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पोस्टमार्टम होने में ही लग गए तीन दिन
Kushinagar
Updated Tue, 14 Oct 2014 05:30 AM IST
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कुशीनगर। कठकुइया रेलवे स्टेशन के पास जिस महिला को गला रेतकर फें का गया था, उसके शव का पोस्टमार्टम घटना के तीसरे दिन हुआ। जबकि महिला के साथ जिस युवक का शव मिला था, उसका पोस्टमार्टम रविवार को हो गया। गोरखपुर की गुलहरिया थाने की पुलिस महिला को अज्ञात मानकर दो दिनों तक उसके परिजनों के आने का इंतजार करती रही। जबकि महिला की शिनाख्त घटना वाले दिन ही हो गई थी। महिला की ओर से कागज पर लिखे शब्दों को बयान मानकर पुलिस ने कुबेरस्थान थाने में उसके पिता के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज किया है। माना जा रहा है कि दोनों जिलों की पुलिस के बीच तालमेल की कमी के कारण पोस्टमार्टम में देरी हुई। इस कारण साक्ष्यों के कमजोर होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। शनिवार सुबह कठकुइया स्टेशन के पास एक युवक का शव और उसके करीब सौ मीटर की दूरी पर गंभीर रूप से घायल एक महिला को लोगों ने देखा। एसपी के निर्देश पर कुबेरस्थान थाने के सिपाहियों ने घायल महिला को जिला अस्पताल भेजा। महिला ने कागज पर अपना नाम ब्यूटी सिंह, पति का नाम नरेश, पिता का नाम रामानंद और पता समस्तीपुर जिले का उजियारपुर लिखा था। पुलिस ने महिला के पिता के खिलाफ कुबेरस्थान थाने में मुकदमा दर्ज किया था। उसी दिन दोपहर को महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। महिला के भाई अनिल सिंह पहले कुबेरस्थान थाने फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अनिल सिंह ने युवक के शव को पहचानने से इनकार किया था। रविवार को ही युवक के शव का पोस्टमार्टम हुआ। जबकि ब्यूटी सिंह के शव का पोस्टमार्टम रविवार को भी नहीं हो पाया। गोरखपुर के एडी हेल्थ डॉक्टर डीएन त्रिपाठी बताते हैं कि पोस्टमार्टम में देरी से कुछ चीजें प्रभावित हो सकती हैं। जैसे-जैसे शव पुराना होता है, उसके अंदर के रसायन बदलने लगते हैं। सड़न आने लगती है। अगर रेप की आशंका हो तो देर होने के कारण स्लाइड बनाने के बाद उसकी पुष्टि प्रभावित हो सकती है।
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