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विमान यात्रियों की सुरक्षा के लिए हुआ मंथन
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विमान यात्रियों की सुरक्षा के लिए हुआ मंथन
कुशीनगर। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने के बाद से यात्रियों की सुरक्षा के लिए मंथन हो रहा है। हवाई जहाज से सफर करने वालों को बंधक बनाकर गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने वालों के मंसूबे कैसे नाकाम किए जाएंगे, उसके लिए एयरोड्रम कमेटी और एयरफील्ड एनवायरमेंट मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बृहस्पतिवार कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने की। इसमें हवाई जहाज के हाईजैक की दशा में कानून विरोधी गतिविधियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। हाईजैक परिस्थिति को प्रबंधित करने के लिए गठित कमेटी के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।
एयरोड्रम कमेटी की बैठक में एयरक्राफ्ट हाईजैक परिस्थिति में मीडिया प्रबंधन, पॉलिसी ऑफ नेगोशिएशन, कम्युनिकेशन सिस्टम, अग्रिम तैयारियों आदि के संदर्भ में चर्चा हुई। कमेटी की ओर से जिलाधिकारी के सामने इस संबंध में प्रोजेक्टर के जरिए विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अधिकारियों के बीच इस बात की चर्चा हुई कि यदि कोई कोई जहाज हाईजैक होता है तो उस हालात से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। किसी भी जहाज में कानून विरोधी गतिविधियां क्या होती हैं, उनकी रोकथाम के लिए क्या उपाय होने चाहिए, सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस संदर्भ में यह भी बताया गया कि किसी भी जहाज को या तो जमीन पर या फिर फ्लाइट के वक्त हाईजैक किया जाता है तो उस परिस्थिति से निपटने के लिए अग्रिम रूप से एक कमेटी का गठन होता है।
बताया गया कि कोई भी सूचना मीडिया को उपयुक्त प्राधिकारी की अनुमति के बिना शेयर नहीं की जा सकती। जहाज को हाईजैक करने पर क्या दंड के प्रावधान हैं, उसकी भी चर्चा की गई। यह बताया गया कि उक्त परिस्थिति में पॉलिसी आफ नेगोशिएशन के वक्त सबसे महत्वपूर्ण बात यात्रियों की सुरक्षा होती है। इस संबंध में कम्युनिकेशन सिस्टम व हाईजैक से निपटने के लिए अग्रिम तैयारियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
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एयरपोर्ट के आसपास पशु-पक्षी के मारे जाने पर प्रतिबंध
एयरफील्ड मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में वाइल्ड लाइफ या पक्षियों के टकराने से जो दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न होती है, उसके बारे में चर्चा की गई। बैठक में साफ कहा गया कि एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में खुले में पशु-पक्षी को मारे जाने और उनके मांस के कारोबार को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। खुले में इस प्रकार की गतिविधियों से एयरपोर्ट के आसपास दुर्घटना होने की आशंका रहती है। इस बारे में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता कुशीनगर प्रेम शंकर गुप्ता को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी कसया पूर्ण बोरा, अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी अनिल श्रीवास्तव, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एयरपोर्ट निदेशक एके द्विवेदी, संतोष कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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कुशीनगर। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने के बाद से यात्रियों की सुरक्षा के लिए मंथन हो रहा है। हवाई जहाज से सफर करने वालों को बंधक बनाकर गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने वालों के मंसूबे कैसे नाकाम किए जाएंगे, उसके लिए एयरोड्रम कमेटी और एयरफील्ड एनवायरमेंट मैनेजमेंट कमेटी की बैठक बृहस्पतिवार कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने की। इसमें हवाई जहाज के हाईजैक की दशा में कानून विरोधी गतिविधियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। हाईजैक परिस्थिति को प्रबंधित करने के लिए गठित कमेटी के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।
एयरोड्रम कमेटी की बैठक में एयरक्राफ्ट हाईजैक परिस्थिति में मीडिया प्रबंधन, पॉलिसी ऑफ नेगोशिएशन, कम्युनिकेशन सिस्टम, अग्रिम तैयारियों आदि के संदर्भ में चर्चा हुई। कमेटी की ओर से जिलाधिकारी के सामने इस संबंध में प्रोजेक्टर के जरिए विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अधिकारियों के बीच इस बात की चर्चा हुई कि यदि कोई कोई जहाज हाईजैक होता है तो उस हालात से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। किसी भी जहाज में कानून विरोधी गतिविधियां क्या होती हैं, उनकी रोकथाम के लिए क्या उपाय होने चाहिए, सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस संदर्भ में यह भी बताया गया कि किसी भी जहाज को या तो जमीन पर या फिर फ्लाइट के वक्त हाईजैक किया जाता है तो उस परिस्थिति से निपटने के लिए अग्रिम रूप से एक कमेटी का गठन होता है।
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बताया गया कि कोई भी सूचना मीडिया को उपयुक्त प्राधिकारी की अनुमति के बिना शेयर नहीं की जा सकती। जहाज को हाईजैक करने पर क्या दंड के प्रावधान हैं, उसकी भी चर्चा की गई। यह बताया गया कि उक्त परिस्थिति में पॉलिसी आफ नेगोशिएशन के वक्त सबसे महत्वपूर्ण बात यात्रियों की सुरक्षा होती है। इस संबंध में कम्युनिकेशन सिस्टम व हाईजैक से निपटने के लिए अग्रिम तैयारियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
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एयरपोर्ट के आसपास पशु-पक्षी के मारे जाने पर प्रतिबंध
एयरफील्ड मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में वाइल्ड लाइफ या पक्षियों के टकराने से जो दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न होती है, उसके बारे में चर्चा की गई। बैठक में साफ कहा गया कि एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में खुले में पशु-पक्षी को मारे जाने और उनके मांस के कारोबार को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। खुले में इस प्रकार की गतिविधियों से एयरपोर्ट के आसपास दुर्घटना होने की आशंका रहती है। इस बारे में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता कुशीनगर प्रेम शंकर गुप्ता को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी कसया पूर्ण बोरा, अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी अनिल श्रीवास्तव, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एयरपोर्ट निदेशक एके द्विवेदी, संतोष कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।