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Kushinagar News: अनजान युवती बनी फरिश्ता, जलती महिला की बचाई जान
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महिला की जान बचाती युवती। स्रोत-सोशल मीडिया
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/मंसाछापर। शहर के रामधाम पोखरा मेन बाजार, दक्षिणी में बुधवार दोपहर 65 वर्षीय एक महिला घर के बाहर अलाव सेंकते समय आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पल में आग ने विकराल रूप ले लिया। इसी बीच 28 साल की एक महिला देवदूत बन कर पहुंची और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने में लग गई। उसे देख आसपास के लोग भी मदद को आगे आए और थोड़ी देर में आग पर काबू पा लिया, जिससे महिला की जान बच गई। बुजुर्ग महिला को पडरौना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। पूरे क्षेत्र में आग बुझाने वाली महिला की बहादुरी के चर्चे हैं।
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मेन बाजार दक्षिणी निवासी नगेसर की पत्नी कमलावती (65) अपने घर के बाहर अलाव जलाकर बैठी थीं। तभी अचानक अलाव की चिंगारी से उनकी साड़ी में आग लग गई और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। महिला चीखते-चिल्लाते सड़क पर आ गई, तभी उधर से एक ई-रिक्शा गुजरा, जिसपर कुमारी पटेल (28) अपने परिवार के साथ जा रही थीं। उन्होंने महिला को जलते देखा तो बिना एक पल गंवाए और अपनी परवाह किए महिला की ओर दौड़ पड़ीं। उन्हें देख आसपास के लोग भी दौड़ पड़े और सभी ने आग पर काबू पाया।
पडरौना कोतवाल हर्षवर्धन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची। आग की चपेट में आई महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला की हालत स्थिर है।
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पर इसकी शर्मिंदगी
कुमारी जब आग में जल रही कमलावती को बचाने का प्रयास कर रही थीं तब उनका मोबाइल फोन वहीं कहीं गिर गया। आग बुझाने के बाद उन्हें जब फोन की सुधि आई तो आसपास तलाश शुरू की लेकिन पता नहीं चला। संयोग से यह सारा घटनाक्रम पास में रहने वाले शिक्षक दुर्गेश त्रिपाठी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। उसमें एक व्यक्ति फोन उठाते हुए नजर आया। वह उसी मोहल्ले का रहने वाला था। लोग उसके पास पहुंचे तो पहले तो उसने इनकार किया लेकिन जब लोगों ने सख्ती की तो उसने फोन लौटा दिया। लोगों का कहना था कि जो महिला अपनी परवाह किए बिना किसी की जान बचाने में लगी थी उसका फोन चोरी करना कितना शर्मनाक था।
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पडरौना/मंसाछापर। शहर के रामधाम पोखरा मेन बाजार, दक्षिणी में बुधवार दोपहर 65 वर्षीय एक महिला घर के बाहर अलाव सेंकते समय आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पल में आग ने विकराल रूप ले लिया। इसी बीच 28 साल की एक महिला देवदूत बन कर पहुंची और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने में लग गई। उसे देख आसपास के लोग भी मदद को आगे आए और थोड़ी देर में आग पर काबू पा लिया, जिससे महिला की जान बच गई। बुजुर्ग महिला को पडरौना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। पूरे क्षेत्र में आग बुझाने वाली महिला की बहादुरी के चर्चे हैं।
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मेन बाजार दक्षिणी निवासी नगेसर की पत्नी कमलावती (65) अपने घर के बाहर अलाव जलाकर बैठी थीं। तभी अचानक अलाव की चिंगारी से उनकी साड़ी में आग लग गई और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। महिला चीखते-चिल्लाते सड़क पर आ गई, तभी उधर से एक ई-रिक्शा गुजरा, जिसपर कुमारी पटेल (28) अपने परिवार के साथ जा रही थीं। उन्होंने महिला को जलते देखा तो बिना एक पल गंवाए और अपनी परवाह किए महिला की ओर दौड़ पड़ीं। उन्हें देख आसपास के लोग भी दौड़ पड़े और सभी ने आग पर काबू पाया।
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पडरौना कोतवाल हर्षवर्धन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची। आग की चपेट में आई महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला की हालत स्थिर है।
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पर इसकी शर्मिंदगी
कुमारी जब आग में जल रही कमलावती को बचाने का प्रयास कर रही थीं तब उनका मोबाइल फोन वहीं कहीं गिर गया। आग बुझाने के बाद उन्हें जब फोन की सुधि आई तो आसपास तलाश शुरू की लेकिन पता नहीं चला। संयोग से यह सारा घटनाक्रम पास में रहने वाले शिक्षक दुर्गेश त्रिपाठी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। उसमें एक व्यक्ति फोन उठाते हुए नजर आया। वह उसी मोहल्ले का रहने वाला था। लोग उसके पास पहुंचे तो पहले तो उसने इनकार किया लेकिन जब लोगों ने सख्ती की तो उसने फोन लौटा दिया। लोगों का कहना था कि जो महिला अपनी परवाह किए बिना किसी की जान बचाने में लगी थी उसका फोन चोरी करना कितना शर्मनाक था।