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बंद मिले स्कूल, कैसे चलेगा ऑनलाइन क्लास
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बंद मिले स्कूल, कैसे चलेगा ऑनलाइन क्लास
पडरौना। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में ऑनलाइन क्लास की हालत दयनीय है। सोमवार सुबह नौ बजे तक तमकुहीराज क्षेत्र के दो स्कूलों में ताला ही नहीं खुला था। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के दो स्कूल में नामांकन के सापेक्ष बीस फीसदी विद्यार्थी ही ऑनलाइन कक्षा से जुड़े थे। शिक्षकों ने बताया कि कई अभिभावकों के पास एंड्राएड फोन नहीं होने के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या से भी ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
पड़ताल में सुबह 8:35 बजे तमकुहीराज ब्लॉक क्षेत्र के लतवा मुरलीधर गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल का मुख्य गेट तो खुला था, लेकिन विद्यालय के सभी कमरे बंद थे। शिक्षक भी स्कूल में मौजूद नहीं थे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक वसीम अहमद से फोन से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वे अवकाश पर हैं। सुबह 8:55 बजे माधोपुर बुजुर्ग स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी मुख्य गेट पर ताला लगा था। यहां की प्रधानाध्यापक अनीता मल्ल ने फोन पर बताया कि जरूरी कार्य वश से विद्यालय आने में विलंब हुआ था।
दोपहर 11:56 बजे नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगदेवा में शिक्षक केशव कुमार विभागीय कार्य निपटा रहे थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय में 45 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। इनकी ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। विद्यालय की तरफ से बने ह्वाटस एप ग्रुप में सभी विषय से संबंधित सामग्री भेजी जाती है, लेकिन अभिभावकों के पास एंड्राएड फोन की कमी के चलते 45 में से 11 विद्यार्थी ही जुड़ सके हैं।
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दोपहर 12:15 बजे प्राथमिक विद्यालय कलवारी पट्टी में कुल नामांकति 112 बच्चों में से केवल 24 बच्चे ही ग्रुप में जुड़े हुए थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता विभागीय कार्य निपटा रहे थे। जबकि सहायक अध्यापक मोहित कुमार, नरेश रावत और शिक्षामित्र दिनेश शर्मा ऑनलाइन क्लास चला रहे थे। अध्यापकों का कहना था कि अभिभावकों के पास एनड्रॉयड फोन नहीं होने से दिक्कत हो रही है। बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि निर्धारित समय पर स्कूल नहीं खुलना गंभीर बात है। संबंधित से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन क्लास व मोहल्ला पाठशाला की निगरानी की जाएगी।
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पडरौना। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में ऑनलाइन क्लास की हालत दयनीय है। सोमवार सुबह नौ बजे तक तमकुहीराज क्षेत्र के दो स्कूलों में ताला ही नहीं खुला था। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के दो स्कूल में नामांकन के सापेक्ष बीस फीसदी विद्यार्थी ही ऑनलाइन कक्षा से जुड़े थे। शिक्षकों ने बताया कि कई अभिभावकों के पास एंड्राएड फोन नहीं होने के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या से भी ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
पड़ताल में सुबह 8:35 बजे तमकुहीराज ब्लॉक क्षेत्र के लतवा मुरलीधर गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल का मुख्य गेट तो खुला था, लेकिन विद्यालय के सभी कमरे बंद थे। शिक्षक भी स्कूल में मौजूद नहीं थे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक वसीम अहमद से फोन से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वे अवकाश पर हैं। सुबह 8:55 बजे माधोपुर बुजुर्ग स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी मुख्य गेट पर ताला लगा था। यहां की प्रधानाध्यापक अनीता मल्ल ने फोन पर बताया कि जरूरी कार्य वश से विद्यालय आने में विलंब हुआ था।
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दोपहर 11:56 बजे नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगदेवा में शिक्षक केशव कुमार विभागीय कार्य निपटा रहे थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय में 45 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। इनकी ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। विद्यालय की तरफ से बने ह्वाटस एप ग्रुप में सभी विषय से संबंधित सामग्री भेजी जाती है, लेकिन अभिभावकों के पास एंड्राएड फोन की कमी के चलते 45 में से 11 विद्यार्थी ही जुड़ सके हैं।
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दोपहर 12:15 बजे प्राथमिक विद्यालय कलवारी पट्टी में कुल नामांकति 112 बच्चों में से केवल 24 बच्चे ही ग्रुप में जुड़े हुए थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता विभागीय कार्य निपटा रहे थे। जबकि सहायक अध्यापक मोहित कुमार, नरेश रावत और शिक्षामित्र दिनेश शर्मा ऑनलाइन क्लास चला रहे थे। अध्यापकों का कहना था कि अभिभावकों के पास एनड्रॉयड फोन नहीं होने से दिक्कत हो रही है। बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि निर्धारित समय पर स्कूल नहीं खुलना गंभीर बात है। संबंधित से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन क्लास व मोहल्ला पाठशाला की निगरानी की जाएगी।