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Kushinagar News: मैनेजर की आईडी से एरिया मैनेजर और साथियों ने की 77 हजार की जालसाजी
Tue, 25 Mar 2025 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 25 Mar 2025 01:27 AM IST
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तमकुहीराज। माइक्रो फाइनेंस कंपनी के मैनेजर का आईडी पासवर्ड मांगकर 77 हजार रुपये की जालसाजी करने वाले एरिया मैनेजर समेत पांच लोगों पर तमकुहीराज पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। केस दर्ज कराने वाले मैनेजर को कंपनी ने तीन माह पूर्व नौकरी से भी निकाल दिया है। कार्रवाई के बाद आरोपी भूमिगत हो गए हैं। देवरिया जिले के हतवा वार्ड नंबर एक भटनी निवासी अख्तर अली एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के तमकुहीराज कस्बे के ब्रांच में मैनेजर पद पर कार्यरत था। आरोप है कि कुछ माह पूर्व वह अवकाश लेकर मुंबई गए थे। इस दौरान एरिया मैनेजर पद पर कार्यरत अमित पाठक, ऑडिटर अनूप कुमार मिश्रा, आरएसएस सदाफ जैदी व रिजनल मैनेजर सुमन पांडेय और एक अज्ञात ने मैनेजर की आईडी पासवर्ड का इस्तेमाल रकम दूसरे खोते में ट्रांसफर कर दिया।
चेक किया तो जमा कराए गए रकम में अंतर आया, जबकि जून 2024 में अपने ब्रांच से अपने कंप्यूटर से 6.50 लाख रुपये जमा कराया। मैनेजर के कंप्यूटर पर 5,73,770 रुपये ही दिखा रहा था। शेष धनराशि फाइनेंस कंपनी के आरोपी अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर धनराशि दूसरे खाते में ट्रांसफर किया है। पीड़ित ने चारों आरोपियों को शेष 77061 रुपये कंप्यूटर में नहीं दिखने पर इसकी जानकारी मेल से 15 जून 2024 को दिया तथा दुरुस्त करने के लिए कहा। आरोपियों ने कंप्यूटर की गड़बड़ी बताकर मामले को टाल दिया। कंप्यूटर में 22 जून को 1,90,925 रुपये पेडिंग होना बताने लगा, जबकि संपूर्ण धनराशि जमा हो चुकी थी। अख्तर ने मामले की जानकारी कंपनी के अधिकारियों को मेल से दिया, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो सका और सहकर्मी भी टालमटोल करते रहे। इसी दौरान पीड़ित 25 से 31 जुलाई तक अवकाश पर रहा और इसी बीच आरोपी तमकुहीरोड निवासी अमित पाठक, अनूप कुमार मिश्रा, गोरखपुर निवासी सद्दाफ जैदी व सुमन पाण्डेय सहित अन्य अज्ञात कर्मी साजिश कर उसके आईडी पर बिना अनुमति के रुपये जमा करके इंट्री कर दिया। इस मामले में पीड़ित को नौकरी से भी निकाल दिया गया। थानाध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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चेक किया तो जमा कराए गए रकम में अंतर आया, जबकि जून 2024 में अपने ब्रांच से अपने कंप्यूटर से 6.50 लाख रुपये जमा कराया। मैनेजर के कंप्यूटर पर 5,73,770 रुपये ही दिखा रहा था। शेष धनराशि फाइनेंस कंपनी के आरोपी अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर धनराशि दूसरे खाते में ट्रांसफर किया है। पीड़ित ने चारों आरोपियों को शेष 77061 रुपये कंप्यूटर में नहीं दिखने पर इसकी जानकारी मेल से 15 जून 2024 को दिया तथा दुरुस्त करने के लिए कहा। आरोपियों ने कंप्यूटर की गड़बड़ी बताकर मामले को टाल दिया। कंप्यूटर में 22 जून को 1,90,925 रुपये पेडिंग होना बताने लगा, जबकि संपूर्ण धनराशि जमा हो चुकी थी। अख्तर ने मामले की जानकारी कंपनी के अधिकारियों को मेल से दिया, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो सका और सहकर्मी भी टालमटोल करते रहे। इसी दौरान पीड़ित 25 से 31 जुलाई तक अवकाश पर रहा और इसी बीच आरोपी तमकुहीरोड निवासी अमित पाठक, अनूप कुमार मिश्रा, गोरखपुर निवासी सद्दाफ जैदी व सुमन पाण्डेय सहित अन्य अज्ञात कर्मी साजिश कर उसके आईडी पर बिना अनुमति के रुपये जमा करके इंट्री कर दिया। इस मामले में पीड़ित को नौकरी से भी निकाल दिया गया। थानाध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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