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जिला अस्पताल में 25 और हर सीएचसी में पांच बेड का तैयार होगा पीआईसीयू

Wed, 02 Jun 2021 10:55 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jun 2021 10:55 PM IST
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adminstration redy for third wave
जिला अस्पताल में 25 और हर सीएचसी में पांच बेड का तैयार होगा पीआईसीयू
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रत्येक बेड पर होगी ऑक्सीजन की सुविधा
शून्य से 28 दिन तक के बच्चों को रखा जाएगा एसएनसीयू में
आईटीआई और इंटर विज्ञान वर्ग के छात्रों को प्रशिक्षण देकर बनाया जाएगा पैरामेडिकल स्टाफ
सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, ईसीजी और खून की जांच की होगी सुविधा
पडरौना। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बच्चों को इससे बचाने के लिए जिला प्रशासन ने फुलप्रूफ तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में इंसेफेलाइटिस से मासूमों को बचाने के लिए बने दस बेड के पीआईसीयू की क्षमता बढ़ाकर 25 बेड करने और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच बेड का मिनी पीआईसीयू और वार्ड में उपलब्ध प्रत्येक बेड को ऑक्सीजन से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पाइपलाइन लगाने का काम यूपीपीसीएल को सौंप दिया गया है। इसके अलावा 28 दिन तक के बच्चों का उपचार एसएनसीयू में किया जाएगा। बीमार बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कहीं अन्यत्र भटकना न पड़े, इसलिए प्रत्येक सीएचसी पर ही अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, ईसीजी और खून के जांच की व्यवस्था की जाएगी। इसकी कार्ययोजना बनाकर डीएम की तरफ से शासन को भेज दी गई है।
कोरोना महामारी की तीसरी लहर और इससे बच्चों में संक्रमण की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए जिला अस्पताल में बने 10 बेड के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) की क्षमता बढ़ाकर 25 बेड की जाएगी। 30 बेड की क्षमता वाले सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तीन बेड का मिनी पीआईसीयू और सभी बेड को ऑक्सीजन से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल में सात बेड का एसएनसीयू है, जिसमें से एक वेंटीलेटर और शेष ऑक्सीजन से जुड़ेंगे, जहां 28 दिन तक के बच्चों का भी उपचार हो सकेगा। इसके लिए यूपीपीसीएल को पाइप लाइन बिछाने की जिम्मेदारी दे दी गई है। इसके साथ-साथ अन्य कई इंतजाम भी किए जा रहे हैं। (संवाद)
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आईटीआई और इंटर विज्ञान के छात्रों की लगाई जाएगी ड्यूटी
पीआईसीयू और मिनी आईसीयू में भर्ती होने वाले बच्चों में कोविड की जांच, पैरामेडिकल स्टाफ के तौर पर कार्य करने और मशीनों को संचालित करने के लिए आईटीआई एवं इंटर विज्ञान के छात्रों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
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जांच के लिए हर सीएचसी पर बढ़ाई जाएगी सुविधा
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोगों को जांच के लिए भटकना न पड़े और न ही अधिक रुपये खर्च करने पड़ें, इसके लिए हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, ईसीजी और खून की जांच की व्यवस्था की जाएगी। इससे गर्भवती महिलाओं की परेशानी भी दूर होगी।
34 वेंटीलेटर मिले, 50 वेंटीलेटर भी जल्द
कोविड मरीजों के लिए जिला अस्पताल के लेवल-टू हॉस्पिटल में 24 वेंटीलेटर पहले से उपलब्ध हैं। इनके अतिरिक्त 34 वेंटीलेटर और मिल गए हैं। इसके अलावा 50 वेंटीलेटर अभी गोरखपुर से मिल रहे हैं। इस तरह गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज पहले से अधिक सुलभ हो जाएगा।

कोट
कोविड महामारी की तीसरी लहर और उससे बच्चों में संक्रमण के खतरे की आशंका को देखते हुए तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। जिला अस्पताल व सीएचसी पर ही सभी प्रकार के जांच की सुविधा बढ़ाई जा रही है। 28 हाईफ्लो नेशल कैनुला भी मिल रहा है। यह बच्चों का वेंटीलेटर है, जिसे सभी सीएचसी पर दो-दो भेजा जा रहा है। कोविड की रोकथाम के लिए कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और अन्य विधायक जन की तरफ से मिली सहायता राशि का उपयोग तीसरी लहर में बच्चों की सुरक्षा के लिए इस प्रकार के संसाधनों पर किया जाएगा।
-एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी
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