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सावधान : सेहत बिगाड़ देंगी रंग-बिरंगी मिठाइयां
Fri, 25 Apr 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 25 Apr 2025 12:44 AM IST
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पडरौना। दुकान पर बिक्री के लिए रखी रंग बिरंगी मिठाइयां देखने में सुंदर लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए हानिकारक होती है। इसमें अखाद्य एवं सिंथेटिग रंग मिलाया जाता है, जो लिवर को नुकसान पहुंचाता है। पिछले एक वर्ष में रंगीन मिठाई का नमूना जांच के लिए भेजा गया था, जिसमें अखाद्य रंग मिलाने की रिपोर्ट आई। ऐसे में लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। दुकानों पर बिकने वाली मिठाई और नमकीन के अलावा पैकेटबंद नमकीन, चिप्स, भुजिया आदि को बनाने में भी रंगों का प्रयोग किया जाता है। मिठाई के दुकानदार बताते हैं कि छेना से बनी मिठाइयों को अलग-अलग नाम देने के लिए उनमें रंग डालना ही पड़ता है। यदि बिना रंग के बनाया जाए तो सभी मिठाइयां हल्का सफेद या हल्का भूरा ही दिखेंगी। चमक नहीं होने की वजह से इसकी बिक्री पर असर पड़ेगा।
सबसे अधिक रंगों का इस्तेमाल नमकीन और लड्डू बनाने में होता है। मिठाई की छोटी दुकान से लेकर बड़े दुकानों तक में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकांश नमकीन बनाने में मैदा व बेसन का इस्तेमाल होता है। इससे बनी नमकीन हल्के भूरे रंग की होती है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं रहने की रिपोर्ट पर एडीएम न्यायालय में वाद दाखिल होता। सेहत के लिए नुकसानदायक रहने पर सीजेएम न्यायालय में वाद दाखिल किया जाता है। जानकारों के अनुसार रंग-बिरंगी चीनी वाली मिठाई खरीदने से परहेज करना चाहिए। सस्ते के चक्कर में लोग इन्हें खरीद कर बीमारी को आमंत्रित करते हैं। इससे बाद में परेशानी होती है।
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सबसे अधिक रंगों का इस्तेमाल नमकीन और लड्डू बनाने में होता है। मिठाई की छोटी दुकान से लेकर बड़े दुकानों तक में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकांश नमकीन बनाने में मैदा व बेसन का इस्तेमाल होता है। इससे बनी नमकीन हल्के भूरे रंग की होती है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं रहने की रिपोर्ट पर एडीएम न्यायालय में वाद दाखिल होता। सेहत के लिए नुकसानदायक रहने पर सीजेएम न्यायालय में वाद दाखिल किया जाता है। जानकारों के अनुसार रंग-बिरंगी चीनी वाली मिठाई खरीदने से परहेज करना चाहिए। सस्ते के चक्कर में लोग इन्हें खरीद कर बीमारी को आमंत्रित करते हैं। इससे बाद में परेशानी होती है।
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