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Kushinagar News: विसर्जन के बाद दुर्गा प्रतिमाओं के अवशेषों की बेकद्री, काेई ध्यान देने वाला नहीं

Fri, 27 Oct 2023 11:46 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:46 PM IST
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After immersion, remains of Durga idols are ignored, no one pays attention
खिरकिया में झरही नदी में हुआ था प्रतिमाओं का विसर्जन
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अभी भी नदी में अवशेष भरे हुए हैं, किनारे भी स्थिति जस की तस

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। दुर्गा पूजा के बाद बुधवार की रात झरही नदी के खिरकिया घाट पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन तो कर दिया गया, लेकिन वहां सफाई नहीं कराई गई है। प्रतिमाओं के मलबे से नदी भरी पड़ी है। उसके किनारे भी अवशेष पड़े हुए हैं, जिसमें शुक्रवार को भी बच्चे पैसे, कपड़े और अपने काम का सामान ढूंढते नजर आए। वहां के लोगों का कहना था कि छठ पूजा पर यहां महिलाएं अर्घ्य देने आती हैं, पूजा करती हैं। इससे पहले सफाई कराना जरुरी है।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र में 100 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना हुई थी। उनमें अधिकतर का विसर्जन बुधवार की रात खिरकिया से होकर बहने वाली झरही नदी में किया गया था। नदी में पानी घुटने तक ही होने के कारण प्रतिमाएं पानी के प्रवाह में नहीं बह पाईं और जहां विसर्जित की गईं, वहीं पड़ी रह गई। पानी में मिट्टी तो गल गई, लेकिन बाकी अवशेष से पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। प्रतिमाओं में प्रयुक्त होने वाले कपड़े, लकड़ी, पुआल आदि से झरही नदी पूरी तरह पट गई है। नदी में पानी नहीं होने से वे विसर्जन के दौरान खंडित हो गई थीं। वहां अवशेष ज्यों के त्यों पड़े हैं। इससे नदी पूरी तरह दुर्दशाग्रस्त दिख रही है। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि छठपूजा में यहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं अर्घ्य देने आती हैं, लेकिन इसका भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
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लोग बोले-
- झरही नदी आस्था की प्रतीक है। इसके एक घाट पर लोग शवों की अंत्येष्टि करते हैं, लेकिन दूसरे घाट पर छठ बेदियां हैं, जहां छठ पूजा के दौरान महिलाएं छठ माता और भगवान सूर्य की आराधना कर उन्हें अर्घ्य देती हैं। प्रतिमा विसर्जन के बाद यहां सफाई जरुरी है।
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मनोज, अमवा जंगल

दुर्गा पूजा के बाद यहां प्रतिमा विसर्जन होता है। सुरक्षा के लिहाज से अधिकारी पहले ही आकर भ्रमण कर लेते हैं, लेकिन विसर्जन के बाद कोई देखने नहीं आया कि झरही नदी किस दुर्दशा में है।

वीरेंद्र प्रसाद, जंगल अमवा

खिरकिया में हर साल दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, लेकिन उसके बाद जिम्मेदार इस तरफ ध्यान नहीं देते। आस्था से जुड़ी इस नदी की सफाई भी जरुरी है।
दशरथ, खिरकिया

प्रतिमा विसर्जन के बाद झरही नदी प्रतिमाओं के अवशेष से पट गई है। पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। इसके घाटों पर सफाई भी नहीं हुई। इस पर जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
मनोज मद्धेशिया, खिरकिया
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