फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   brother became ill then bheem get down from overhead tank

भाई की तबीयत बिगड़ने लगी तो नीचे उतरा भीम

Fri, 08 Jan 2021 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
brother became ill then bheem get down from overhead tank
भाई की तबीयत बिगड़ने लगी तो नीचे उतरा भीम
विज्ञापन

तमकुहीराज तहसील की पानी टंकी पर चढ़े भाइयों ने प्रशासन को डाल दिया था मुश्किल में
बृहस्पतिवार की रात में 34 घंटे बाद नीचे उतरे थे दोनों भाई
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। नौकरी व आर्थिक सहायता की मांग करते हुए 34 घंटे तक तमकुहीराज तहसील की पानी टंकी पर बैठे रहे दोनों भाई शुक्रवार को आंदोलन के नफा नुकसान का आकलन करते रहे। हालांकि प्रशासन से मिले आश्वासन पर इन्हें यकीन है। भीम का कहना है कि वह अपने भाई की तबीयत बिगड़ने के चलते नीचे उतरा था।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के सियरहा परसौनी गांव निवासी भीम राजभर के माता-पिता की बीते अक्तूबर में हत्या हो गई थी। घटना के अगले दिन पहुंचे नेताओं ने धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद भीम को कई आश्वासन मिले थे। इसके बाद से ही वह तहसील का चक्कर काट रहा है। नियमों की बध्यता बताकर अफसर हर बार टरका देते थे। बीते 12 नवंबर को भीम तमकुहीराज तहसील भवन की छत पर चढ़कर प्रशासन से पुराने वायदों को पूरा करने की मांग करने लगे। इसके बाद दोनों भाइयो को आवासीय पट्टा दे दिया गया। 13 नवंबर को किसान बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख की सहायता राशि के लिए शासन को पत्र भेजा गया। भीम आर्गन वेल्डर का कारीगर है। परंतु उसे प्रशासन ने नव सृजित नगर पंचायत तमकुहीराज में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी में रखने की बात कही। भीम का कहना है कि वायदे पूरा नहीं होने के चलते ही वह अपने भाई अर्जुन के साथ पानी की टंकी पर जा चढ़ा। टंकी पर दिन तो कट गया लेकिन रात में अर्जुन की तबीयत खराब हो गई। दूसरे दिन भी दोनों भाई वहीं जमे रहे लेकिन रात में ठंड व भूख के अलावा भाई की बीमारी के चलते भीम को नीचे आना पड़ा।
विज्ञापन

एसडीएम तमकुहीराज एआर फारूकी का कहना है कि इस परिवार को नियमों के दायरे में रहकर जितनी मदद की जा सकती है, उतनी की जा रही है। नगर पंचायत में संविदा पर नौकरी व आवासीय पट्टे की मांग पूरी कर दी गई है। आर्थिक मदद के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही वह भी दिया जाएगा परंतु अपनी मांग के लिए पानी टंकी पर चढ़कर प्रशासन को मुश्किल में डालने का निर्णय सही नहीं था। प्रशासन ने इसके साथ पूरी हमदर्दी दिखाई और 34 घंटे तक लगातार दोनों भाइयों व इनके परिवार से नीचे उतरने की गुजारिश की गई। प्रशासन की तरफ से जो भी संभव मदद है, वह की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed