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Kushinagar News: नकली स्टांप के खेल की जांच में जुटा प्रशासन

Mon, 08 Apr 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 08 Apr 2024 12:56 AM IST
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Administration engaged in investigation of fake stamp game
पडरौना। गोरखपुर में नकली स्टांप गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कुशीनगर के तीनों आरोपियों से तालुकात रखने वालों का कनेक्शन पुलिस खंगाल रही है। प्रशासन ने स्टांप वेंडरों को रजिस्टर जमा करने का नोटिस जारी किया है। इस खेल में शामिल तीनों आरोपी जिला मुख्यालय पर बैठकर नकली स्टांप का खेल करते थे। रजिस्टर में दर्ज स्टांप और शुल्क का मिलान के दौरान कई और वेंडर भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। रजिस्टर जमा कराने के आदेश के बाद स्टांप वेंडरों में खलबली मची है। रजिस्टर नहीं जमा करने वाले स्टांप वेंडरों का लाइसेंस निरस्त कर केस दर्ज कराया जाएगा।
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तीन दिन पहले गोरखपुर पुलिस ने नकली स्टांप बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इसमें कुशीनगर के तीन स्टांप वेंडर भी शामिल हैं। एक स्टांप वेंडर के पकड़े जाने के बाद ही गिरोह के मुख्य सरगना तक पुलिस पहुंची थी। तीनों वेंडर कुशीनगर जिला मुख्यालय पर बैठते थे और यहीं से नकली स्टांप का खेल करते थे। चूंकि, ऑनलाइन प्रक्रिया की बजाय मैनुअल तरीके से किसी क्लेम में लगने वाले नकली स्टांप को जिम्मेदार भी नहीं पकड़ पाते थे। इस वजह से यह खेल कई वर्षों से कुशीनगर जिले में भी चल रहा था। जब कुशीनगर के तीन वेंडरों का नाम नकली स्टांप बनाने वाले गिरोह से जुड़ा तो यहां के जिम्मेदार भी इसकी जांच में जुट गए हैं। जिले के स्टांप वेंडरों का रजिस्टर जमा करने के लिए आदेश जारी किया गया है। रजिस्टर जमा होने के बाद स्टांप की बिक्री और शुल्क मिलान किया जाएगा। इस जांच के बाद कई और वेंडरों का नाम भी सामने आ सकता है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि नकली स्टांप गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद कार्रवाई की डर से कुछ स्टांप वेंडर मुख्यालय आना ही छोड़ दिए हैं।
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वर्षों से चल रहा था धंधा
-नकली स्टांप गिरोह में पकड़े गए कसया थाना क्षेत्र के जानकी नगर निवासी ऐश मोहम्मद, पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सिरसिया दीक्षित निवासी रविंद्र दीक्षित व जंगल बकुलहां के नंदू उर्फ नंदलाल जिला मुख्यालय पर वर्षों से स्टांप बेचते थे। सूत्रों का कहना है कि कई वर्ष से ये नकली स्टांप की सप्लाई करते थे, लेकिन मिलनसार स्वभाव होने के कारण इन पर किसी ने शक नहीं किया। अब जब गिरोह में इनके शामिल होने की जानकारी अन्य वेंडरों को हुई तो वे भी कार्रवाई से डरने लगे हैं। रसीदी टिकट भी नकली बेचने की चर्चा है। सूत्रों की मानें तो रसीदी टिकट के बार कोड का फोटो मोबाइल में खींचकर सिवान से प्रिंट कराकर लाकर जिले में बेचते हैं। इसकी भी जांच कराई जाए तो कई स्टांप वेंडरों की गर्दन फंस। --
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-सभी स्टांप वेंडरों को रजिस्टर जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। स्टांप की खरीद, बिक्री करने की जांच कराई जा रही है। पुराने स्टांप का भी मिलान किया जा रहा है। जमीन बैनामा में लगे स्टांपों की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर से इसकी जांच कराई जा रही है। -वैभव मिश्र, एडीएम प्रशासन

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-जिले के तीन स्टांप वेंडर नकली स्टांप बेचने के धंधे में शामिल थे। गोरखपुर पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है। गोरखपुर पुलिस ही इसकी जांच कर रही है। जांच में स्थानीय पुलिस मदद कर रही है। स्टांप वेंडरों से जुड़े लोगों के बारे मेंं जांच टीम पता लगा रही है। -धवल जायसवाल एसपी
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