{"_id":"62c3224790bbe7796b2ec815","slug":"bandra-express-stood-in-the-forest-for-three-hours-kushinagar-news-gkp442615338","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन घंटे तक जंगल में खड़ी रही बांद्रा एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन घंटे तक जंगल में खड़ी रही बांद्रा एक्सप्रेस
विज्ञापन
तार टूटने से जंगल में खड़ी बांद्रा एक्सप्रेस। संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन घंटे तक जंगल में खड़ी रही बांद्रा एक्सप्रेस
पनियहवा-वाल्मीकिनगर रेलवे स्टेशन के बीच टूटा इंसुलेटर
खड्डा (कुशीनगर)। गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर पनियहवा और वाल्मीकिनगर रेलवे स्टेशन के बीच पोल नंबर-319/1 के पास हाईटेंशन तार में लगा इंसुलेटर टूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इससे रेलखंड पर तीन घंटे यातायात ठप रहा। इस बांद्रा एक्सप्रेस जंगल में खड़ी रही
सोमवार को पनियहवा से 2:18 बजे डाउन बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन 19037 बिहार के वाल्मीकिनगर रोड स्टेशन के लिए रवाना हुई। ट्रेन जैसे ही बिहार सीमा में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के दिल्ली कैंप नामक स्थान के पास पोल नंबर-319/1 के समीप पहुंची, अचानक रुक गई। चालक ने देखा कि जिस हाईटेंशन तार के सहारे इंजन चलतह है, उसके पेंडुलम से इंसुलेटर टूट गया है। उसकी चपेट में आने से एक बंदर भी झुलस गया है। इसकी जानकारी चालक व गार्ड ने वाल्मीकिनगर एवं पनियहवा रेलवे स्टेशन मास्टर और समस्तीपुर कंट्रोल रूम को दी। गनीमत रहा कि हाईटेंशन तार गिरने पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस वजह से बांद्रा ट्रेन करीब तीन घंटे तक जंगल में ही खड़ी रही और रेल खंड पर यातायात ठप रहा।
टीआरडी विभाग के कर्मी स्पेशल वैगन व मशीन के साथ पहुंचे व टूटे इंसुलेटर एवं पेंडुलम की मरम्मत की। तब जाकर यातायात बहाल हुआ और ट्रेन अपने गंतव्य को रवाना हुई। इस दरम्यान यात्री खासा परेशान दिखे। वाल्मीकिनगर के स्टेशन मास्टर पीएन पांडेय ने बताया कि इलेक्ट्रिक विभाग की ओर से इंसुलेटर व पेंडुलम की मरम्मत की गई। उसके बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पनियहवा-वाल्मीकिनगर रेलवे स्टेशन के बीच टूटा इंसुलेटर
खड्डा (कुशीनगर)। गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर पनियहवा और वाल्मीकिनगर रेलवे स्टेशन के बीच पोल नंबर-319/1 के पास हाईटेंशन तार में लगा इंसुलेटर टूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इससे रेलखंड पर तीन घंटे यातायात ठप रहा। इस बांद्रा एक्सप्रेस जंगल में खड़ी रही
सोमवार को पनियहवा से 2:18 बजे डाउन बांद्रा एक्सप्रेस ट्रेन 19037 बिहार के वाल्मीकिनगर रोड स्टेशन के लिए रवाना हुई। ट्रेन जैसे ही बिहार सीमा में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के दिल्ली कैंप नामक स्थान के पास पोल नंबर-319/1 के समीप पहुंची, अचानक रुक गई। चालक ने देखा कि जिस हाईटेंशन तार के सहारे इंजन चलतह है, उसके पेंडुलम से इंसुलेटर टूट गया है। उसकी चपेट में आने से एक बंदर भी झुलस गया है। इसकी जानकारी चालक व गार्ड ने वाल्मीकिनगर एवं पनियहवा रेलवे स्टेशन मास्टर और समस्तीपुर कंट्रोल रूम को दी। गनीमत रहा कि हाईटेंशन तार गिरने पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस वजह से बांद्रा ट्रेन करीब तीन घंटे तक जंगल में ही खड़ी रही और रेल खंड पर यातायात ठप रहा।
विज्ञापन
टीआरडी विभाग के कर्मी स्पेशल वैगन व मशीन के साथ पहुंचे व टूटे इंसुलेटर एवं पेंडुलम की मरम्मत की। तब जाकर यातायात बहाल हुआ और ट्रेन अपने गंतव्य को रवाना हुई। इस दरम्यान यात्री खासा परेशान दिखे। वाल्मीकिनगर के स्टेशन मास्टर पीएन पांडेय ने बताया कि इलेक्ट्रिक विभाग की ओर से इंसुलेटर व पेंडुलम की मरम्मत की गई। उसके बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू हो गया।
विज्ञापन