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Kushinagar News: तिब्बत मंदिर की हीरक जयंती पर शतायु बुजुर्ग सम्मानित
Tue, 19 Mar 2024 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 19 Mar 2024 12:54 AM IST
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पकवा इनार। महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली स्थित तिब्बत मंदिर की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर हीरक जयंती मनाई गई। समारोह में तीन शतायु बुजुर्गों को सम्मानित किया गया।
समारोह की शुरुआत महात्मा बुद्ध प्रतिमा की विशेष पूजा-अर्चना से हुई। बौद्ध भिक्षुओं ने धम्म पाठ किया। मौजूद लोगों में बुद्ध के उपदेशों को साझा किया गया। मुख्य भंते कुंचुक लामा की अगुवाई में भंते डॉ. नंद रतन, भंते महेंद्र, भंते आंसू व भिक्षुओं ने बुद्ध प्रतिमा के समक्ष कैंडल जलाकर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान तिब्बत मंदिर से लगाव रखने वाले परासखाड़ के 107 वर्षीय राम निहोरा सिंह, अनिरुद्धवा के 105 वर्षीय अमर यादव, विशुनपुरा के 104 वर्षीय विक्रम प्रसाद के पुत्र विभूतेश्वर सिंह सहित विशिष्ट लोगों व भिक्षुओं को भंते कुंचुक लामा ने सम्मानित किया।
कुंचुक ने बताया कि सौ वर्ष पूर्व बोधिसत्व स्तूप का निर्माण तिब्बती लामाओं ने कराया था। बौद्ध भिक्षुओं के सौ वर्षावास के उपलक्ष्य में तिब्बती मोनेस्ट्री की ओर से शताब्दी वर्ष (डायमंड जुबली) समारोह का आयोजन किया गया है।
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इस मौके पर वीरेंद्र तिवारी, रामायण शर्मा, राणा प्रताप, डॉ. आरपी सिंह, अश्विनी कुमार, राजेश यादव, अजय कुमार ओझा, घनश्याम सिंह, राम कृपाल सिंह राम भरोसा सिंह, पदम् सिंह, डॉ. बीएन सिंह, डॉ. रणजीत, मुखलाल सिंह, अजय सिंह, बिट्टू आदि मौजूद रहे।
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समारोह की शुरुआत महात्मा बुद्ध प्रतिमा की विशेष पूजा-अर्चना से हुई। बौद्ध भिक्षुओं ने धम्म पाठ किया। मौजूद लोगों में बुद्ध के उपदेशों को साझा किया गया। मुख्य भंते कुंचुक लामा की अगुवाई में भंते डॉ. नंद रतन, भंते महेंद्र, भंते आंसू व भिक्षुओं ने बुद्ध प्रतिमा के समक्ष कैंडल जलाकर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान तिब्बत मंदिर से लगाव रखने वाले परासखाड़ के 107 वर्षीय राम निहोरा सिंह, अनिरुद्धवा के 105 वर्षीय अमर यादव, विशुनपुरा के 104 वर्षीय विक्रम प्रसाद के पुत्र विभूतेश्वर सिंह सहित विशिष्ट लोगों व भिक्षुओं को भंते कुंचुक लामा ने सम्मानित किया।
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कुंचुक ने बताया कि सौ वर्ष पूर्व बोधिसत्व स्तूप का निर्माण तिब्बती लामाओं ने कराया था। बौद्ध भिक्षुओं के सौ वर्षावास के उपलक्ष्य में तिब्बती मोनेस्ट्री की ओर से शताब्दी वर्ष (डायमंड जुबली) समारोह का आयोजन किया गया है।
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इस मौके पर वीरेंद्र तिवारी, रामायण शर्मा, राणा प्रताप, डॉ. आरपी सिंह, अश्विनी कुमार, राजेश यादव, अजय कुमार ओझा, घनश्याम सिंह, राम कृपाल सिंह राम भरोसा सिंह, पदम् सिंह, डॉ. बीएन सिंह, डॉ. रणजीत, मुखलाल सिंह, अजय सिंह, बिट्टू आदि मौजूद रहे।