फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   जंगल में पिकनिक मनाने पर पाबंदी

जंगल में पिकनिक मनाने पर पाबंदी

Wed, 01 Jan 2014 05:44 AM IST
Kushinagar
Kushinagar Updated Wed, 01 Jan 2014 05:44 AM IST
विज्ञापन
खड्डा। प्रदेश से सटे बिहार सीमा पर वाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट के जंगल में नव वर्ष के अवसर पर पिकनिक पर इस बार पाबंदी रहेगी। ऐसा वन्य जीवों और जंगल की हिफाजत के लिए किया गया है। इसके लिए वन विभाग ने पांच दिवसीय अभियान शुरू किया है। पिकनिक मनाते हुए पकड़े जाने पर जेल भी भेजा जा सकता है। वन क्षेत्र के एक किलोमीटर बाहर तक किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, लाउडस्पीकर, डीजे आदि का इस्तेमाल करने वालों को पकड़ने के लिए हथियारबंद जवानों को तैनात कर दिया गया है। इस अभियान की कमान डीएफओ स्तर के अधिकारियों को दी गई है।
विज्ञापन

वन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग नववर्ष पर आनंद उठाने पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, महराजगंज जनपदों से सटे बिहार प्रदेश के पश्चिमी चंपारण जिले में 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में वाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट का जंगल है। इसको दो प्रमंडल में बांटा गया है। दूसरे प्रमंडल में वाल्मीकिनगर, मदनपुर, गोनौली, हरनाटाड़, चिउरहां रेंज पड़ते हैं। इन जंगलों के सटे कई गांव बसे हैं। यह जंगल कुशीनगर जनपद के खड्डा थाना क्षेत्र से सटता है। जंगल में मदनपुर देवी स्थान सहित कई धार्मिक स्थान हैं। यहां लोग पिकनिक मनाने भी आते हैं। कानून के अनुसार इन जंगलों में किसी प्रकार के धार्मिक और अन्य आयोजन प्रतिबंधित हैं। फिर भी वन विभाग के लोग जनभावना का आदर करके आंख बंद कर लेते रहे हैं। जंगलों में पिकनिक मनाने के लिए पहली जनवरी को यहां पहुंच जाते हैं। इससे कई लोग हथियारों से लैसे होते हैं और चोरी-छिपे जानवरों का शिकार करते हैं। जंगलों में वनभोज का भी आयोजन होता है। इसमें डीजे, लाउडस्पीकर, शराब सब कुछ चलता है। आसपास के गांव के लोग चोरी-छिपे जाल लगाकर या अन्य पारंपरिक तरीके से जानवरों का शिकार मांस के लिए करते हैं। भोजन बनाकर जलती लकड़ी छोड़ देते हैं। इससे आग लगने की भी आशंका बढ़ जाती है। प्लास्टिक के बोतल, थैले, जूठे पत्तल से भी वन्यजीवन प्रभावित होता है और उनके सकून में खलल पड़ता है। इस वर्ष ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। वन विभाग के निदेशक संतोष तिवारी के अनुसार 30 दिसंबर से तीन जनवरी तक विशेष अभियान चलेगा। वन प्रमंडल में एक डीएफओ आलोक कुमार तथा वन प्रमंडल दो के डीएफओ नंदकिशोर की अगुवाई में दो टीमों का गठन किया गया है। जंगल के सभी चेक पोस्ट पर कड़ी जांच की जाएगी। वन क्षेत्रों में अलग से कोई टीमें बनाई गई हैं, जिनका नेतृत्व प्रशिक्षु डीएफओ नीरज नारायण और सत्यजीत करेंगे। इनके साथ हथियारों से लैस जवान भी इस दिन गश्त करेंगे। कोई भी जंगल में कानून का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया तो वन अधिनियम के तहत गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed