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आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण के साथ पढ़ाई भी जरूरी : डीएम
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आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण के साथ पढ़ाई भी जरूरी : डीएम
पडरौना। आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लेकर उसे आदर्श बनाए जाने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों की बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में की गई। बैठक की अध्यक्षता डीएम एस राजलिंगम ने की। उन्होंने कहा कि पोषण के साथ-साथ पढ़ाई व शिक्षा भी जरूरी है।
बैठक में डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना के विकास पर आवश्यक रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए। फर्नीचर, डेस्क, बच्चों के खिलौनों का होना अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन भी आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध हो। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों पर उन्होंने शिक्षा संबंधित खिलौने को उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट टीवी और दृश्य माध्यम से भी बच्चों को शिक्षित करने के लिए निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर सबसे महत्वपूर्ण कुपोषित बच्चों की जांच है। इस क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन मशीन आवश्यक रूप से रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर एप का इस्तेमाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से किया जा रहा है या नहीं, उसे देखा जाए। केंद्रों में आने वाले अति कुपोषित बच्चों पर खास ध्यान देना है। इस दौरान परियोजना निदेशक राजनाथ भगत, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय, डीपीआरओ अभय यादव, प्रभागीय वन अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत विंध्याचल कुशवाहा सहित अन्य मौजूद रहे।
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पडरौना। आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लेकर उसे आदर्श बनाए जाने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों की बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में की गई। बैठक की अध्यक्षता डीएम एस राजलिंगम ने की। उन्होंने कहा कि पोषण के साथ-साथ पढ़ाई व शिक्षा भी जरूरी है।
बैठक में डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना के विकास पर आवश्यक रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए। फर्नीचर, डेस्क, बच्चों के खिलौनों का होना अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन भी आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध हो। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों पर उन्होंने शिक्षा संबंधित खिलौने को उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट टीवी और दृश्य माध्यम से भी बच्चों को शिक्षित करने के लिए निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर सबसे महत्वपूर्ण कुपोषित बच्चों की जांच है। इस क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र पर वजन मशीन आवश्यक रूप से रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर एप का इस्तेमाल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से किया जा रहा है या नहीं, उसे देखा जाए। केंद्रों में आने वाले अति कुपोषित बच्चों पर खास ध्यान देना है। इस दौरान परियोजना निदेशक राजनाथ भगत, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय, डीपीआरओ अभय यादव, प्रभागीय वन अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत विंध्याचल कुशवाहा सहित अन्य मौजूद रहे।
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