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सेना में भर्ती होने की ललक में खुद बना डाला ट्रैक
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सेना में भर्ती होने की ललक में खुद बना डाला ट्रैक
पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। सेना में भर्ती होकर देश की सुरक्षा का जज्बा रखने वाले पकड़ियार के युवाओं ने अपनी तैयारी की राह में संसाधन की कमी को बाधा नहीं बनने दिया। दौड़ के अभ्यास के लिए सड़क पर जाकर जान जोखिम में डालने की बजाय इन युवाओं ने एक स्कूल के खेल मैदान को ही साफ करके दौड़ने लायक बना दिया। श्रमदान के अलावा मिट्टी भराई के 10 हजार रुपये का प्रबंध भी जेबखर्च का रकम बचाकर किया।
पकड़ियार क्षेत्र के किसान परिवारों से ताल्लुक रखने वाले तमाम युवा सेना भर्ती के लिए सड़कों पर सुबह-शाम दौड़ लगाते थे, लेकिन सड़कों पर हो रहे हादसों से सबक लेते हुए इन युवाओं ने नई जगह की तलाश शुरू की। गांव में ऐसा कोई खेल मैदान या अन्य खाली जगह नहीं होने पर युवाओं ने कोरोना संकट के चलते बंद चल रहे जनता पूर्व माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में अभ्यास का निर्णय लिया, लेकिन संकट यह था कि ग्राउंड झाड़ियों से भरा था। स्कूल प्रबंधक की सहमति भी जरूरी थी। स्कूल संचालक विजय प्रताप कुशवाहा तक बात पहुंची तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी, लेकिन स्कूल खुलने के बाद ही ग्राउंड की सफाई की बात कही। सहमति मिलने पर युवाओं ने श्रमदान कर झाड़ी साफ करने का निर्णय लिया।
सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के ग्रुप लीडर जैनुद्दीन ने बताया कि तीन दोस्तों इस्तेखार, दुर्गेश कुशवाहा और संतोष के साथ मिलकर ‘दौड़ जिंदगी है’ के नाम से एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया। इसमें सेना भर्ती में रुचि रखने वाले आसपास के युवाओं को जोड़ा गया। सबसे चर्चा करके जेब खर्च से रकम बचाकर दौड़ के लिए ट्रैक बनाने की बात तय हुई। पहले एक सप्ताह तक खुद ही ग्राउंड की सफाई का काम शुरू हुआ। गड्ढों को समतल करने का प्रयास किया गया। इसके लिए थोड़ी मिट्टी बाहर से मंगानी पड़ी। करीब 15 दिन में ट्रैक दौड़ने लायक बन गया। अब इस पर सुबह 5:30 बजे व शाम को 6:30 बजे से युवा दौड़ लगा रहे हैं। इन युवाओं को देखकर कई अन्य युवा भी अभ्यास के लिए पहुंचने लगे हैं। युवा भरथ व मोहन ने बताया कि वे लोग भी यहां अब नियमित अभ्यास करने आ रहे हैं। दुर्गेश कुशवाहा का कहना है कि उनके बड़े भाई सेना में हैं। उन्हें वर्दी में देख मेरे मन भी सेना में भर्ती होने की ललक जगी। ग्रुप लीडर जैनुद्दीन का कहना है की वह तीन बार सेना में भर्ती के लिए प्रयास कर चुके हैं। हालांकि वे भर्ती होने से चूक गये हैं पर हौसला नहीं टूटा है।
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‘ट्रैक को और बेहतर बनाया जाएगा’
इन युवाओं की मेहनत व लगन देखकर जनता पूर्व माध्यमिक विद्यालय के संचालक विजय प्रताप कुशवाहा भी बेहद प्रसन्न हैं। इनका कहना है कि अब स्कूल खुल गया तो ट्रैक की नियमित देखभाल का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा संसाधन जुटाकर ट्रैक को और बेहतर बनाया जाएगा जिससे कि गांव के युवाओं के साथ-साथ स्कूल के बच्चों में भी सेना भर्ती के प्रति जोश बढ़े।
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पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। सेना में भर्ती होकर देश की सुरक्षा का जज्बा रखने वाले पकड़ियार के युवाओं ने अपनी तैयारी की राह में संसाधन की कमी को बाधा नहीं बनने दिया। दौड़ के अभ्यास के लिए सड़क पर जाकर जान जोखिम में डालने की बजाय इन युवाओं ने एक स्कूल के खेल मैदान को ही साफ करके दौड़ने लायक बना दिया। श्रमदान के अलावा मिट्टी भराई के 10 हजार रुपये का प्रबंध भी जेबखर्च का रकम बचाकर किया।
पकड़ियार क्षेत्र के किसान परिवारों से ताल्लुक रखने वाले तमाम युवा सेना भर्ती के लिए सड़कों पर सुबह-शाम दौड़ लगाते थे, लेकिन सड़कों पर हो रहे हादसों से सबक लेते हुए इन युवाओं ने नई जगह की तलाश शुरू की। गांव में ऐसा कोई खेल मैदान या अन्य खाली जगह नहीं होने पर युवाओं ने कोरोना संकट के चलते बंद चल रहे जनता पूर्व माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में अभ्यास का निर्णय लिया, लेकिन संकट यह था कि ग्राउंड झाड़ियों से भरा था। स्कूल प्रबंधक की सहमति भी जरूरी थी। स्कूल संचालक विजय प्रताप कुशवाहा तक बात पहुंची तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी, लेकिन स्कूल खुलने के बाद ही ग्राउंड की सफाई की बात कही। सहमति मिलने पर युवाओं ने श्रमदान कर झाड़ी साफ करने का निर्णय लिया।
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सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के ग्रुप लीडर जैनुद्दीन ने बताया कि तीन दोस्तों इस्तेखार, दुर्गेश कुशवाहा और संतोष के साथ मिलकर ‘दौड़ जिंदगी है’ के नाम से एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया। इसमें सेना भर्ती में रुचि रखने वाले आसपास के युवाओं को जोड़ा गया। सबसे चर्चा करके जेब खर्च से रकम बचाकर दौड़ के लिए ट्रैक बनाने की बात तय हुई। पहले एक सप्ताह तक खुद ही ग्राउंड की सफाई का काम शुरू हुआ। गड्ढों को समतल करने का प्रयास किया गया। इसके लिए थोड़ी मिट्टी बाहर से मंगानी पड़ी। करीब 15 दिन में ट्रैक दौड़ने लायक बन गया। अब इस पर सुबह 5:30 बजे व शाम को 6:30 बजे से युवा दौड़ लगा रहे हैं। इन युवाओं को देखकर कई अन्य युवा भी अभ्यास के लिए पहुंचने लगे हैं। युवा भरथ व मोहन ने बताया कि वे लोग भी यहां अब नियमित अभ्यास करने आ रहे हैं। दुर्गेश कुशवाहा का कहना है कि उनके बड़े भाई सेना में हैं। उन्हें वर्दी में देख मेरे मन भी सेना में भर्ती होने की ललक जगी। ग्रुप लीडर जैनुद्दीन का कहना है की वह तीन बार सेना में भर्ती के लिए प्रयास कर चुके हैं। हालांकि वे भर्ती होने से चूक गये हैं पर हौसला नहीं टूटा है।
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‘ट्रैक को और बेहतर बनाया जाएगा’
इन युवाओं की मेहनत व लगन देखकर जनता पूर्व माध्यमिक विद्यालय के संचालक विजय प्रताप कुशवाहा भी बेहद प्रसन्न हैं। इनका कहना है कि अब स्कूल खुल गया तो ट्रैक की नियमित देखभाल का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा संसाधन जुटाकर ट्रैक को और बेहतर बनाया जाएगा जिससे कि गांव के युवाओं के साथ-साथ स्कूल के बच्चों में भी सेना भर्ती के प्रति जोश बढ़े।