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Kushinagar News: सीमांकन के बाद सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की तैयारी में प्रशासन
Thu, 16 May 2024 04:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 16 May 2024 04:24 AM IST
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पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बघपरना गांव में चुनावी बहस के दौरान राधेश्याम पाठक की हत्या के मुख्य आरोपी शंभू चौधरी के जेल जाने के बाद गांव के लोगों में तरह-तरह की चर्चा है। उसके काले कारनामें और सरकारी भूमि पर तीन दशक से कब्जा कर घर बनाए जाने की पुष्टि भी हो चुकी है। सीमांकन होने के बाद सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की तैयारी में प्रशासनिक अफसर जुट गए हैं।
शंभू चौधरी के जेल जाने के बाद उसके उत्पीड़न के मामले में सामने आने लगे हैं। बुधवार को गांव के कुछ लोगों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि शंभू ने बहुत लोगों के साथ अभद्रता करने के बाद दलित उत्पीड़न कानून का फायदा उठाकर लोगों से मामले के सुलह करने के नाम पर मोटी रकम वसूल चुका है। संभ्रांत और सामाजिक लोगों को ही वह अपना टारगेट बनाता है। प्रतिष्ठा के डर से लोग उसके शर्त को मान अपना पिंड छुड़ाने में भलाई समझते हैं। उसके नाम का इस कदर दहशत था कि सरकारी भूमि पर कब्जा होने के बाद भी गांव का कोई व्यक्ति उसके खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। गांव वालों के अनुसार शंभू नौकरी के नाम पर भी कई लोगों से रुपये लेकर रख लेता था। वापसी के नाम पर दलित उत्पीड़न केस में फंसाने की धमकी देकर मुंह बंद करा देता। मंगलवार को डीएम के निर्देश पर जमीन की पैमाइश होने और उसकी सीमांकन कर दिये जाने से गांव के लोग मन ही मन खुश भी हैं। उन्हें उम्मीद है कि देर से ही सही, लेकिन अब न्याय होकर रहेगा। गांव के लोगों को प्रशासन के अगली कार्रवाई का इंतजार है।
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शंभू चौधरी के जेल जाने के बाद उसके उत्पीड़न के मामले में सामने आने लगे हैं। बुधवार को गांव के कुछ लोगों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि शंभू ने बहुत लोगों के साथ अभद्रता करने के बाद दलित उत्पीड़न कानून का फायदा उठाकर लोगों से मामले के सुलह करने के नाम पर मोटी रकम वसूल चुका है। संभ्रांत और सामाजिक लोगों को ही वह अपना टारगेट बनाता है। प्रतिष्ठा के डर से लोग उसके शर्त को मान अपना पिंड छुड़ाने में भलाई समझते हैं। उसके नाम का इस कदर दहशत था कि सरकारी भूमि पर कब्जा होने के बाद भी गांव का कोई व्यक्ति उसके खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। गांव वालों के अनुसार शंभू नौकरी के नाम पर भी कई लोगों से रुपये लेकर रख लेता था। वापसी के नाम पर दलित उत्पीड़न केस में फंसाने की धमकी देकर मुंह बंद करा देता। मंगलवार को डीएम के निर्देश पर जमीन की पैमाइश होने और उसकी सीमांकन कर दिये जाने से गांव के लोग मन ही मन खुश भी हैं। उन्हें उम्मीद है कि देर से ही सही, लेकिन अब न्याय होकर रहेगा। गांव के लोगों को प्रशासन के अगली कार्रवाई का इंतजार है।
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