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चार माह से बजट का अकाल, कैसे खिलाएंगे खीर और पूरी
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चार माह से बजट का अकाल, कैसे खिलाएंगे खीर और पूरी
पडरौना। बीते अप्रैल से विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के लिए मिलने वाला कन्वर्जन कास्ट नहीं मिलने से शिक्षकों के सामने विद्यार्थियों को खीर-पूरी परोसने की चुनौती खड़ी हो गई है।
शासन के निर्देश पर आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन 11 अगस्त से किया जाएगा। इसके तहत कक्षा एक से आठवीं तक संचालित परिषदीय, वित्तपोषित स्कूल, मदरसा, संस्कृत बोर्ड के स्कूल, कस्तूरबा और आश्रम पद्धति के विद्यालयों में नामांकित बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत खीर, पूरी और हलवा देना है। इस नए आदेश से शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। शिक्षकों का कहना है कि बीते अप्रैल से एमडीएम के तहत मिलने वाला कन्वर्जन कास्ट ही अब तक नहीं मिला तो नए आदेश का अनुपालन कैसे किया जाएगा।
जिले में 2474 परिषदीय, 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, 25 मदरसा, 56 वित्तपोषित जूनियर हाईस्कूल, 55 वित्तपोषित हाईस्कूल 19 राजकीय और एक संस्कृत विद्यालय में मध्याह्न भोजन दिया जाता। इसमें चार लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन है। इन्हें भोजन सूची के अनुसार पौष्टिक आहार दूध, मौसमी फल आदि मुहैया कराए जाते हैं। बीते अप्रैल से शासन की तरफ से कन्वर्जन कास्ट की धनराशि नहीं मिली है। शिक्षक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन दिलवा रहे हैं। आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए शासन की तरफ से कोई बजट नहीं मिला है। इससे अध्यापकों की चिंता बढ़ गई है।
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित हर घर तिरंगा कार्यक्रम के दौरान एमडीएम में विद्यार्थियों को विशेष भोजन देना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। शिक्षक नेताओं ने धनाभाव की बात कर आदेश के अनुपालन की चिंता जताई है। इसे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
- कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए
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पडरौना। बीते अप्रैल से विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के लिए मिलने वाला कन्वर्जन कास्ट नहीं मिलने से शिक्षकों के सामने विद्यार्थियों को खीर-पूरी परोसने की चुनौती खड़ी हो गई है।
शासन के निर्देश पर आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन 11 अगस्त से किया जाएगा। इसके तहत कक्षा एक से आठवीं तक संचालित परिषदीय, वित्तपोषित स्कूल, मदरसा, संस्कृत बोर्ड के स्कूल, कस्तूरबा और आश्रम पद्धति के विद्यालयों में नामांकित बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत खीर, पूरी और हलवा देना है। इस नए आदेश से शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। शिक्षकों का कहना है कि बीते अप्रैल से एमडीएम के तहत मिलने वाला कन्वर्जन कास्ट ही अब तक नहीं मिला तो नए आदेश का अनुपालन कैसे किया जाएगा।
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जिले में 2474 परिषदीय, 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, 25 मदरसा, 56 वित्तपोषित जूनियर हाईस्कूल, 55 वित्तपोषित हाईस्कूल 19 राजकीय और एक संस्कृत विद्यालय में मध्याह्न भोजन दिया जाता। इसमें चार लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन है। इन्हें भोजन सूची के अनुसार पौष्टिक आहार दूध, मौसमी फल आदि मुहैया कराए जाते हैं। बीते अप्रैल से शासन की तरफ से कन्वर्जन कास्ट की धनराशि नहीं मिली है। शिक्षक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन दिलवा रहे हैं। आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए शासन की तरफ से कोई बजट नहीं मिला है। इससे अध्यापकों की चिंता बढ़ गई है।
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित हर घर तिरंगा कार्यक्रम के दौरान एमडीएम में विद्यार्थियों को विशेष भोजन देना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया गया है। शिक्षक नेताओं ने धनाभाव की बात कर आदेश के अनुपालन की चिंता जताई है। इसे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
- कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए