फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   a hospital where doctors are not posted

एक ऐसा अस्पताल, जहां डॉक्टर ही तैनात नहीं किए जाते

Sat, 19 Feb 2022 11:29 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 11:29 PM IST
विज्ञापन
a hospital where doctors are not posted
खड्डा क्षेत्र के शिवपुर अस्पताल। - फोटो : KUSHINAGAR
एक ऐसा अस्पताल, जहां डॉक्टर ही तैनात नहीं किए जाते
विज्ञापन

गंडक नदी के उस पार खड्डा क्षेत्र के शिवपुर गांव में है यह अस्पताल
खड्डा (कुशीनगर)। आजादी के बाद कई चुनाव बीत गए। हर चुनाव में वादे किए जाते हैं, लेकिन खड्डा विकास खंड के गंडक नदी पार बसी करीब 35 हजार आबादी तक स्वास्थ्य सेवा नहीं पहुंच पा रही है। डेढ़ दशक पहले खड्डा क्षेत्र के शिवपुर गांव में 15 साल पहले एक न्यू पीएचसी जरूर बनी, लेकिन अब तक यह संचालित नहीं हुआ। यहां किसी डॉक्टर की तैनाती भी नहीं होती है। अब यह खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।
गंडक नदी उस पार के बाढ़ प्रभावित मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर आदि गांवों की करीब 35 हजार जनता को बीमार होने पर झोलाछाप पर निर्भर होना पड़ता है। अगर यहां किसी को आकस्मिक इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में जाना होता है तो उसे बिहार के रास्ते जंगल पार कर सालिकपुर पनियहवा होते हुए लगभग 40 किलोमीटर की दूरी तय कर खड्डा जाना पड़ता है। अगर जिला अस्पताल जाना पड़े तो 80 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन

ग्रामीण बताते हैं कि बाढ़ के समय पूरा इलाका सड़क मार्ग से कट जाता है। उस समय और विकट समस्या हो जाती है। महिलाओं का प्रसव अब भी पुराने ढंग से कराने पड़ता है। ग्रामीण नथुनी, रामेश्वर, हीरा, नंदू, अंगद, अनिल, रामसेवक, उर्मिला, जोगेंद्र, मनोज, अनिल ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले शिवपुर में सरकारी अस्पताल बनाया गया तो लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। फिर भी इस अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं आया न इलाज शुरू हुआ। अब तो अस्पताल खंडहर में बदलने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बरसात के पहले डीएम एस. राजलिंगम के साथ सीएमओ व अन्य अधिकारी आए थे। डीएम ने अस्पताल को संचालित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक कभी-कभार खड्डा से कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी आते हैं और दवा वितरण करने का कोरम पूरा कर लौट जाते हैं। हर चुनाव में राजनीतिक पार्टी के लोग इस अस्पताल को संचालित कराने का वादा करते हैं, लेकिन वादा अब तक वास्तविकता में नहीं बदला।

‘डॉक्टर की मांग की गई है’
खड्डा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि शिवपुर अस्पताल को संचालित करने के लिए डॉक्टर की मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई डॉक्टर नहीं मिला है। पहले भी वहां के लिए डॉक्टर तैनात करने की मांग होती रही हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति व सीधे पहुंचने का मार्ग नहीं होने से दिक्कत आती है। डॉक्टर की तैनाती होते ही अस्पताल संचालित कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed