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चैती छठ : व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य
Wed, 25 Mar 2026 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:57 AM IST
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सेवरही में चैती छठ पर्व पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती व्रती महिलाएं।संवाद
- फोटो : Self
तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र की महिलाओं ने संतानों की लंबी उम्र की कामना को लेकर मंगलवार को निर्जल उपवास रखा और शाम को छठ घाट पहुंचीं। छठ माता की पूजा अर्चना कर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। बुधवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिन से चला आ रहा चैती छठ व्रत का समापन हो जाएगा।
सेवरही क्षेत्र में लोक आस्था का चैती छठ पर्व मंगलवार को बड़े आस्था व भक्ति से मनाया गया। इस पर्व का आरंभ 22 मार्च को नहाय खाय के साथ हुआ था। इस पर्व को लेकर महिलाओं ने मंगलवार को निर्जला उपवास रखा और शाम को ...केरवा जे फरेला घवद में, ओहि पर सुग्गा मेडराय.. जैसे परंपरागत छठ महिमा के गीत गाती हुई छठ घाटों पर पहुंचीं। वहां गन्ना, केला, नारियल, कच्ची हल्दी, कच्ची अदरक, मूली, अनन्नास सहित अन्य मौसमी फल एवं पूजा सामग्री से छठ वेदियों पर पूजा अर्चना कीं। इसके बाद शाम को महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर संतानों के लंबी उम्र की कामना की। यह पर्व शिवा घाट, दमकला घाट, गौरी घाट, गोला घाट, मलाही घाट, पिपरा घाट सहित शिव मंदिर पोखरा, महाबीर नगर, कतौरा, रानीगंज, राजपुर खाश, ब्रह्मपुर, पिरोजहा, राजपुर बगहा, मिश्रौली, जगदीशपुर, दाहुगंज, जंगलीपट्टी, सुमही संतपट्टी स्थित सभी छठ घाटों पर बड़े आस्था व भक्ति के साथ मनाया गया। मान्यता है कि इसमें निर्जला उपवास रख कर छठ माता की विधि विधान से पूजा करने से संतानों की लंबी उम्र की कामना पूर्ण होती है।
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सेवरही क्षेत्र में लोक आस्था का चैती छठ पर्व मंगलवार को बड़े आस्था व भक्ति से मनाया गया। इस पर्व का आरंभ 22 मार्च को नहाय खाय के साथ हुआ था। इस पर्व को लेकर महिलाओं ने मंगलवार को निर्जला उपवास रखा और शाम को ...केरवा जे फरेला घवद में, ओहि पर सुग्गा मेडराय.. जैसे परंपरागत छठ महिमा के गीत गाती हुई छठ घाटों पर पहुंचीं। वहां गन्ना, केला, नारियल, कच्ची हल्दी, कच्ची अदरक, मूली, अनन्नास सहित अन्य मौसमी फल एवं पूजा सामग्री से छठ वेदियों पर पूजा अर्चना कीं। इसके बाद शाम को महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर संतानों के लंबी उम्र की कामना की। यह पर्व शिवा घाट, दमकला घाट, गौरी घाट, गोला घाट, मलाही घाट, पिपरा घाट सहित शिव मंदिर पोखरा, महाबीर नगर, कतौरा, रानीगंज, राजपुर खाश, ब्रह्मपुर, पिरोजहा, राजपुर बगहा, मिश्रौली, जगदीशपुर, दाहुगंज, जंगलीपट्टी, सुमही संतपट्टी स्थित सभी छठ घाटों पर बड़े आस्था व भक्ति के साथ मनाया गया। मान्यता है कि इसमें निर्जला उपवास रख कर छठ माता की विधि विधान से पूजा करने से संतानों की लंबी उम्र की कामना पूर्ण होती है।
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