{"_id":"70-92099","slug":"Kushinagar-92099-70","type":"story","status":"publish","title_hn":"टाइगर प्रोजेक्ट में बीमार हाथी की हालत खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टाइगर प्रोजेक्ट में बीमार हाथी की हालत खराब
Kushinagar
Updated Sun, 27 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खड्डा (कुशीनगर)। उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में रखे हाथियों के जोड़े में से नर हाथी अमृत तीन माह से बीमार है। संजय गांधी प्राणि उद्यान पटना और वन विभाग के पशु चिकित्सक इसके इलाज में जुटे हैं लेकिन अमृत की हालत में सुधार नहीं दिख रहा है।
वाल्मीकि टाइगर प्रोजेक्ट के मदनपुर रेंज में वन विभाग ने नर हाथी अमृत और मादा हाथी रूपा को रखा गया है। इन हाथियों की सहायता से वनकर्मी जंगल के दुर्गम स्थलों पर गश्त करते हैं। लगभग 40 वर्ष के हो चुके अमृत की तबीयत तीन माह पहले बिगड़ने लगी। इसकी सूचना वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और उपचार शुरू हुआ। एक माह पूर्व हाथी आक्रामक हो गया था और उसने अपने रहने के लिए बने शेड को तहस नहस कर डाला था। उसके बाद उसके दोनों पैरों में जंजीरें डाल दी गईं। इससे उसके पैरों में जख्म हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संजय गांधी प्राणि उद्यान पटना के चिकित्सक डॉ. अमरेंद्र बहादुर सिंह, स्थानीय चिकित्सक डॉ. एसवी राव इलाज में जुटे हैं। लेकिन तीन दिन से अमृत की हालत बिगड़ती जा रही है।
वह जमीन पर तीन दिन से लेटा है, उठ भी नहीं पा रहा है। चिकित्सकों की सलाह पर अमृत हाथी की मादा साथी रूपा को भी दूर कर दिया गया है। रेंजर सदन कुमार ने बताया कि अमृत के स्वास्थ्य पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है। इलाज जारी है, इसकी जानकारी ऊपर के अधिकारियों को हमेशा दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाल्मीकि टाइगर प्रोजेक्ट के मदनपुर रेंज में वन विभाग ने नर हाथी अमृत और मादा हाथी रूपा को रखा गया है। इन हाथियों की सहायता से वनकर्मी जंगल के दुर्गम स्थलों पर गश्त करते हैं। लगभग 40 वर्ष के हो चुके अमृत की तबीयत तीन माह पहले बिगड़ने लगी। इसकी सूचना वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और उपचार शुरू हुआ। एक माह पूर्व हाथी आक्रामक हो गया था और उसने अपने रहने के लिए बने शेड को तहस नहस कर डाला था। उसके बाद उसके दोनों पैरों में जंजीरें डाल दी गईं। इससे उसके पैरों में जख्म हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संजय गांधी प्राणि उद्यान पटना के चिकित्सक डॉ. अमरेंद्र बहादुर सिंह, स्थानीय चिकित्सक डॉ. एसवी राव इलाज में जुटे हैं। लेकिन तीन दिन से अमृत की हालत बिगड़ती जा रही है।
विज्ञापन
वह जमीन पर तीन दिन से लेटा है, उठ भी नहीं पा रहा है। चिकित्सकों की सलाह पर अमृत हाथी की मादा साथी रूपा को भी दूर कर दिया गया है। रेंजर सदन कुमार ने बताया कि अमृत के स्वास्थ्य पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है। इलाज जारी है, इसकी जानकारी ऊपर के अधिकारियों को हमेशा दी जा रही है।
विज्ञापन