{"_id":"70-53205","slug":"Kushinagar-53205-70","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य सुरक्षा आयोग के गठन की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य सुरक्षा आयोग के गठन की मांग
Kushinagar
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
पडरौना। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं सीनियर एडवोकेट जगदीश चंद्र श्रीवास्तव ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जल्द राज्य सुरक्षा आयोग के गठन की मांग की है।
एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जगदीश चंद्र श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री समेत अन्य संबंधित जिम्मेदारों को पत्र भेजकर बताया है कि 1861 में पुलिस एक्ट बनाया गया। भारतीय संविधान लागू होने के 62 वर्षों बाद भी बदले आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक परिस्थितियों में मौलिक अधिकारों की रक्षा करते हुए कानून के शासन की स्थापना के लिए प्रभावी पुलिस तंत्र नहीं है। यही कारण है कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2006 में प्रकाश सिंह बनाम यूनियन आफ इंडिया में आजाद भारत के लिए नया पुलिस एक्ट बनाने का निर्देश दिया था। नए एक्ट के लागू होने तक सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सुरक्षा आयोग के गठन का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि राज्य सुरक्षा आयोग का गठन नहीं होने से कानून का शासन पुस्तकों में ही रह गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द राज्य सुरक्षा आयोग का गठन किया जाए।
विज्ञापन
एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जगदीश चंद्र श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री समेत अन्य संबंधित जिम्मेदारों को पत्र भेजकर बताया है कि 1861 में पुलिस एक्ट बनाया गया। भारतीय संविधान लागू होने के 62 वर्षों बाद भी बदले आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक परिस्थितियों में मौलिक अधिकारों की रक्षा करते हुए कानून के शासन की स्थापना के लिए प्रभावी पुलिस तंत्र नहीं है। यही कारण है कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2006 में प्रकाश सिंह बनाम यूनियन आफ इंडिया में आजाद भारत के लिए नया पुलिस एक्ट बनाने का निर्देश दिया था। नए एक्ट के लागू होने तक सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सुरक्षा आयोग के गठन का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि राज्य सुरक्षा आयोग का गठन नहीं होने से कानून का शासन पुस्तकों में ही रह गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द राज्य सुरक्षा आयोग का गठन किया जाए।
विज्ञापन