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आंखों के इलाज पर हड़ताली ताले
Kushinagar
Updated Tue, 19 Nov 2013 05:40 AM IST
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पडरौना। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले चल रही हड़ताल छठवें दिन सोमवार को भी जारी रही। इस दिन भी कई विभागों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। अस्पतालों में आप्टोमेट्रिक और लैब टेकिभनशियन भी काम नहीं किए। राज्य कर्मचारियों ने विकास भवन परिसर में धरना भी दिया। इस संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अब भी सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो 24 नवंबर से वे पल्स पोलियो अभियान का बहिष्कार कर देंगे।
अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए राज्य कर्मचारी 13 नवंबर से हड़ताल पर हैं। कामकाज ठप करके यह कर्मचारी विकास भवन में धरना दे रहे हैं। इनका कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर कार्य करने के बावजूद भेदभावपूर्व बर्ताव किया जा रहा है। वेतन विसंगतियां दूर करने सहित अपनी सभी मांगाें को लेकर हड़ताल पर उतरने कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। इस हड़ताल में विकास भवन, डीआरडीए, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य, श्रम, वन, उद्योग, कृषि, राजस्व, समाज कल्याण, पंचायती राज, वाणिज्य कर समेत कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। उधर राज्य कर्मचारियों के समर्थन में लैब टेकिभनशियन और नर्सें भी विरोध जता रही हैं। सोमवार को जिला अस्पताल के लैब टेकिभनशियन भी बाहरी मरीजों के ब्लड, शुगर, हीमोग्लोबिन आदि का परीक्षण नहीं किए। जिला अस्पताल व अन्य सरकारी चिकित्सालयों के आप्टोमेट्रिक भी हड़ताल पर रहे, जिसके कारण नेत्र जांच कराने आए लोगों को भी निराश लौटना पड़ा। सीएमओ कार्यालय में सभी कर्मचारियों का कक्ष पूरे दिन बंद रहा।
छठवें दिन की हड़ताल में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बहादुर प्रसाद पाल, परिषद के अध्यक्ष योगेंद्र द्विवेदी, मंत्री रवींद्र मिश्र, अरविंद तिवारी, विजय प्रकाश पांडेय, भगवंत राजभर, दिनेश कुशवाहा, मारकंडेय मल्ल, मुहम्मद जाने आलम, निमेश कुमार मिश्र, प्रभुनंद उपाध्याय, ध्रुवकुमार, दुर्गावती, शिवशंकर, अरविंद कुमार, शंभू, प्रमोद कुमार, दीनबंधु मद्धेशिया सहित कई कर्मचारी शामिल थे।
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अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए राज्य कर्मचारी 13 नवंबर से हड़ताल पर हैं। कामकाज ठप करके यह कर्मचारी विकास भवन में धरना दे रहे हैं। इनका कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर कार्य करने के बावजूद भेदभावपूर्व बर्ताव किया जा रहा है। वेतन विसंगतियां दूर करने सहित अपनी सभी मांगाें को लेकर हड़ताल पर उतरने कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। इस हड़ताल में विकास भवन, डीआरडीए, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य, श्रम, वन, उद्योग, कृषि, राजस्व, समाज कल्याण, पंचायती राज, वाणिज्य कर समेत कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। उधर राज्य कर्मचारियों के समर्थन में लैब टेकिभनशियन और नर्सें भी विरोध जता रही हैं। सोमवार को जिला अस्पताल के लैब टेकिभनशियन भी बाहरी मरीजों के ब्लड, शुगर, हीमोग्लोबिन आदि का परीक्षण नहीं किए। जिला अस्पताल व अन्य सरकारी चिकित्सालयों के आप्टोमेट्रिक भी हड़ताल पर रहे, जिसके कारण नेत्र जांच कराने आए लोगों को भी निराश लौटना पड़ा। सीएमओ कार्यालय में सभी कर्मचारियों का कक्ष पूरे दिन बंद रहा।
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छठवें दिन की हड़ताल में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बहादुर प्रसाद पाल, परिषद के अध्यक्ष योगेंद्र द्विवेदी, मंत्री रवींद्र मिश्र, अरविंद तिवारी, विजय प्रकाश पांडेय, भगवंत राजभर, दिनेश कुशवाहा, मारकंडेय मल्ल, मुहम्मद जाने आलम, निमेश कुमार मिश्र, प्रभुनंद उपाध्याय, ध्रुवकुमार, दुर्गावती, शिवशंकर, अरविंद कुमार, शंभू, प्रमोद कुमार, दीनबंधु मद्धेशिया सहित कई कर्मचारी शामिल थे।
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