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मांगें मनवाने के लिए धरना
Kushinagar
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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पडरौना। एफडीआई, महंगाई और लाभकारी गन्ना मूल्य समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर भाजपा ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। दिन भर चला यह आंदोलन शाम को ज्ञापन देकर समाप्त हुआ।
धरनास्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय संयोजक समीर सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बनी हुई हैं। जनता की समस्याओं पर न तो केंद्र सरकार का ध्यान है न ही प्रदेश सरकार का। गन्ना किसान खून के आंसू रो रहे हैं। अपराधों में बेतहाशा वृद्धि के चलते आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
जिलाध्यक्ष लल्लन मिश्र ने कहा कि किसान और आम आदमी परेशान है। महंगाई ने लोगों के सामने रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। अपराधों में बेतहाशा वृद्धि हुई है लेकिन प्रशासन अपराधियों पर नकेल नहीं कस पा रहा है। मारकंडेय शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार चीनी मिल मालिकों पर मिल चलाने के लिए दबाव नहीं बना पा रही है। इसके चलते गन्ना किसान औने-पौने दाम पर गन्ना बेच रहे हैं। अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि नवंबर का आधा महीना बीत जाने के बाद भी धान क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं शुरू हो पाई है। दिन भर चला यह धरना प्रदर्शन शाम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर समाप्त हुआ। ज्ञापन में खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के निर्णय को निरस्त करने, महंगाई रोकने में अक्षम केंद्र सरकार को बर्खास्त करने, गन्ने का लाभकारी मूल्य 400 रुपये प्रति कुंटल घोषित करते हुए मिलों का पेराई सत्र शुरू कराने, धान क्रय केंद्रों को चालू कराने, पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित कराने, बकाया गन्ना मूल्य और डीफर का भगुतान कराने, गन्ने की फसल में लग रहे सफेद कीटों की विशेषज्ञों से जांच कराकर कीट नियंत्रण के उपाय करने, नहरों और राजकीय नलकूपों की मरम्मत कराकर सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, कानून व्यवस्था की हालत सुधारने तथा मानवाधिकारों हनन और पुलिस उत्पीड़न के मामलों की पारदर्शी जांच की व्यवस्था कराने की मांगें शामिल हैं। इस दौरान प्रमोद पांडेय, प्रदीप पांडेय, हिमांशु शेखरन गोपाल, राजेश तिवारी, राधेश्याम गोंड़ समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
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धरनास्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय संयोजक समीर सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बनी हुई हैं। जनता की समस्याओं पर न तो केंद्र सरकार का ध्यान है न ही प्रदेश सरकार का। गन्ना किसान खून के आंसू रो रहे हैं। अपराधों में बेतहाशा वृद्धि के चलते आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
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जिलाध्यक्ष लल्लन मिश्र ने कहा कि किसान और आम आदमी परेशान है। महंगाई ने लोगों के सामने रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। अपराधों में बेतहाशा वृद्धि हुई है लेकिन प्रशासन अपराधियों पर नकेल नहीं कस पा रहा है। मारकंडेय शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार चीनी मिल मालिकों पर मिल चलाने के लिए दबाव नहीं बना पा रही है। इसके चलते गन्ना किसान औने-पौने दाम पर गन्ना बेच रहे हैं। अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि नवंबर का आधा महीना बीत जाने के बाद भी धान क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं शुरू हो पाई है। दिन भर चला यह धरना प्रदर्शन शाम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर समाप्त हुआ। ज्ञापन में खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के निर्णय को निरस्त करने, महंगाई रोकने में अक्षम केंद्र सरकार को बर्खास्त करने, गन्ने का लाभकारी मूल्य 400 रुपये प्रति कुंटल घोषित करते हुए मिलों का पेराई सत्र शुरू कराने, धान क्रय केंद्रों को चालू कराने, पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित कराने, बकाया गन्ना मूल्य और डीफर का भगुतान कराने, गन्ने की फसल में लग रहे सफेद कीटों की विशेषज्ञों से जांच कराकर कीट नियंत्रण के उपाय करने, नहरों और राजकीय नलकूपों की मरम्मत कराकर सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, कानून व्यवस्था की हालत सुधारने तथा मानवाधिकारों हनन और पुलिस उत्पीड़न के मामलों की पारदर्शी जांच की व्यवस्था कराने की मांगें शामिल हैं। इस दौरान प्रमोद पांडेय, प्रदीप पांडेय, हिमांशु शेखरन गोपाल, राजेश तिवारी, राधेश्याम गोंड़ समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
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