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अमवाखास ठोकर के किलोमीटर 0.800 का कुछ हिस्सा कटा
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अमवाखास ठोकर के किलोमीटर 0.800 का कुछ हिस्सा कटा
- बचाव कार्य में जुटे बाढ़खंड के अभियंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवापट्टी। गंडक नदी में बुधवार को डिस्चार्ज लगातार बढ़ने से अमवाखास तटबंध के किलोमीटर जीरो से लेकर 8.6 तक नदी का दबाव बना हुआ है। इससे किलोमीटर 0.800 का कुछ हिस्सा बृहस्पतिवार को नदी में विलीन हो गया। इससे मुख्य बांध पर भी खतरा मंडराने लगा है। मौके पर बाढ़ खंड के दो जेई बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
लगातार बारिश और नदी में डिस्चार्ज की वजह से गंडक नदी के अमवाखास तटबंध का हर हिस्सा संवेदनशील हो गया है। किलोमीटर 1.00 पर भी नदी का काफी दबाव बना हुआ है। किलोमीटर 0.800 पर पिछले वर्ष बाढ़ खंड ने करोड़ों रुपये खर्च कर इस ठोकर को बनाया था। बृहस्पतिवार को इसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से बंधे के निकट बसे बरवापट्टी, कैथवलिया, खैरटिया, गोबरहा, बिचपटवा, दशहवा, धोकरहा, अमवादीगर, परोरही, गोबरही, लक्ष्मीपुर, भवानीपुर सहित कई गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौके पर मौजूद जेई पारसनाथ और शीलभद्र सिंह ने बताया कि बंधे पर अभी कोई दबाव नहीं है। बचाव कार्य चल रहा है।
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- बचाव कार्य में जुटे बाढ़खंड के अभियंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवापट्टी। गंडक नदी में बुधवार को डिस्चार्ज लगातार बढ़ने से अमवाखास तटबंध के किलोमीटर जीरो से लेकर 8.6 तक नदी का दबाव बना हुआ है। इससे किलोमीटर 0.800 का कुछ हिस्सा बृहस्पतिवार को नदी में विलीन हो गया। इससे मुख्य बांध पर भी खतरा मंडराने लगा है। मौके पर बाढ़ खंड के दो जेई बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
लगातार बारिश और नदी में डिस्चार्ज की वजह से गंडक नदी के अमवाखास तटबंध का हर हिस्सा संवेदनशील हो गया है। किलोमीटर 1.00 पर भी नदी का काफी दबाव बना हुआ है। किलोमीटर 0.800 पर पिछले वर्ष बाढ़ खंड ने करोड़ों रुपये खर्च कर इस ठोकर को बनाया था। बृहस्पतिवार को इसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से बंधे के निकट बसे बरवापट्टी, कैथवलिया, खैरटिया, गोबरहा, बिचपटवा, दशहवा, धोकरहा, अमवादीगर, परोरही, गोबरही, लक्ष्मीपुर, भवानीपुर सहित कई गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौके पर मौजूद जेई पारसनाथ और शीलभद्र सिंह ने बताया कि बंधे पर अभी कोई दबाव नहीं है। बचाव कार्य चल रहा है।
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