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Kushinagar News: जांच में लीपापोती का आरोप, हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
Thu, 16 Jul 2026 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:27 AM IST
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सुकरौली। धनहा गांव के योगेश के लापता होने और बाद में कंकाल मिलने के मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए बुधवार को एसपी को पत्र सौंपा गया। योगेश के पिता रामप्यारे ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि गोरखपुर नगर निगम में सफाईकर्मी योगेश 17 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। 23 जून को पड़री गांव के समीप कंकाल बरामद हुआ। कपड़ों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर परिजनों ने इसे योगेश का होने की आशंका जताई। बाद में पुलिस ने पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराई। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी पीड़ित परिवार से मिलकर हरसंभव मदद तथा निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दे चुके हैं।
अब तक हत्या का प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि बाद में डीएनए रिपोर्ट से कंकाल की पहचान योगेश के रूप में होती है तो साक्ष्यों के संरक्षण और आरोपियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। उधर, पुलिस का कहना है कि बरामद कंकाल की पहचान डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिजनों की मांग है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या के प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू कराई जाए। अब इस पूरे मामले में एसपी के स्तर पर होने वाले निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि गोरखपुर नगर निगम में सफाईकर्मी योगेश 17 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। 23 जून को पड़री गांव के समीप कंकाल बरामद हुआ। कपड़ों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर परिजनों ने इसे योगेश का होने की आशंका जताई। बाद में पुलिस ने पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराई। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी पीड़ित परिवार से मिलकर हरसंभव मदद तथा निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दे चुके हैं।
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अब तक हत्या का प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि बाद में डीएनए रिपोर्ट से कंकाल की पहचान योगेश के रूप में होती है तो साक्ष्यों के संरक्षण और आरोपियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। उधर, पुलिस का कहना है कि बरामद कंकाल की पहचान डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिजनों की मांग है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या के प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू कराई जाए। अब इस पूरे मामले में एसपी के स्तर पर होने वाले निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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