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Kushinagar News: महोत्सव में सुर संग्राम विजेता वीरेंद्र की गायकी पर झूमे श्रोता
Fri, 13 Dec 2024 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 13 Dec 2024 01:03 AM IST
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गुरवलिया बाजार। कुशीनगर महोत्सव में बुधवार की रात बरवा राजापाकड़ में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। आजमगढ़ के सुर संग्राम-3 के विजेता वीरेंद्र भारती ने अपने भजन व पारंपरिक गीतों से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार के साथ ही गायन कला से लोगों को झूमने पर विवश कर दिया। ठंड के बावजूद लोग सुरमई शाम का आनंद लेते रहे।
बरवा राजापाकड़ के बहुरिया टोला स्थित हनुमान सरोवर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य रतनपाल सिंह ने किया। कहा कि ग्रामीण परिवेश में ऐसे आयोजन क्षेत्रीय कलाकारों को मंच देकर उन्हें उत्कृष्टता साबित करने के लिए प्रेरित करते हैं। महोत्सव समिति के सदस्य राकेश जायसवाल ने कहा कि हमारी विकास यात्रा सूर्य महोत्सव से शुरू होकर कुशीनगर और पूर्वांचल महोत्सव तक पहुंची है।
उद्घाटन कार्यक्रम को तनुश्री पाराशर, सत्येंद्र, गुड्डू शुक्ला आदि ने संबोधित किया। गायक वीरेंद्र ने भजन संध्या की शुरुआत ...विंध्यवासिनी हो मईया विंध्यवासिनी...मनसा पुरावे मईया विंध्यवासिनी...से की। पारंपरिक गीत ...अरे रूनुक झुनुक बाजे पायल तोरा पंउआ.. सुनाकर वाहवाही बटोरी। ...कवना मासे बाबा मोर बियाह कईले, कौना मासे विदा कईले हो..., ...गोदवा ल हो गोदनवा...आदि सुनाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संचालन प्रद्युम्न पांडेय ने किया।
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इस दौरान धनंजय मिश्रा, मृत्युंजय सिंह मोनू, आशीष पांडेय, कुश कुमार, मनीष कुमार, ओमप्रकाश जायसवाल, अभिषेक तिवारी बिट्टू, धर्मवीर कुमार, नंदलाल चौहान आदि मौजूद रहे।
महोत्सव में ब्रज वाली होली में उड़ीं फूलों की पंखुड़ियां
गुरवलिया बाजार। राजापाकड़ के हनुमान सरोवर में बुधवार की रात फूलों की होली का आयोजन हुआ। फूलों की होली में उड़ती पंखुड़ियां, कृष्ण गोपियों संग झूमते श्रद्धालुओं को देखकर बरसाने का दृश्य जीवंत हो उठा। राधा-कृष्ण बने कलाकारों के साथ दर्शकों ने भी मधुर संगीत पर नृत्य किया।
..क्या खूब जमी है जोड़ी..मोहन संग राधा गोरी..., ...सुन री यशोदा मईया तेरा कन्हैया माखन चोर बा..., ...सांवरिया तेरे लिए मैंने जोगन वेश बनाया...और ...रंग लेके खेलते गुलाल लेके खेलते... जैसे विभिन्न गीतों पर दर्शक झूम उठे। कार्यक्रम के दौरान भगवान कृष्ण और राधा को गेंदा के फूलों से ढंक दिया। इसके बाद भगवान कृष्ण के जयकारे से पूरा पंडाल गूंज उठा। लोग भाव-विभोर होकर फूलों की पंखुड़ियों को टोकरों में भर-भरकर श्रीकृष्ण और राधा के ऊपर डाल रहे थे।
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बरवा राजापाकड़ के बहुरिया टोला स्थित हनुमान सरोवर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य रतनपाल सिंह ने किया। कहा कि ग्रामीण परिवेश में ऐसे आयोजन क्षेत्रीय कलाकारों को मंच देकर उन्हें उत्कृष्टता साबित करने के लिए प्रेरित करते हैं। महोत्सव समिति के सदस्य राकेश जायसवाल ने कहा कि हमारी विकास यात्रा सूर्य महोत्सव से शुरू होकर कुशीनगर और पूर्वांचल महोत्सव तक पहुंची है।
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उद्घाटन कार्यक्रम को तनुश्री पाराशर, सत्येंद्र, गुड्डू शुक्ला आदि ने संबोधित किया। गायक वीरेंद्र ने भजन संध्या की शुरुआत ...विंध्यवासिनी हो मईया विंध्यवासिनी...मनसा पुरावे मईया विंध्यवासिनी...से की। पारंपरिक गीत ...अरे रूनुक झुनुक बाजे पायल तोरा पंउआ.. सुनाकर वाहवाही बटोरी। ...कवना मासे बाबा मोर बियाह कईले, कौना मासे विदा कईले हो..., ...गोदवा ल हो गोदनवा...आदि सुनाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संचालन प्रद्युम्न पांडेय ने किया।
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इस दौरान धनंजय मिश्रा, मृत्युंजय सिंह मोनू, आशीष पांडेय, कुश कुमार, मनीष कुमार, ओमप्रकाश जायसवाल, अभिषेक तिवारी बिट्टू, धर्मवीर कुमार, नंदलाल चौहान आदि मौजूद रहे।
महोत्सव में ब्रज वाली होली में उड़ीं फूलों की पंखुड़ियां
गुरवलिया बाजार। राजापाकड़ के हनुमान सरोवर में बुधवार की रात फूलों की होली का आयोजन हुआ। फूलों की होली में उड़ती पंखुड़ियां, कृष्ण गोपियों संग झूमते श्रद्धालुओं को देखकर बरसाने का दृश्य जीवंत हो उठा। राधा-कृष्ण बने कलाकारों के साथ दर्शकों ने भी मधुर संगीत पर नृत्य किया।
..क्या खूब जमी है जोड़ी..मोहन संग राधा गोरी..., ...सुन री यशोदा मईया तेरा कन्हैया माखन चोर बा..., ...सांवरिया तेरे लिए मैंने जोगन वेश बनाया...और ...रंग लेके खेलते गुलाल लेके खेलते... जैसे विभिन्न गीतों पर दर्शक झूम उठे। कार्यक्रम के दौरान भगवान कृष्ण और राधा को गेंदा के फूलों से ढंक दिया। इसके बाद भगवान कृष्ण के जयकारे से पूरा पंडाल गूंज उठा। लोग भाव-विभोर होकर फूलों की पंखुड़ियों को टोकरों में भर-भरकर श्रीकृष्ण और राधा के ऊपर डाल रहे थे।