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बड़ी राहत: इस बार 103 संदिग्ध लोगों की सैम्पल रिपोर्ट निगेटिव
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बड़ी राहत: इस बार 103 संदिग्ध लोगों की सैम्पल रिपोर्ट निगेटिव
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बुधवार को 380 लोगों की रिपोर्ट थी प्रतीक्षारत
अब तक 1200 से अधिक संदिग्ध लोगों का सैम्पल भेजा जा चुका है जांच में
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पडरौना। एक तरफ जहां हर तरफ कोरोना के संक्रमण ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर रखा है, पड़ोसी जिलों में भी इसका ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है, वहीं कुशीनगर जिले में बड़ी राहत देने वाली खबर है। 380 संदिग्ध व्यक्तियों की प्रतीक्षारत सैम्पल में से 103 लोगों के सैम्पल की रिपोर्ट बृहस्पतिवार की सुबह आई। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। कोरोना के संक्रमण और इससे बचाव के लिए देशव्यापी लॉक डाउन का असर कुशीनगर जनपदवासियों पर भी पड़ रहा है। अभी भी इलाज से लगायत दैनिक जरूरत की वस्तुएं महंगी पड़ती जा रही हैं। इधर परदेशियों के आने के बाद से इस जिले के लोगों पर भी कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिससे समय रहते बचाव के लिए जिला प्रशासन भी दिन रात लगा हुआ है। यदि कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आता है तो उसे भर्ती कर इलाज में किसी तरह की कमी न आए, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 290 बेड के तीन अस्थाई अस्पताल जहां मेडिकल टीम के साथ तैयार कर लिए गए हैं, वहीं कसया क्षेत्र में 100 बेड के एक अन्य एल-1 श्रेणी के अस्पताल का डीएम-एसपी सहित अन्य अफसरों ने पहुंचकर जायजा लिया। इसके अलावा हॉट स्पॉट वाले इलाकों में निरंतर सेनीटाइजेशन और सफाई कराई जा रही है। ***** एक नजर आंकड़ों पर अब तक 1275 लोगों का सैम्पल जांच में भेजा गया। 908 के सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आई। तीन का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जबकि दो संक्रमितों की मौत हो चुकी है। 250 से अधिक लोगों के सैम्पल की रिपोर्ट प्रतीक्षारत है। ***** कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क का उपयोग कारगर उपाय है। इसमें जिले के लोग भी सहयोग कर रहे हैं। इस वजह से कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के मामले में पड़ोसी अन्य जनपदों से कुशीनगर जिले की स्थिति ज्यादा बेहतर है। बाहर से आए लोगों से भी होम क़वारन्टीन का पूरी तरह से पालन करना होगा, तभी परिवार और समाज को इससे सुरक्षित रख सकते हैं। भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम। *****