ध है। क्यों नहीं मरीजों को मिली है, वार्ड के इंचार्ज से पूछा जाएगा। जो भी कमियां होंगी, उन्हें दूर कर लिया जाएगा। -डॉ. एचएस राय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
चिल्ड्रेन वार्ड में तेज बुखार वाले बच्चे अधिक
चिल्ड्रेन वार्ड में विशुन की मौत के बाद भर्ती बच्चों के अभिभावकों में डर समा गया है। क्योंकि 28 बेड वाले वार्ड में 40 बच्चे भर्ती हैं। उनमें बुखार और डायरिया से ज्यादे पीड़ित हैं। पीकू वार्ड में भी तेज बुखार वाले गंभीर बच्चे भर्ती हैं। इसकी मॉनिटरिंग सीएमएस खुद कर रहे हैं। डॉक्टर इलाज के साथ तीमारदारों को बचाव के लिए भी सुझाव दे रहे हैं।
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एमसीएच विंग गेट पर भरा गंदा पानी-
-पीकू वार्ड के पीछे और 100 बेड के एमसीएच बिल्डिंग के सामने नाली का पानी भरा हुआ है। यह कई दिनों से एकत्र होने के कारण गंदगी बढ़ गई है। उठ रही दुर्गंध से आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल मरीज तो चले जा रहे हैं, लेकिन एंबुलेंस से आने या जाने वाले मरीजों को गंदे पानी में उतरना पड़ रहा है। करीब दस दिनों से जलभराव हुआ है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गेट पर मौजूद होमगार्ड बताते हैं कि एक तो दुर्गंध, दूसरे मच्छरों के काटने से यहां बैठना मुश्किल हो गया है।
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जिले में अभी तक डेंगू के 29 मरीज मिले-
जिला मलेरिया विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में जनवरी से अभी तक डेंगू के 29 मरीज मिले हैं। इनमें अधिकांश मरीज दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, गुजरात या अन्य शहरों से आए हैं। वहां से आने के बाद जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। जहां मरीज मिल रहे हैं, वहां मलेरिया इंस्पेक्टर पहुंचकर गांव में छिड़काव और ग्राम सभा की मदद से सफाई कराते हैं। परिवार के सदस्यों के अलावा आस-पास के लोगों के खून की जांच होती है।
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डेंगू बुखार का लक्ष्ण
-अचानक तेज बुखार होना, बदन में दर्द और अकड़न, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान होना, जी मिचलाना, उल्टी आना और दस्त होना डेंगू बुखार का प्रमुख लक्षण है। ऐसा होने पर डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
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डेंगू से बचाव का तरीका-
मच्छरदानी का उपयोग करें, घर में या आसपास पानी एकत्र न होने दें। कूलर का पानी रोज बदलें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरों से बचाने वाले कॉयल का प्रयोग करें। पेड़ पौधों के पास जाएं या घर के बाहर निकलें तो शरीर को ढक कर जूते मोजे पहन कर निकलें। पानी की टंकी को ढककर रखें।
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पिछले कई दिनों से चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती विशुनपुरा ब्लॉक के दुदही निवासी उदय सिंह के पांच वर्षीय बेटे विशुन की मौत हो गई है। वह कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था और उसमें डेंगू के लक्षण थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू से मौत न होने का दावा कर रहा है। इसके अलावा रामकोला के फरना गांव के निवासी 22 वर्षीय मोहित डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। दिल्ली से आने के बाद बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसी वार्ड में भर्ती मैनपुर तेजवलिया गांव के निवासी 30 वर्षीय सद्दाम हुसैन का इलाज भी चल रहा है। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही हैं। गाजीपुर सदर कोतवाली में इनकी तैनाती है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान तेज बुखार आया। दो दिन तक वहां इलाज कराए। आराम नहीं होने पर छुट्टी लेकर घर चले आए। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों का इलाज चल रहा है। वार्ड में सफाई का अभाव है। मच्छरदानी और पानी की सुविधा नहीं है। मच्छरों से बचाव के लिए मरीजों को खुद मच्छरदानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। वार्ड में लगा एसी खराब है, जबकि पंखे की चाल भी धीमी है। इसलिए गर्मी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
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शिकायत के बाद बुधवार को सुबह वार्ड में डॉ. उपेंद्र चौधरी राउंड पर गए। वार्ड में अव्यवस्था की शिकायत पर डॉक्टर ने सीएमएस से शिकायत की बात कही। इसी वार्ड में बिना उपयोग वाले सामान भी रखे गए हैं। जो मच्छरों का बसेरा बने हैं। इसके अलावा रामकोला के सोहरौना गांव निवासी अकूल का बेटा किशोर भी डेंगू से पीड़ित है।
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-चिल्ड्रेन वार्ड में जिस बच्चे की मौत हुई है, वह संदिग्ध था। उसे डेंगू नहीं हुआ था। वार्ड में दो मरीज भर्ती हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। वार्ड में क्या कमी है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मच्छरदानी तो उपलब्ध है। क्यों नहीं मरीजों को मिली है, वार्ड के इंचार्ज से पूछा जाएगा। जो भी कमियां होंगी, उन्हें दूर कर लिया जाएगा। -डॉ. एचएस राय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
चिल्ड्रेन वार्ड में तेज बुखार वाले बच्चे अधिक
चिल्ड्रेन वार्ड में विशुन की मौत के बाद भर्ती बच्चों के अभिभावकों में डर समा गया है। क्योंकि 28 बेड वाले वार्ड में 40 बच्चे भर्ती हैं। उनमें बुखार और डायरिया से ज्यादे पीड़ित हैं। पीकू वार्ड में भी तेज बुखार वाले गंभीर बच्चे भर्ती हैं। इसकी मॉनिटरिंग सीएमएस खुद कर रहे हैं। डॉक्टर इलाज के साथ तीमारदारों को बचाव के लिए भी सुझाव दे रहे हैं।
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एमसीएच विंग गेट पर भरा गंदा पानी-
-पीकू वार्ड के पीछे और 100 बेड के एमसीएच बिल्डिंग के सामने नाली का पानी भरा हुआ है। यह कई दिनों से एकत्र होने के कारण गंदगी बढ़ गई है। उठ रही दुर्गंध से आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल मरीज तो चले जा रहे हैं, लेकिन एंबुलेंस से आने या जाने वाले मरीजों को गंदे पानी में उतरना पड़ रहा है। करीब दस दिनों से जलभराव हुआ है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गेट पर मौजूद होमगार्ड बताते हैं कि एक तो दुर्गंध, दूसरे मच्छरों के काटने से यहां बैठना मुश्किल हो गया है।
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जिले में अभी तक डेंगू के 29 मरीज मिले-
जिला मलेरिया विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में जनवरी से अभी तक डेंगू के 29 मरीज मिले हैं। इनमें अधिकांश मरीज दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, गुजरात या अन्य शहरों से आए हैं। वहां से आने के बाद जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। जहां मरीज मिल रहे हैं, वहां मलेरिया इंस्पेक्टर पहुंचकर गांव में छिड़काव और ग्राम सभा की मदद से सफाई कराते हैं। परिवार के सदस्यों के अलावा आस-पास के लोगों के खून की जांच होती है।
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डेंगू बुखार का लक्ष्ण
-अचानक तेज बुखार होना, बदन में दर्द और अकड़न, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान होना, जी मिचलाना, उल्टी आना और दस्त होना डेंगू बुखार का प्रमुख लक्षण है। ऐसा होने पर डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
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डेंगू से बचाव का तरीका-
मच्छरदानी का उपयोग करें, घर में या आसपास पानी एकत्र न होने दें। कूलर का पानी रोज बदलें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरों से बचाने वाले कॉयल का प्रयोग करें। पेड़ पौधों के पास जाएं या घर के बाहर निकलें तो शरीर को ढक कर जूते मोजे पहन कर निकलें। पानी की टंकी को ढककर रखें।