{"_id":"70-78637","slug":"Kushinagar-78637-70","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेखविनया माइनर में चार साल से नहीं आया पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेखविनया माइनर में चार साल से नहीं आया पानी
Kushinagar
Updated Sun, 22 Dec 2013 05:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
तुर्कपट्टी। कभी इलाके के खेतों की फसलों के लिए संजीवनी रही सेखवनिया माइनर में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। यह समस्या चार सालों से है, इसके बाद भी विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या के चलते बहुत से किसान ज्यादा सिंचाई वाली फसलों से मुंह मोड़ रहे हैं।
क्षेत्र के नौंगावा, माधोपुर, बेंदुआपार, नौका टोला, सेखवनिया, कोल्हुआ और रजवावर आदि गांवों के खेतों की सिंचाई सेखवनिया माइनर से होती है। भरपूर पानी की उपलब्धता के चलते किसान सब्जियों और गन्ने की खेती को प्राथमिकता देते थे। पर अब पानी की कमी के कारण किसान ऐसी फसलों से मुंह मोड़ रहे हैं। इससे किसानों का आर्थिक नुकसान हो रहा है। आठ किलोमीटर लंबी इस नहर में पानी आना तो दूर की बात है, इसकी सफाई तक नहीं हुई है। जबकि शासन 21 दिसंबर तक जिले की सभी नहरों में पानी छोड़ने की बात कह रहा है। क्षेत्र के महेंद्र गुप्ता, लालसा सिंह, बंशी गुप्ता, विश्वनाथ यादव और रामसेवक आदि का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आंदोलन किया जाएगा।
क्षेत्र के नौंगावा, माधोपुर, बेंदुआपार, नौका टोला, सेखवनिया, कोल्हुआ और रजवावर आदि गांवों के खेतों की सिंचाई सेखवनिया माइनर से होती है। भरपूर पानी की उपलब्धता के चलते किसान सब्जियों और गन्ने की खेती को प्राथमिकता देते थे। पर अब पानी की कमी के कारण किसान ऐसी फसलों से मुंह मोड़ रहे हैं। इससे किसानों का आर्थिक नुकसान हो रहा है। आठ किलोमीटर लंबी इस नहर में पानी आना तो दूर की बात है, इसकी सफाई तक नहीं हुई है। जबकि शासन 21 दिसंबर तक जिले की सभी नहरों में पानी छोड़ने की बात कह रहा है। क्षेत्र के महेंद्र गुप्ता, लालसा सिंह, बंशी गुप्ता, विश्वनाथ यादव और रामसेवक आदि का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन