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Kushinagar News: मजबूत की जाएगी एयरपोर्ट की सुरक्षा, विशेष सुरक्षा बल का बनेगा भवन
Sun, 28 Dec 2025 02:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 28 Dec 2025 02:24 AM IST
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कुशीनगर। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। एयरपोर्ट पर तैनात विशेष सुरक्षा बल के जवानों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु भूमि उपलब्ध कराने को लेकर विभिन्न विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देशन में इस संबंध में उपजिलाधिकारी कसया से प्राप्त आख्या के आधार पर संभावित स्थलों का विस्तृत परीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया है। विशेष सुरक्षा बल की ओर से शस्त्रागार, बैरक, कार्यालय, भोजनालय, शौचालय एवं स्नानागार सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि की मांग की गई है।
प्रशासन के समक्ष पहला विकल्प तहसील कसया के ग्राम नकहनी का है, जहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पश्चिमी सिरे से सटी लगभग 10.02 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध बताई गई है। यह भूमि आवासीय उपयोग के लिए उपयुक्त मानी जा रही है तथा सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती के लिहाज से भी इसे अनुकूल बताया गया है। दूसरे विकल्प के रूप में ग्राम महुआडीह लौंगरापुर स्थित बंजर श्रेणी की भूमि को चिह्नित किया गया है, जो एयरपोर्ट से लगभग पांच किलोमीटर दूर है।
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परीक्षण के उपरांत इस भूमि के पुनर्ग्रहण की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। तीसरे विकल्प के तहत तहसील कसया क्षेत्र में नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज एवं वर्तमान में रिक्त कुछ गाटों को चिन्हित किया गया है, जो एयरपोर्ट से लगभग 1.2 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यदि यह भूमि सुरक्षा मानकों पर उपयुक्त पाई जाती है तो शासन स्तर से इसके हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके अलावा, यदि एयरपोर्ट की पांच किलोमीटर परिधि में पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होती है तो आपसी सहमति अथवा विधिक अधिग्रहण प्रक्रिया के माध्यम से निजी भूमि क्रय करने के विकल्प पर भी विचार किया गया है, जिसके लिए आवश्यक बजट व्यवस्था की जाएगी।
डीएम ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विकल्पों का समग्र मूल्यांकन कर सर्वाधिक उपयुक्त प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल न केवल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जिले की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक छवि को भी सुदृढ़ करेगी।
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देशन में इस संबंध में उपजिलाधिकारी कसया से प्राप्त आख्या के आधार पर संभावित स्थलों का विस्तृत परीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया है। विशेष सुरक्षा बल की ओर से शस्त्रागार, बैरक, कार्यालय, भोजनालय, शौचालय एवं स्नानागार सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि की मांग की गई है।
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प्रशासन के समक्ष पहला विकल्प तहसील कसया के ग्राम नकहनी का है, जहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पश्चिमी सिरे से सटी लगभग 10.02 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध बताई गई है। यह भूमि आवासीय उपयोग के लिए उपयुक्त मानी जा रही है तथा सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती के लिहाज से भी इसे अनुकूल बताया गया है। दूसरे विकल्प के रूप में ग्राम महुआडीह लौंगरापुर स्थित बंजर श्रेणी की भूमि को चिह्नित किया गया है, जो एयरपोर्ट से लगभग पांच किलोमीटर दूर है।
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परीक्षण के उपरांत इस भूमि के पुनर्ग्रहण की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। तीसरे विकल्प के तहत तहसील कसया क्षेत्र में नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज एवं वर्तमान में रिक्त कुछ गाटों को चिन्हित किया गया है, जो एयरपोर्ट से लगभग 1.2 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यदि यह भूमि सुरक्षा मानकों पर उपयुक्त पाई जाती है तो शासन स्तर से इसके हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके अलावा, यदि एयरपोर्ट की पांच किलोमीटर परिधि में पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होती है तो आपसी सहमति अथवा विधिक अधिग्रहण प्रक्रिया के माध्यम से निजी भूमि क्रय करने के विकल्प पर भी विचार किया गया है, जिसके लिए आवश्यक बजट व्यवस्था की जाएगी।
डीएम ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विकल्पों का समग्र मूल्यांकन कर सर्वाधिक उपयुक्त प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल न केवल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जिले की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक छवि को भी सुदृढ़ करेगी।