{"_id":"70-78636","slug":"Kushinagar-78636-70","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑपरेशन के लिए नहीं आए डॉक्टर, मरीज निराश लौटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑपरेशन के लिए नहीं आए डॉक्टर, मरीज निराश लौटे
Kushinagar
Updated Sat, 21 Dec 2013 05:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पडरौना। नगर स्थित पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में शुक्रवार को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने आए मरीजों को निराश लौटना पड़ा। सभी जांच और तैयारी पूरी होने के बाद सिर्फ इसलिए आपरेशन नहीं हो पाए, क्योंकि जिला अस्पताल से डॉक्टर नहीं आए। पूरे दिन मरीज और तीमारदार परेशान हुए।
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में इसी माह के 13, 17 और 20 तारीख को मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए काफी प्रचार-प्रसार किया गया था। 13 और 17 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज से आई डॉक्टरों की टीम ने आपरेशन किया था। इनमें से कुछ मरीज ऐसे थे, जिनका ब्लडप्रेशर और शुगर बढ़ने के कारण तुरंत आपरेशन नहीं किया गया। ऐसे और अन्य बचे मरीजों का आपरेशन शुक्रवार को होना तय था। जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन सहित दो डॉक्टरों की टीम को यहां मरीजों की आंखों का आपरेशन करना था।
दुदही से आए बुजुर्ग रामेंद्र ने बताया कि वह कल भी आए थे। उनकी जांच की गई। आज आपरेशन के लिए बुलाया गया था। वह कपड़े आदि लेकर सुबह ही अस्पताल में आ गए थे। कर्मचारी ने आंखों में दवा भी डाल दी थी। आपरेशन की तैयारी पूरी हो गई थी। दोपहर बाद पता चला कि डॉक्टर नहीं आएंगे। इससे काफी निराशा हुई। खावखड्डा से आए बुजुर्ग शमीम ने बताया कि उन्हें ठीक से दिखाई नहीं देता। वह ठीक से चल भी नहीं पाते। मोतियाबिंद का आपरेशन करने के लिए बुलाया गया था। दूसरे से रुपये मांगकर यहां तक आया। आपरेशन के पहले आंखों में पड़ने वाली दवा डाली जा चुकी थी। दोपहर तक यही कहा जा रहा था कि डॉक्टर आने वाले हैं। दोपहर के बाद पता चला कि डॉक्टर नहीं आएंगे।
विज्ञापन
केवल छपरा की जिलेबी देवी, बटुली देवी भी परिवारीजनों के साथ आपरेशन कराने आई थीं। इन्हें भी निराश लौटना पड़ा। उन्हें इस बात का डर का था कि अब आगे आपरेशन कराने के पहले फिर से शुगर और ब्लडप्रेशर की जांच कराने के साथ ही दवाएं खानी पड़ सकती हैं। वहीं मरीजों के साथ आए तीमारदार डॉक्टर के नहीं आने से नाराज थे। कुछ तीमारदारों का आरोप था कि आपरेशन के लिए आने वाले डॉक्टर नगर में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। यहां आने पर उनकी एक दिन की प्रैक्टिस प्रभावित हो सकती थी, इसी कारण नहीं आए।
इस बारे में जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि वह आज इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। दूसरे डॉक्टर कसया सीएचसी गए थे। इस कारण ऑपरेशन करने नहीं आ पाए।
सीएमओ हरि गोविंद का कहना है जिले में डॉक्टर की कमी है। पहले गोरखपुर से टीम आकर ऑपरेशन करती थी। लेकिन इस बार डॉक्टर अन्य कामों में व्यस्त रहे। अगली बार से इस बात का गंभीरता से ध्यान रखा जाएगा। उनकी सुनिश्चितता के बाद ही ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की जाएगी।
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में इसी माह के 13, 17 और 20 तारीख को मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए काफी प्रचार-प्रसार किया गया था। 13 और 17 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज से आई डॉक्टरों की टीम ने आपरेशन किया था। इनमें से कुछ मरीज ऐसे थे, जिनका ब्लडप्रेशर और शुगर बढ़ने के कारण तुरंत आपरेशन नहीं किया गया। ऐसे और अन्य बचे मरीजों का आपरेशन शुक्रवार को होना तय था। जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन सहित दो डॉक्टरों की टीम को यहां मरीजों की आंखों का आपरेशन करना था।
विज्ञापन
दुदही से आए बुजुर्ग रामेंद्र ने बताया कि वह कल भी आए थे। उनकी जांच की गई। आज आपरेशन के लिए बुलाया गया था। वह कपड़े आदि लेकर सुबह ही अस्पताल में आ गए थे। कर्मचारी ने आंखों में दवा भी डाल दी थी। आपरेशन की तैयारी पूरी हो गई थी। दोपहर बाद पता चला कि डॉक्टर नहीं आएंगे। इससे काफी निराशा हुई। खावखड्डा से आए बुजुर्ग शमीम ने बताया कि उन्हें ठीक से दिखाई नहीं देता। वह ठीक से चल भी नहीं पाते। मोतियाबिंद का आपरेशन करने के लिए बुलाया गया था। दूसरे से रुपये मांगकर यहां तक आया। आपरेशन के पहले आंखों में पड़ने वाली दवा डाली जा चुकी थी। दोपहर तक यही कहा जा रहा था कि डॉक्टर आने वाले हैं। दोपहर के बाद पता चला कि डॉक्टर नहीं आएंगे।
विज्ञापन
केवल छपरा की जिलेबी देवी, बटुली देवी भी परिवारीजनों के साथ आपरेशन कराने आई थीं। इन्हें भी निराश लौटना पड़ा। उन्हें इस बात का डर का था कि अब आगे आपरेशन कराने के पहले फिर से शुगर और ब्लडप्रेशर की जांच कराने के साथ ही दवाएं खानी पड़ सकती हैं। वहीं मरीजों के साथ आए तीमारदार डॉक्टर के नहीं आने से नाराज थे। कुछ तीमारदारों का आरोप था कि आपरेशन के लिए आने वाले डॉक्टर नगर में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। यहां आने पर उनकी एक दिन की प्रैक्टिस प्रभावित हो सकती थी, इसी कारण नहीं आए।
इस बारे में जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि वह आज इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। दूसरे डॉक्टर कसया सीएचसी गए थे। इस कारण ऑपरेशन करने नहीं आ पाए।
सीएमओ हरि गोविंद का कहना है जिले में डॉक्टर की कमी है। पहले गोरखपुर से टीम आकर ऑपरेशन करती थी। लेकिन इस बार डॉक्टर अन्य कामों में व्यस्त रहे। अगली बार से इस बात का गंभीरता से ध्यान रखा जाएगा। उनकी सुनिश्चितता के बाद ही ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की जाएगी।