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Kushinagar News: बीमा की रकम दिलाने के नाम पर नौ लाख की ठगी, पांच पर केस
Fri, 02 Feb 2024 03:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 02 Feb 2024 03:35 AM IST
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फाजिलनगर। पंजाब नेशनल बैंक से बीमा की रकम दिलाने के लिए जालसाजों ने करीब नौ लाख रुपये लेकर रफूचक्कर हो गए। जालसाज जब मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए तो पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स बचाने का झांसा देकर जालसाजों ने ठगी की है। आरोपी पुलिस की पहुंच से अभी दूर हैं।
चौराखास थाना क्षेत्र के सरैया महंथ पट्टी निवासी राधेश्याम जायसवाल पांच वर्ष पहले अपने पोते के नाम से पीएनबी बैंक में 50 हजार रुपये वार्षिक किस्त का मेटलाइफ बीमा कराया था। तीन वर्ष तक किस्त जमा की। कोरोना के चलते आगे की किस्त जमा नहीं कर सके। अगस्त में राहुल श्रीवास्तव नाम का व्यक्ति फोन कर अपने को बैंककर्मी बताया। पालिसी नंबर बताते हुए कहा कि आपके एजेंट ने बीमा सरेंडर करने का पत्र दिया है। अगर आपको बेहतर लाभ लेना है तो, अपने किस्त का बकाया रुपये जमा करते हुए अपनी आईडी जनरेट करा लीजिए।
जालसाज को बैंककर्मी समझ कर राधेश्याम ने उसके बैंक अकाउंट में दो लाख रुपये भेज दिया। आईडी जनरेट कराने के लिए एक लाख रुपये अलग से भेजा। इसके बाद विजय सिंह नाम का व्यक्ति फोन कर कहा कि आपका भुगतान 15 लाख से अधिक बना है। इसके लिए आपको इनकम टैक्स विभाग से 20 लाख की इनकम लिमिट बनवाने के साथ टीडीएस भी जमा करना पड़ेगा। इसके लिए चार किस्तों में 9,09,275 रुपये भेजने पड़ेंगे। विजय के अकाउंट में 9,09,275 जमा करा लिया। जालसाजों ने बताया कि एक सप्ताह में रुपये आपके बैंक अकाउंट में चले जाएंगे। एक सप्ताह बाद जब रुपये नहीं आए और उक्त मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो स्विच ऑफ बता रहा था। चौराखास के एसओ चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि बीमा दिलाने के नाम पर ठगी का मामला है। दो नामजद समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
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चौराखास थाना क्षेत्र के सरैया महंथ पट्टी निवासी राधेश्याम जायसवाल पांच वर्ष पहले अपने पोते के नाम से पीएनबी बैंक में 50 हजार रुपये वार्षिक किस्त का मेटलाइफ बीमा कराया था। तीन वर्ष तक किस्त जमा की। कोरोना के चलते आगे की किस्त जमा नहीं कर सके। अगस्त में राहुल श्रीवास्तव नाम का व्यक्ति फोन कर अपने को बैंककर्मी बताया। पालिसी नंबर बताते हुए कहा कि आपके एजेंट ने बीमा सरेंडर करने का पत्र दिया है। अगर आपको बेहतर लाभ लेना है तो, अपने किस्त का बकाया रुपये जमा करते हुए अपनी आईडी जनरेट करा लीजिए।
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जालसाज को बैंककर्मी समझ कर राधेश्याम ने उसके बैंक अकाउंट में दो लाख रुपये भेज दिया। आईडी जनरेट कराने के लिए एक लाख रुपये अलग से भेजा। इसके बाद विजय सिंह नाम का व्यक्ति फोन कर कहा कि आपका भुगतान 15 लाख से अधिक बना है। इसके लिए आपको इनकम टैक्स विभाग से 20 लाख की इनकम लिमिट बनवाने के साथ टीडीएस भी जमा करना पड़ेगा। इसके लिए चार किस्तों में 9,09,275 रुपये भेजने पड़ेंगे। विजय के अकाउंट में 9,09,275 जमा करा लिया। जालसाजों ने बताया कि एक सप्ताह में रुपये आपके बैंक अकाउंट में चले जाएंगे। एक सप्ताह बाद जब रुपये नहीं आए और उक्त मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो स्विच ऑफ बता रहा था। चौराखास के एसओ चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि बीमा दिलाने के नाम पर ठगी का मामला है। दो नामजद समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
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