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जिला योजना समिति की बैठक में हंगामा
Kushinagar
Updated Fri, 03 May 2013 05:30 AM IST
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पडरौना। बृहस्पतिवार को जिले के प्रभारी मंत्री वसीम अहमद की अध्यक्षता जिला योजना समिति की बैठक हुई। इसमें कुछ मामलों को लेकर सदस्यों ने हंगामा किया। बहस के बाद योजनाओं पर सहमति की मुहर लगाई गई।
ग्यारह बजे से जिला पंचायत सभागार में बैठक शुरू हुई। सदन के पटल पर 184.60 करोड़ रुपये परिव्यय का बजट रखा गया। सदस्यों ने कुछ पिछली परियोजनाओं के क्रियान्वयन में धांधली की शिकायत कर जांच की मांग की। क्षेत्र पंचायत सदस्य ब्रह्माशंकर चौधरी ने बताया कि सहकारिता विभाग ने एक ऐसी समिति को 15 टन खाद का आवंटन कर दिया, जिसका लाइसेंस डीएम ने निरस्त कर दिया था और वह पैक्सपेड की समिति भी नहीं है। प्रभारी मंत्री ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
गन्ना मूल्य बकाए के सवाल पर जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि 190 करोड़ रुपये बकाया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में गन्ना मूल्य इससे अधिक बकाया था और उसका भुगतान हमारी सरकार कर रही है। जिला पंचायत सदस्य ब्रह्माशंकर चौधरी ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों पर खाद की कालाबाजारी कर सात करोड़ रुपये घोटाला करने का आरोप लगाया। इस पर सदन में हंगामा हुआ। प्रभारी मंत्री ने डीएम को समिति बनाकर तीन महीने के अंदर जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। सदस्याें ने आरोप लगाया कि लोहिया ग्राम के चयन में शासन स्तर पर भेदभाव किया जा रहा है। केवल उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों में लोहिया ग्रामों का चयन किया जा रहा है, जहां से सपा विधायक हैं। सदस्यों की मांग पर विधान परिषद सदस्य संजीव कुमार द्विवेदी ने भी इस पर जवाब चाहा लेकिन अधिकारी एवं प्रभारी मंत्री ठीक जवाब नहीं दे पाए। इस पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस दौरान विधायक पूर्णमासी देहाती, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, गंगा सिंह कुशवाहा, प्रदीप जायसवाल, रामअवध यादव, विजय कुमार, मेंहदीहसन, अशोक सिंह आदि मौजूद थे।
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विधायक ने किया बैठक का बहिष्कार
पडरौना। तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू ने जिला योजना समिति की बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित रहता है। सड़क, अस्पताल, बिजली, पेयजल सहित कई परियोजनाओं की जरूरत है। लेकिन परियोजना तैयार करने से पूर्व कोई प्रस्ताव नहीं मांगा गया। आरोप लगाया कि जिन परियोजनाओं को स्वीकृत कराने का षड्यंत्र किया जा रहा है, वे किसकी हैं, यह किसी जनप्रतिनिधि को नहीं बताया जा रहा है। पिछले वर्ष के एजेंडे में शामिल परियोजनाओं को भी पूर्ण नहीं कराया गया। उधर, बैठक में कोई महिला सदस्य नहीं दिखीं। इस बात की भी चर्चा रही।
प्रस्तावित योजना
वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए जिला योजना के अंतर्गत 184.60 करोड़ रुपये परिव्यय का निर्धारण। जिला योजना में 42 परियोजनाओं के लिए धन आवंटन का प्रस्ताव। 127.30 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में रखे गए हैं, जो कुल परिव्यय का 68.96 प्रतिशत है। स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत परिव्यय का 30.66 प्रतिशत प्रस्तावित, जो 56.61 करोड़ रुपये है। सड़क एवं पुल के मद में सर्वाधिक परिव्यय 53.53 करोड़ रुपये प्रस्तावित, जो कुल परिव्यय का लगभग 29 प्रतिशत है।
प्रभारी मंत्री को ज्ञापन दिया
पडरौना। बृहस्पतिवार को जिला योजना समिति की बैठक में शामिल होने आए प्रभारी मंत्री वसीम अहमद को प्रेरक संघ ने तीन मांगों का ज्ञापन दिया। प्रेरकों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष जवाहर शर्मा, ब्लाक अध्यक्ष तेजबहादुर सिंह, त्रिलोकीनाथ तिवारी, युगुल किशोर यादव, सुशील श्रीवास्तव, ब्रजेंद्र कुमार सिंह, हरेंद्र कुमार, अनिल कुमार पटेल ने मांग की कि जिला लोक शिक्षा समिति के सचिव का चार्ज जिला विद्यालय निरीक्षक या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया जाए। जिला लोक शिक्षा समिति का कार्यालय सीडीओ की देखरेख में विकास भवन में स्थापित किया जाए। प्रेरकों का नवीनीकरण पूर्व सचिव के आदेश को आधार बनाकर किया जाए।
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ग्यारह बजे से जिला पंचायत सभागार में बैठक शुरू हुई। सदन के पटल पर 184.60 करोड़ रुपये परिव्यय का बजट रखा गया। सदस्यों ने कुछ पिछली परियोजनाओं के क्रियान्वयन में धांधली की शिकायत कर जांच की मांग की। क्षेत्र पंचायत सदस्य ब्रह्माशंकर चौधरी ने बताया कि सहकारिता विभाग ने एक ऐसी समिति को 15 टन खाद का आवंटन कर दिया, जिसका लाइसेंस डीएम ने निरस्त कर दिया था और वह पैक्सपेड की समिति भी नहीं है। प्रभारी मंत्री ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
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गन्ना मूल्य बकाए के सवाल पर जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि 190 करोड़ रुपये बकाया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में गन्ना मूल्य इससे अधिक बकाया था और उसका भुगतान हमारी सरकार कर रही है। जिला पंचायत सदस्य ब्रह्माशंकर चौधरी ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों पर खाद की कालाबाजारी कर सात करोड़ रुपये घोटाला करने का आरोप लगाया। इस पर सदन में हंगामा हुआ। प्रभारी मंत्री ने डीएम को समिति बनाकर तीन महीने के अंदर जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। सदस्याें ने आरोप लगाया कि लोहिया ग्राम के चयन में शासन स्तर पर भेदभाव किया जा रहा है। केवल उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों में लोहिया ग्रामों का चयन किया जा रहा है, जहां से सपा विधायक हैं। सदस्यों की मांग पर विधान परिषद सदस्य संजीव कुमार द्विवेदी ने भी इस पर जवाब चाहा लेकिन अधिकारी एवं प्रभारी मंत्री ठीक जवाब नहीं दे पाए। इस पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस दौरान विधायक पूर्णमासी देहाती, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, गंगा सिंह कुशवाहा, प्रदीप जायसवाल, रामअवध यादव, विजय कुमार, मेंहदीहसन, अशोक सिंह आदि मौजूद थे।
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विधायक ने किया बैठक का बहिष्कार
पडरौना। तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू ने जिला योजना समिति की बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित रहता है। सड़क, अस्पताल, बिजली, पेयजल सहित कई परियोजनाओं की जरूरत है। लेकिन परियोजना तैयार करने से पूर्व कोई प्रस्ताव नहीं मांगा गया। आरोप लगाया कि जिन परियोजनाओं को स्वीकृत कराने का षड्यंत्र किया जा रहा है, वे किसकी हैं, यह किसी जनप्रतिनिधि को नहीं बताया जा रहा है। पिछले वर्ष के एजेंडे में शामिल परियोजनाओं को भी पूर्ण नहीं कराया गया। उधर, बैठक में कोई महिला सदस्य नहीं दिखीं। इस बात की भी चर्चा रही।
प्रस्तावित योजना
वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए जिला योजना के अंतर्गत 184.60 करोड़ रुपये परिव्यय का निर्धारण। जिला योजना में 42 परियोजनाओं के लिए धन आवंटन का प्रस्ताव। 127.30 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में रखे गए हैं, जो कुल परिव्यय का 68.96 प्रतिशत है। स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत परिव्यय का 30.66 प्रतिशत प्रस्तावित, जो 56.61 करोड़ रुपये है। सड़क एवं पुल के मद में सर्वाधिक परिव्यय 53.53 करोड़ रुपये प्रस्तावित, जो कुल परिव्यय का लगभग 29 प्रतिशत है।
प्रभारी मंत्री को ज्ञापन दिया
पडरौना। बृहस्पतिवार को जिला योजना समिति की बैठक में शामिल होने आए प्रभारी मंत्री वसीम अहमद को प्रेरक संघ ने तीन मांगों का ज्ञापन दिया। प्रेरकों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष जवाहर शर्मा, ब्लाक अध्यक्ष तेजबहादुर सिंह, त्रिलोकीनाथ तिवारी, युगुल किशोर यादव, सुशील श्रीवास्तव, ब्रजेंद्र कुमार सिंह, हरेंद्र कुमार, अनिल कुमार पटेल ने मांग की कि जिला लोक शिक्षा समिति के सचिव का चार्ज जिला विद्यालय निरीक्षक या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया जाए। जिला लोक शिक्षा समिति का कार्यालय सीडीओ की देखरेख में विकास भवन में स्थापित किया जाए। प्रेरकों का नवीनीकरण पूर्व सचिव के आदेश को आधार बनाकर किया जाए।