फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   After the action, brokers were not seen, nearby medicine shops remained closed.

Kushinagar News: कार्रवाई के बाद नजर नहीं आए दलाल, आसपास की बंद रहीं दवा की दुकानें

Sun, 17 Mar 2024 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 17 Mar 2024 01:55 AM IST
विज्ञापन
After the action, brokers were not seen, nearby medicine shops remained closed.
पडरौना। पुलिस की कार्रवाई के बाद शनिवार को मेडिकल कॉलेज में दलाल नजर नहीं आए। कैंपस के आसपास के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन सक्रिय दिखा और सुरक्षा गार्ड पर्ची काउंटर से ओपीडी तक दौड़ते नजर आए। मरीजों की पर्ची लिखने वाली सभी दवाएं मेडिकल कॉलेज से मिल रही थी। जबकि इसके पहले पर्ची पर लिखी गई दो से तीन दवा मेडिकल स्टोर से मरीजों को खरीदनी पड़ती थी। वह मेडिकल कॉलेज में नहीं मिलती थी। दलालों पर शिकंजा कसने के बाद यह नया बदलाव देखने को मिला। स्वास्थ्यकर्मियों की सांठगांठ से दवा बेचने से लेकर जांच कराने में कमीशनखोरी का खेल चल रहा था।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज प्रशासन की पहल और एसपी के निर्देश पर एसओजी ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज से छह दलालों को गिरफ्तार किया था, बाकी दलाल भाग निकले थे। मेडिकल कॉलेज में गैंग बनाकर दलाल डॉक्टर के चैंबर, पैथाेलॉजी, रेडियोलॉजी, दवा काउंटर, एमसीएच विंग में आने वाले मरीजों को शिकार बनाने वाले दलालों का कहीं पता नहीं था। एमसीएच विंग बिल्डिंग के पर्ची काउंटर पर शनिवार को सुबह 11:30 बजे करीब 350 सौ नए मरीजों ने पंजीकरण कराया था। गायनी विभाग में 110 मरीजों का इलाज किया गया था। अस्पताल की ओपीडी में 11:50 बजे मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी हुई थी। मेडिसिन विभाग में करीब 65, पल्मोनरी व रेस्पेरेट्री विभाग में 60, हड्डीरोग विभाग में 95, नेत्ररोग विभाग में 77, बालरोग विभाग में 55 मरीज इलाज के लिए आए थे। एआरवी विभाग में 12:00 बजे तक 52 लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी। अस्पताल के दवा काउंटर पर 12:15 बजे दवाओं के लिए मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार लगी थी। खास बात यह रही कि मरीजों के पर्ची पर जो भी दवा डॉक्टर लिखे थे, वे सभी दवाएं काउंटर पर मिल जा रही थी। किसी मरीज के पर्ची पर एक भी बाहरी दवा डॉक्टर नहीं लिख रहे थे, 12:25 बजे रेडियोलॉजी विभाग में 80 मरीजों का एक्सरे किया गया जबकि 23 मरीजों का अल्ट्रासाउंड हुआ था। मेडिकल कॉलेज के पैथालॉजी विभाग में दोपहर के 12:40 बजे 67 मरीजों की जांच के लिए नमूने लिए गए।
विज्ञापन

-
वार्डों में भी रही भीड़
-अस्पताल में शनिवार को एसएनसीयू वार्ड में 56 नवजात बच्चों का यहां उपलब्ध 22 बेड पर इलाज चल रहा था। उसमें चार नवजातों के फेफड़ों में संक्रमण, चार पीलिया और बाकी 48 झटका के मरीज मिले। मेडिसिन वार्ड में 56 मरीज भर्ती किए गए थे। मेडिसिन वार्ड में मरीजों के बेड और गलियारों में उनके साथ आए तीमारदार जमे हुए थे, जो संक्रमण के साथ-साथ वार्ड में भीड़ का कारण बने हुए थे। सर्जिकल वार्ड में 22 मरीज भर्ती मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। सभी सुविधाएं निशुल्क हैं। मरीजों और उनके परिजनों को किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। कॉलेज प्रशासन इस तरह की कार्रवाई आगे भी करता रहेगा। सीसीटीवी कैमरे से भी अब मॉनिटरिंग की जा रही है। -डॉ. आरके शाही, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed